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Faridabad News: तेज रफ्तार से गुजरने वाली ट्रेनों पर एआई तकनीक से रखी जाएगी नजर
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फरीदाबाद क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के किनारे हाई-रेजोल्यूशन कैमरे और सेंसर लगाए जाएंगे
रेल मंत्रालय की तकनीकी टीम ने परियोजना को लेकर प्रारंभिक सर्वे शुरू किया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ट्रेनों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए रेलवे नई तकनीक अपनाने जा रहा है। उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के तहत फरीदाबाद क्षेत्र में मशीन विजन इंस्पेक्शन सिस्टम लगाने की तैयारी तेज कर दी गई है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा रहा है, जिससे ट्रेनों की तकनीकी जांच पहले से अधिक प्रभावी हो सकेगी। उम्मीद की जा रही है कि इस माह काम को पूरा कर लिया जाएगा।
यह पूरी तरह एआई आधारित सिस्टम होगा, जो तेज रफ्तार से गुजरने वाली ट्रेनों के पहियों, एक्सल, ब्रेकिंग सिस्टम और अन्य बाहरी हिस्सों पर नजर रखेगा। इसके लिए रेलवे ट्रैक के किनारे हाई-रेजोल्यूशन कैमरे और सेंसर लगाए जाएंगे। ये उपकरण गुजरने वाली ट्रेनों की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करेंगे। रेल मंत्रालय की तकनीकी टीम ने परियोजना को लेकर प्रारंभिक सर्वे शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस सिस्टम को निजामुद्दीन से पलवल रेल खंड के बीच स्थापित करने की योजना है। संभावना यह है कि इसे नीलम पुल के आसपास लगाया जा सकता है।
सिस्टम में लगे एआई सॉफ्टवेयर द्वारा रिकॉर्ड किए गए डाटा का तुरंत विश्लेषण किया जाएगा। यदि किसी ट्रेन में ढीला बोल्ट, टूटा हुआ पार्ट, खराब स्प्रिंग या अन्य तकनीकी खराबी दिखाई देती है, तो सिस्टम तत्काल अलर्ट जारी करेगा। इससे समय रहते खामियों को दूर करने में मदद मिलेगी और संभावित हादसों को रोका जा सकेगा।
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पूरे सिस्टम की निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी, जहां लगातार डाटा और तस्वीरों पर नजर रखी जाएगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक के लागू होने से फरीदाबाद रेल सेक्शन में सुरक्षा व्यवस्था और ट्रेन संचालन में सुधार होगा।
फरीदाबाद रेल मार्ग से रोजाना लगभग 90 से अधिक मेल, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनें गुजरती हैं। बढ़ते रेल यातायात को देखते हुए रेलवे की यह पहल यात्रियों की सुरक्षा और सुचारु संचालन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस परियोजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा रहा है, जिससे ट्रेनों की तकनीकी जांच पहले से अधिक प्रभावी हो सकेगी।-बीएस भंडारी, अधीक्षक, ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन
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रेल मंत्रालय की तकनीकी टीम ने परियोजना को लेकर प्रारंभिक सर्वे शुरू किया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ट्रेनों की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए रेलवे नई तकनीक अपनाने जा रहा है। उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल के तहत फरीदाबाद क्षेत्र में मशीन विजन इंस्पेक्शन सिस्टम लगाने की तैयारी तेज कर दी गई है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा रहा है, जिससे ट्रेनों की तकनीकी जांच पहले से अधिक प्रभावी हो सकेगी। उम्मीद की जा रही है कि इस माह काम को पूरा कर लिया जाएगा।
यह पूरी तरह एआई आधारित सिस्टम होगा, जो तेज रफ्तार से गुजरने वाली ट्रेनों के पहियों, एक्सल, ब्रेकिंग सिस्टम और अन्य बाहरी हिस्सों पर नजर रखेगा। इसके लिए रेलवे ट्रैक के किनारे हाई-रेजोल्यूशन कैमरे और सेंसर लगाए जाएंगे। ये उपकरण गुजरने वाली ट्रेनों की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करेंगे। रेल मंत्रालय की तकनीकी टीम ने परियोजना को लेकर प्रारंभिक सर्वे शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस सिस्टम को निजामुद्दीन से पलवल रेल खंड के बीच स्थापित करने की योजना है। संभावना यह है कि इसे नीलम पुल के आसपास लगाया जा सकता है।
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सिस्टम में लगे एआई सॉफ्टवेयर द्वारा रिकॉर्ड किए गए डाटा का तुरंत विश्लेषण किया जाएगा। यदि किसी ट्रेन में ढीला बोल्ट, टूटा हुआ पार्ट, खराब स्प्रिंग या अन्य तकनीकी खराबी दिखाई देती है, तो सिस्टम तत्काल अलर्ट जारी करेगा। इससे समय रहते खामियों को दूर करने में मदद मिलेगी और संभावित हादसों को रोका जा सकेगा।
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पूरे सिस्टम की निगरानी कंट्रोल रूम से की जाएगी, जहां लगातार डाटा और तस्वीरों पर नजर रखी जाएगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक के लागू होने से फरीदाबाद रेल सेक्शन में सुरक्षा व्यवस्था और ट्रेन संचालन में सुधार होगा।
फरीदाबाद रेल मार्ग से रोजाना लगभग 90 से अधिक मेल, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनें गुजरती हैं। बढ़ते रेल यातायात को देखते हुए रेलवे की यह पहल यात्रियों की सुरक्षा और सुचारु संचालन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस परियोजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा रहा है, जिससे ट्रेनों की तकनीकी जांच पहले से अधिक प्रभावी हो सकेगी।-बीएस भंडारी, अधीक्षक, ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन