{"_id":"6a0cb5e1df945dbdfc040dec","slug":"hope-for-relief-from-dog-menace-faridabad-news-c-26-1-fbd1021-70392-2026-05-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: कुत्तों के आतंक से राहत मिलने की जगी उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: कुत्तों के आतंक से राहत मिलने की जगी उम्मीद
विज्ञापन
लोगों की सुरक्षा के लिए खतरनाक कुत्तों को मौत का इंजेक्शन देने के सुप्रीम आदेश पर छिड़ बहस
सचिन कुमार
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी फरीदाबाद समेत देशभर में लावारिस कुत्तों के बढ़ते हमलों, बच्चों की सुरक्षा और मानव जीवन के अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश ने नई बहस छेड़ दी है। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने स्पष्ट किया है कि रेबीज से पीड़ित, लाइलाज रूप से बीमार या अत्यधिक आक्रामक और खतरनाक हो चुके कुत्तों को जरूरत पड़ने पर मानवीय तरीके से इच्छा-मृत्यु दी जा सकती है।
अदालत ने संविधान के अनुच्छेद-21 का हवाला देते हुए कहा कि नागरिकों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सर्वोपरि हैं व लोगों को बिना भय सार्वजनिक स्थानों पर चलने का अधिकार है। कोर्ट के इस आदेश के बाद फरीदाबाद में आरडब्ल्यूए, स्थानीय नागरिकों, पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों के बीच बहस तेज हो गई है। कई आरडब्ल्यूए और निवासी लगातार बढ़ते डॉग बाइट के मामलों और रेबीज के खतरे को देखते हुए फैसले को जनहित में जरूरी बता रहे हैं, जबकि पशु अधिकार संगठनों का कहना है कि समस्या का समाधान बड़े स्तर पर नसबंदी, टीकाकरण और वैज्ञानिक पुनर्वास से होना चाहिए, न कि किसी जीव की जान लेकर। सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर 2025 के आदेश को बरकरार रखते हुए राहत की सभी याचिकाएं खारिज कर दीं। कोर्ट ने स्कूल, अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और खेल परिसरों से आवारा कुत्तों को हटाने के निर्देश दिए हैं। नसबंदी और टीकाकरण के बाद भी इन्हें दोबारा वहीं नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि स्थायी रूप से शेल्टर होम में रखा जाएगा।
लोगों से बातचीत
यह बिल्कुल गलत है। इस समस्या पर पहले ध्यान नहीं दिया गया और अब जब संख्या अधिक बढ़ गई तो उन्हें मारना उचित समझा जा रहा है। यह बेजुबानों के साथ धोखा है। - महावीर बिश्नोई, सेक्टर-18
विज्ञापन
कुत्तों को भगवान ने जीवन दिया है। उन्हें मारने का अधिकार हमारे पास नहीं है। यदि कुत्ते बीमार हो रहे हैं, तो सरकार उनका इलाज कराए न की उनको मारा जाए। - शिव कुमार, सेक्टर - 10
यदि कुत्ते बीमार और हिंसक हो रहे हैं तो सरकार इलाज कराए। कुत्तों की नसबंदी की जानी चाहिए, जिससे उनकी तेजी से बढ़ती संख्या को रोका जा सके। - युगल किशोर, सेक्टर-21
शहर में 50 हजार से ज्यादा लावारिस कुत्ते
फरीदाबाद में इस समय करीब 50 हजार से अधिक लावारिस कुत्ते गलियों, बाजारों और मुख्य सड़कों पर घूम रहे हैं। लगातार बढ़ रहे डॉग बाइट मामलों और रेबीज के खतरे ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आरडब्ल्यूए और स्थानीय निवासी लंबे समय से कुत्तों की नसबंदी, पुनर्वास करने की मांग उठा रहे हैं।
तीन साल में 83 हजार से ज्यादा लोगों को कुत्तों ने काटा
फरीदाबाद में डॉग बाइट के लगातार बढ़ते मामलों के बीच यह आदेश बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग और बीके अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में 21,600 लोग, वर्ष 2024 में 23,215 लोग और वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 28,478 लोग कुत्तों के हमले का शिकार हुए। इस वर्ष 2026 में अब तक करीब 10 हजार मामले सामने आ चुके हैं। अकेले दिसंबर 2025 में रिकॉर्ड 2,408 लोगों को कुत्तों ने काटा था। बीके अस्पताल में रोजाना औसतन 70 से अधिक लोग एंटी-रेबीज इंजेक्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
