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बेहाल मरीज...बेबस तीमारदार, अब डॉक्टर भी लाचार, कर्मचारियों की कमी के कारण बीके नागरिक अस्पताल में चौपट हुईं चिकित्सा सेवाएं

Mon, 11 Apr 2022 10:51 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 11 Apr 2022 10:51 PM IST
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Helpless patient, helpless patient, now doctors are also helpless, medical services in BK civil hospital ruined due to lack of staff
फरीदाबाद बीके नागरिक अस्पताल में मरीजों की नही हो रही देखभाल - फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। बीके नागरिक अस्पताल में अनुबंध कर्मचारियों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं चौपट हो गई हैं। बेबसी का आलम यह है कि तीमारदार अपने मरीजों को कंधे पर लादकर इधर-उधर भटक रहे हैं। अस्पताल की दहलीज तक पहुंचे मरीज इलाज नहीं मिलने के कारण बेहाल हो रहे हैं। प्रसव पीड़ा, दुर्घटना और अन्य गंभीर मामलों को तत्काल रेफर किया जा रहा है, क्योंकि कर्मचारियों के अभाव में डॉक्टर भी सभी का उपचार करने में लाचार हो गए हैं। अनुबंध कर्मचारियों की छठे दिन भी हड़ताल जारी रही, लेकिन उन्हें रोगियों पर तरस नहीं आया। कोई मरीज रेहड़ी पर इलाज का इंतजार करता रहा, तो कोई कैनुला लगाकर बैठा रहा। हालांकि, ओपीडी में सोमवार को करीब 700 लोगों ने डॉक्टरों को दिखाया।
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अस्पताल कर्मचारियों के अभाव में नौबत यहां तक आ गई है कि मरीज को एंबुलेंस, ऑटो से ही डॉक्टर प्राथमिक जांच कर रेफर का पर्चा वाहन में ही थमा दे रहे हैं। यह नौबत अनुबंध कर्मियों की लगातार जारी हड़ताल के कारण देखने को मिल रही है। बीके नागरिक अस्पताल के रेफर डेटा से मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल में बीते पांच दिन में औसतन 20 मामले रेफर हुए हैं। एंबुलेंस सेवा प्रबंधन के अनुसार, ज्यादातर मामले रेफर किए जा रहे हैं। उधर, इमरजेंसी में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों से बात करने पर पता चला कि बीते पांच दिन में इमरजेंसी में भर्ती मरीजों की संख्या में कमी आई है। ज्यादातर मामलों में फौरी उपचार देकर रेफर किया जा रहा है। कई मामले अस्पताल के अंदर तक नहीं लिए गए। रेफर करने के लिए अस्पताल के डॉक्टर एंबुलेंस में ही मरीजों की जांच के लिए पहुंच रहे हैं। इधर, पहले से भर्ती मरीजों के बीच साफ-सफाई रखने के लिए तीमारदार ही सफाई में जुटे हैं। इमरजेंसी में ही महिला मरीज कैनुला हाथ में लिए घूमते रही। पर्चा बनवाने के बाद साथ आए पति व परिजनों ने कैनुला थामा।
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इंटर्न और स्टाफ नर्स कर रहे डेटा एंट्री
लगातार हड़ताल पर बैठे अनुबंध कर्मियों के अभाव में कर्मचारियों के स्थान पर अब इंटर्न काम कर रहे हैं। इनकी मदद के लिए प्रत्येक काउंटर पर स्टाफ नर्स भी कार्यरत हैं। उधर, मरीजों की भीड़ के कारण अस्पताल में सांस लेना दूभर हो रहा है। मरीज, तीमारदार के साथ अस्पताल के डॉक्टर व्यवस्था के कुप्रबंधन की मार झेल रहे हैं। अस्पताल में ऐसे हालात नजर आए कि मरीज एक ओर अपनी बीमारी से परेशान रहे तो दूसरी ओर गर्मी तथा गंदगी हावी रही। बीके नागरिक अस्पताल प्रबंधन लगातार पांच दिन से करीब 200 कर्मचारियों के अभाव में व्यवस्था संभाल रहा है। अस्पताल में कार्यरत एक डॉक्टर ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि यदि हालात ऐसे ही रहे तो कम से कम दो दिन बाद अस्पताल में भर्ती मरीजों में ही संक्रमण (इंफेक्शन) फैलने की नौबत आ जाएगी। शौचालय भरे हुए हैं। सिंक जाम होने के कारण पानी ओवरफ्लो होकर बाहर आ रहा है। अस्पताल में मरीजों के बिस्तर गंदे हैं। फर्श पर फिसलकर गिरने की नौबत आ गई है।
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सफाई को लेकर प्रबंधन भी चिंतित है। हड़ताल पर 200 से अधिक कर्मचारी हैं। ऐसे में फौरी इंतजाम कर उनकी कमी को पूरा किया जा रहा है। प्रबंधन की ओर से प्रयास है कि सभी सेवाएं दी जाएं। मरीजों को परेशान नहीं होने देंगे।
- डॉ सविता यादव, पीएमओ
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