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Faridabad News: शुरू होने से पहले ही नाइट फूड स्ट्रीट पर चला एचएसवीपी का बुलडोजर
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नक्शे को अनदेखा कर किया गया था दुकानों का निर्माण, दुकानदारों को हुआ लाखों का नुकसान
स्टील स्ट्रक्टर की जगह लिंटर व गर्डर, पटिया डालकर बना ली गईं थीं दुकानें
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर-16 में एचएसवीपी की तरफ से बनाई गई 24 दुकानों पर बुलडोजर चला दिया गया। सभी दुकानों की दीवारें व छतें तोड़ दी गईं। एचसएवीपी की तरफ से जिले में पहली नाइट स्ट्रीट फूड शुरू की जा रही थी। लेकिन दुकान मालिकों ने दिए गए नक्शे को अनदेखा कर नियमों को तोड़ते हुए दुकानों का निर्माण कर लिया।
विभाग व दुकान मालिकों में समन्वय न होने के चलते दुकानदारों का लाखों रुपये का सामान मलबे में दबकर खराब हो गया। दुकानदारों का कहना है विभाग की तरफ से उन्हें सामान निकालने का समय नहीं दिया गया और न ही कोई सूचना दी गई थी।
कुछ साल पहले तक सेक्टर 16 में एचएसपीवी की जमीन पर पार्किंग व कुछ रेहड़ियां लगती थीं। इसके बाद एचएसवीपी की तरफ से यहां पर नाइट फूड स्ट्रीट खोलने का फैसला लिया गया और बोली लगाकर दुकानों की जगह को अलॉट कर दिया गया। 30 से 40 लाख की बोली लगाकर लोगों ने दुकानों की जगह खरीद ली। विभाग की तरफ से कुल 24 दुकानें बनाने की अनुमति थी। दुकानों में पीछे 10 फीट जगह तंदूर के लिए भी छोड़नी थी। वहीं नाइट फूड स्ट्रीट में पार्किंग, पेड़-पौधे व फाउंटेन भी बनाया गया था ताकि दुकानों की शोभा बढ़ाई जा सके।
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करीब 6 माह में सभी दुकान मालिकों ने दुकानें बना ली लेकिन दुकानें बनाते समय नियमों का ध्यान नहीं रखा गया। विभाग की तरफ से स्टील स्ट्रक्चर की दुकानें बनाने व दुकानों के पीछे तंदूर के लिए 10 फीट जगह छोड़नी थी लेकिन दुकान मालिकों ने ईंट की दीवार बनाकर ऊपर गर्डर-पटिया डाल दीं वहीं चार दुकानों पर लिंटर डालकर पक्के भवन बना दिए गए। नाइट फूड स्ट्रीट में बनाई गई सभी दुकानों को दुकान मालिकों ने किराये पर दे दिया इसके बाद दुकानदारों ने यहां पर अपना सामान रख कर दुकान खोलने की तैयारी शुरू कर दी।
मंगलवार को अचानक पहुंचे एचएसवीपी के तोड़-फोड़ दस्ते ने दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया । बुधवार शाम तक तोड़-फोड़ जारी रही। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें सामान निकालने तक का समय नहीं दिया गया । उनका लाखों का सामान दुकान के मलबे में दब गया उनका कहना है कि उनकी कोई गलती नहीं है । दुकान मालिकों से किराये पर दुकानें ली थीं उन्हें न ही विभाग की तरफ से कोई सूचना दी गई न ही दुकान मालिकों ने कुछ बताया। बिना किसी कारण से उनका लाखों रुपये का नुकसान हो गया।
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हमने दुकान खोलकर सामान रखना शुरू कर दिया था। कुछ दिन में दुकान शुरू कर देते लेकिन अचानक पहुंची टीम ने हमारी दुकान को तोड़ दिया । मेरी एलईडी व अन्य सभी सामान मलबे में दबा हुआ है लाखों रुपये का नुकसान हो गया। - आनंद सिंह
हम लोगों को कोई सूचना नहीं दी गई थी । अचानक पहुंचे तोड़-फोड़ दस्ते ने दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया। हमारी कोई गलती नहीं थी फिर भी हमारा काफी नुकसान हो गया इसकी भरपाई कौन करेगा। - पंकज
हमने कोई अतिक्रमण नहीं किया था न ही कुछ कब्जा किया था । अगर एक बार सूचना दे दी जाती तो हम अपना सामान हटा लेते। हमें बिना किसी गलती के परेशान किया जा रहा है। - पराग
दुकान मालिकों और विभाग के बीच आपसी समन्वय नहीं था। इसमें हमारी कोई गलती नहीं है । हम लोगों का सामान मलबे के बीच दबा हुआ है । हम कोशिश करके अपना छोटा-मोटा सामान बचाने में लग रहे हैं । - शिव कुमार