भूपानी में 1.78 करोड़ से बनेगा 1000 की क्षमता वाला डॉग शेल्टर
नगर निगम ने भूपानी गांव में गोशाला के पास एक एकड़ जमीन पर आधुनिक डॉग शेल्टर बनाने की परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है और ये आठ महीने में तैयार होगा। करीब 1.78 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह शेल्टर शहर का पहला संगठित केंद्र होगा, जहां 1000 बेसहारा कुत्तों के रखरखाव, नसबंदी और नियमित टीकाकरण की समुचित व्यवस्था की जाएगी।
फरीदाबाद में कुत्तों के काटने की प्रमुख घटनाएं
15 मई 2026: घर के बाहर खेल रही पांच साल की मासूम लवण्या पर पड़ोसी के तीन पालतू कुत्तों ने हमला कर उसकी पीठ, पैर और कमर को बुरी तरह नोच कर मांस निकाल डाला।
28 दिसंबर 2025: बल्लभगढ़ के एक पार्क के पास काम कर रहे सलमान नाम के युवक पर स्ट्रीट डॉग्स के झुंड ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया था।
14 दिसंबर 2025: एनआईटी क्षेत्र में दीप चंद के दो मासूम बच्चों (दक्ष और महक) को आवारा कुत्तों ने बुरी तरह नोचकर लहूलुहान कर दिया था।
21 नवंबर 2025: फतेहपुर चंदीला की गली में आवारा कुत्तों ने घर के बाहर खड़ी किरण नाम की महिला पर हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था।
10 अगस्त 2025: ग्रेटर फरीदाबाद की ओमेक्स न्यू डिस्टा सोसायटी में डॉग फीडिंग विवाद को लेकर आरडब्ल्यूए और एक महिला के बीच तीखी झड़प के बाद 1.25 लाख का भारी जुर्माना लगाया गया था।
3 अक्तूबर 2024: फरीदाबाद के एक इलाके में पालतू पिटबुल ने अपने ही 22 वर्षीय मालिक के कान को काटकर शरीर से लगभग अलग कर दिया था।
1 मई 2023: अनंगपुर गांव में पड़ोसी के हिंसक पिटबुल कुत्ते ने 55 वर्षीय बुजुर्ग महिला सुमरती को बेरहमी से नोचकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
विज्ञापन
सचिन कुमार
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी फरीदाबाद समेत देशभर में लावारिस कुत्तों के बढ़ते हमलों, बच्चों की सुरक्षा और मानव जीवन के अधिकार को लेकर सुप्रीम कोर्ट के ताजा आदेश ने नई बहस छेड़ दी है। जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने स्पष्ट किया है कि रेबीज से पीड़ित, लाइलाज रूप से बीमार या अत्यधिक आक्रामक और खतरनाक हो चुके कुत्तों को जरूरत पड़ने पर मानवीय तरीके से इच्छा-मृत्यु दी जा सकती है।
अदालत ने संविधान के अनुच्छेद-21 का हवाला देते हुए कहा कि नागरिकों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा सर्वोपरि हैं व लोगों को बिना भय सार्वजनिक स्थानों पर चलने का अधिकार है। कोर्ट के इस आदेश के बाद फरीदाबाद में आरडब्ल्यूए, स्थानीय नागरिकों, पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों के बीच बहस तेज हो गई है। कई आरडब्ल्यूए और निवासी लगातार बढ़ते डॉग बाइट के मामलों और रेबीज के खतरे को देखते हुए फैसले को जनहित में जरूरी बता रहे हैं, जबकि पशु अधिकार संगठनों का कहना है कि समस्या का समाधान बड़े स्तर पर नसबंदी, टीकाकरण और वैज्ञानिक पुनर्वास से होना चाहिए, न कि किसी जीव की जान लेकर। सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर 2025 के आदेश को बरकरार रखते हुए राहत की सभी याचिकाएं खारिज कर दीं। कोर्ट ने स्कूल, अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और खेल परिसरों से आवारा कुत्तों को हटाने के निर्देश दिए हैं। नसबंदी और टीकाकरण के बाद भी इन्हें दोबारा वहीं नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि स्थायी रूप से शेल्टर होम में रखा जाएगा।
