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Faridabad News: दिव्यांग को थाने में निर्वस्त्र कर पीटने के आरोप में गृह विभाग पर 50 हजार का जुर्माना

Thu, 24 Jul 2025 12:26 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 24 Jul 2025 12:26 AM IST
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Home department fined Rs 50,000 for stripping and beating a handicapped person in police station
जुर्माने की राशि आरोपी पुलिसकर्मियों से वसूलने के आदेश
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मानवाधिकार आयोग ने लगाया जुर्माना, मई 2021 का मामला बताकर आयोग को दी गई थी शिकायत

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सारन थाना परिसर में दिव्यांग सीए को निर्वस्त्र कर पीटने और वीडियो बनाने के मामले में मानव अधिकार आयोग ने कार्रवाई की है। आयोग ने राज्य के गृह विभाग पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आदेश में ये भी स्पष्ट किया गया है कि जुर्माने की राशि को आरोपी पुलिस कर्मी एएसआई जगवती और कांस्टेबल राकेश कुमार से वसूला जाए और पीड़ित को दिया जाए।

मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा, सदस्य कुलदीप जैन और दीप भाटिया ने यह आदेश दिया है। आरोप है कि दोनों पुलिस कर्मियों ने पीड़ित के साथ साल-2021 में ये व्यवहार किया था। प्रोटोकॉल, सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि 24 मई 2021 को सीए को पुलिस ने आपराधिक मामले में गिरफ्तार किया और उन्हें सारन थाने में रखा गया। सारन थाना परिसर में पुलिस हिरासत के दौरान सीएम को अर्धनग्न कर फोटो और वीडियो बनाए गए। बाद में उन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।
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मामला संज्ञान में आने के बाद आयोग ने जांच शुरू की तो पाया कि यह घटना पीड़ित के आत्म-सम्मान पर सीधा प्रहार था। साथ ही एक दिव्यांग के मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन भी था। आयोग ने आदेश देते हुए कहा कि जांच शाखा की निष्पक्ष रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि एएसआई जगवती और सिपाही राकेश कुमार ने पीड़ित के कपड़े उतरवाकर वीडियो बनाई। यह न केवल पुलिस आचरण नियमों के खिलाफ था बल्कि व्यक्ति की निजता, गरिमा और मानसिक शांति को भी भंग वाला कृत्य था।
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आयोग ने हरियाणा सरकार के गृह विभाग को 50 हजार रुपये की मुआवजा राशि पीड़ित अनिल ठाकुर को देने के आदेश दिए हैं। आयोग ने कहा कि यह मुआवजा राशि प्रतीकात्मक है, परंतु यह यह संदेश देती है कि राज्य व्यवस्था किसी भी नागरिक के सम्मान और गरिमा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस हिरासत को यातना स्थल नहीं बनने दिया जा सकता।
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