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दुकान मालिकों ने नियमों का पालन करके दुकानें नहीं बनाई थीं। यहां पर पक्की दुकानें बना दी गई, इसलिए कार्रवाई की गई है।
राजपाल, एसडीओ एचएसवीपी
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स्टील स्ट्रक्टर की जगह लिंटर व गर्डर, पटिया डालकर बना ली गईं थीं दुकानें
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर-16 में एचएसवीपी की तरफ से बनाई गई 24 दुकानों पर बुलडोजर चला दिया गया। सभी दुकानों की दीवारें व छतें तोड़ दी गईं। एचसएवीपी की तरफ से जिले में पहली नाइट स्ट्रीट फूड शुरू की जा रही थी। लेकिन दुकान मालिकों ने दिए गए नक्शे को अनदेखा कर नियमों को तोड़ते हुए दुकानों का निर्माण कर लिया।
विभाग व दुकान मालिकों में समन्वय न होने के चलते दुकानदारों का लाखों रुपये का सामान मलबे में दबकर खराब हो गया। दुकानदारों का कहना है विभाग की तरफ से उन्हें सामान निकालने का समय नहीं दिया गया और न ही कोई सूचना दी गई थी।
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कुछ साल पहले तक सेक्टर 16 में एचएसपीवी की जमीन पर पार्किंग व कुछ रेहड़ियां लगती थीं। इसके बाद एचएसवीपी की तरफ से यहां पर नाइट फूड स्ट्रीट खोलने का फैसला लिया गया और बोली लगाकर दुकानों की जगह को अलॉट कर दिया गया। 30 से 40 लाख की बोली लगाकर लोगों ने दुकानों की जगह खरीद ली। विभाग की तरफ से कुल 24 दुकानें बनाने की अनुमति थी। दुकानों में पीछे 10 फीट जगह तंदूर के लिए भी छोड़नी थी। वहीं नाइट फूड स्ट्रीट में पार्किंग, पेड़-पौधे व फाउंटेन भी बनाया गया था ताकि दुकानों की शोभा बढ़ाई जा सके।
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करीब 6 माह में सभी दुकान मालिकों ने दुकानें बना ली लेकिन दुकानें बनाते समय नियमों का ध्यान नहीं रखा गया। विभाग की तरफ से स्टील स्ट्रक्चर की दुकानें बनाने व दुकानों के पीछे तंदूर के लिए 10 फीट जगह छोड़नी थी लेकिन दुकान मालिकों ने ईंट की दीवार बनाकर ऊपर गर्डर-पटिया डाल दीं वहीं चार दुकानों पर लिंटर डालकर पक्के भवन बना दिए गए। नाइट फूड स्ट्रीट में बनाई गई सभी दुकानों को दुकान मालिकों ने किराये पर दे दिया इसके बाद दुकानदारों ने यहां पर अपना सामान रख कर दुकान खोलने की तैयारी शुरू कर दी।
मंगलवार को अचानक पहुंचे एचएसवीपी के तोड़-फोड़ दस्ते ने दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया । बुधवार शाम तक तोड़-फोड़ जारी रही। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें सामान निकालने तक का समय नहीं दिया गया । उनका लाखों का सामान दुकान के मलबे में दब गया उनका कहना है कि उनकी कोई गलती नहीं है । दुकान मालिकों से किराये पर दुकानें ली थीं उन्हें न ही विभाग की तरफ से कोई सूचना दी गई न ही दुकान मालिकों ने कुछ बताया। बिना किसी कारण से उनका लाखों रुपये का नुकसान हो गया।
हमने दुकान खोलकर सामान रखना शुरू कर दिया था। कुछ दिन में दुकान शुरू कर देते लेकिन अचानक पहुंची टीम ने हमारी दुकान को तोड़ दिया । मेरी एलईडी व अन्य सभी सामान मलबे में दबा हुआ है लाखों रुपये का नुकसान हो गया। - आनंद सिंह
हम लोगों को कोई सूचना नहीं दी गई थी । अचानक पहुंचे तोड़-फोड़ दस्ते ने दुकानों को तोड़ना शुरू कर दिया। हमारी कोई गलती नहीं थी फिर भी हमारा काफी नुकसान हो गया इसकी भरपाई कौन करेगा। - पंकज
हमने कोई अतिक्रमण नहीं किया था न ही कुछ कब्जा किया था । अगर एक बार सूचना दे दी जाती तो हम अपना सामान हटा लेते। हमें बिना किसी गलती के परेशान किया जा रहा है। - पराग
दुकान मालिकों और विभाग के बीच आपसी समन्वय नहीं था। इसमें हमारी कोई गलती नहीं है । हम लोगों का सामान मलबे के बीच दबा हुआ है । हम कोशिश करके अपना छोटा-मोटा सामान बचाने में लग रहे हैं । - शिव कुमार
दुकान मालिकों ने नियमों का पालन करके दुकानें नहीं बनाई थीं। यहां पर पक्की दुकानें बना दी गई, इसलिए कार्रवाई की गई है।
राजपाल, एसडीओ एचएसवीपी