विज्ञापन
लोगों से बातचीत
यह बिल्कुल गलत है। इस समस्या पर पहले ध्यान नहीं दिया गया और अब जब संख्या अधिक बढ़ गई तो उन्हें मारना उचित समझा जा रहा है। यह बेजुबानों के साथ धोखा है। - महावीर बिश्नोई, सेक्टर-18
विज्ञापन
कुत्तों को भगवान ने जीवन दिया है। उन्हें मारने का अधिकार हमारे पास नहीं है। यदि कुत्ते बीमार हो रहे हैं, तो सरकार उनका इलाज कराए न की उनको मारा जाए। - शिव कुमार, सेक्टर - 10
यदि कुत्ते बीमार और हिंसक हो रहे हैं तो सरकार इलाज कराए। कुत्तों की नसबंदी की जानी चाहिए, जिससे उनकी तेजी से बढ़ती संख्या को रोका जा सके। - युगल किशोर, सेक्टर-21
शहर में 50 हजार से ज्यादा लावारिस कुत्ते
फरीदाबाद में इस समय करीब 50 हजार से अधिक लावारिस कुत्ते गलियों, बाजारों और मुख्य सड़कों पर घूम रहे हैं। लगातार बढ़ रहे डॉग बाइट मामलों और रेबीज के खतरे ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आरडब्ल्यूए और स्थानीय निवासी लंबे समय से कुत्तों की नसबंदी, पुनर्वास करने की मांग उठा रहे हैं।
तीन साल में 83 हजार से ज्यादा लोगों को कुत्तों ने काटा
फरीदाबाद में डॉग बाइट के लगातार बढ़ते मामलों के बीच यह आदेश बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग और बीके अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023 में 21,600 लोग, वर्ष 2024 में 23,215 लोग और वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 28,478 लोग कुत्तों के हमले का शिकार हुए। इस वर्ष 2026 में अब तक करीब 10 हजार मामले सामने आ चुके हैं। अकेले दिसंबर 2025 में रिकॉर्ड 2,408 लोगों को कुत्तों ने काटा था। बीके अस्पताल में रोजाना औसतन 70 से अधिक लोग एंटी-रेबीज इंजेक्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
भूपानी में 1.78 करोड़ से बनेगा 1000 की क्षमता वाला डॉग शेल्टर
नगर निगम ने भूपानी गांव में गोशाला के पास एक एकड़ जमीन पर आधुनिक डॉग शेल्टर बनाने की परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है और ये आठ महीने में तैयार होगा। करीब 1.78 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह शेल्टर शहर का पहला संगठित केंद्र होगा, जहां 1000 बेसहारा कुत्तों के रखरखाव, नसबंदी और नियमित टीकाकरण की समुचित व्यवस्था की जाएगी।
फरीदाबाद में कुत्तों के काटने की प्रमुख घटनाएं
15 मई 2026: घर के बाहर खेल रही पांच साल की मासूम लवण्या पर पड़ोसी के तीन पालतू कुत्तों ने हमला कर उसकी पीठ, पैर और कमर को बुरी तरह नोच कर मांस निकाल डाला।
28 दिसंबर 2025: बल्लभगढ़ के एक पार्क के पास काम कर रहे सलमान नाम के युवक पर स्ट्रीट डॉग्स के झुंड ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया था।
14 दिसंबर 2025: एनआईटी क्षेत्र में दीप चंद के दो मासूम बच्चों (दक्ष और महक) को आवारा कुत्तों ने बुरी तरह नोचकर लहूलुहान कर दिया था।
21 नवंबर 2025: फतेहपुर चंदीला की गली में आवारा कुत्तों ने घर के बाहर खड़ी किरण नाम की महिला पर हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था।
10 अगस्त 2025: ग्रेटर फरीदाबाद की ओमेक्स न्यू डिस्टा सोसायटी में डॉग फीडिंग विवाद को लेकर आरडब्ल्यूए और एक महिला के बीच तीखी झड़प के बाद 1.25 लाख का भारी जुर्माना लगाया गया था।
3 अक्तूबर 2024: फरीदाबाद के एक इलाके में पालतू पिटबुल ने अपने ही 22 वर्षीय मालिक के कान को काटकर शरीर से लगभग अलग कर दिया था।
1 मई 2023: अनंगपुर गांव में पड़ोसी के हिंसक पिटबुल कुत्ते ने 55 वर्षीय बुजुर्ग महिला सुमरती को बेरहमी से नोचकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था।