{"_id":"6625572f7338f23d55000066","slug":"heavy-loss-due-to-fire-in-35-acres-in-ratipur-fodder-burnt-in-bata-also-faridabad-news-c-24-1-snoi1004-105889-2024-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: रतिपुर में 35 एकड़ में लगी आग से भारी नुकसान, बाता में भी जला चारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: रतिपुर में 35 एकड़ में लगी आग से भारी नुकसान, बाता में भी जला चारा
विज्ञापन
किसानों ने सरकार से की मुआवजे की मांग, देरी से पहुंचीं दमकल विभाग का गाड़ियां
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। गर्मी का प्रकोप बढ़ने के साथ जिले में आगजनी की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। रविवार को दो गांवों में भीषण आग लग गई, जिसमें दर्जनों एकड़ फसल अवशेष, पशु चारे के बोंगे व ईंधन जलकर खाक हो गए। गांव रतिपुर में करीब 35 एकड़ में आग फैल गई, जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान पशु चारे का हुआ। तेज हवा होने के कारण गांव की तरफ आग बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई। बार-बार फोन करने के बावजूद करीब डेढ़ घंटे बाद दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके अलावा गांव बाता में लगी आग के कारण पशु चारा व ईंधन जलकर खाक हो गया। किसानों ने सरकार से नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
दरअसल, खेतों में गेहूं कटाई पूरी हो चुकी है। ज्यादातर किसानों ने कंबाइन मशीन से गेहूं फसल की कटाई कराई है। कटाई के बाद बचे फसल अवशेष से रीपर के द्वारा पशु चारे के लिए भूसा बनवाया जाता है, जोकि अभी खेतों में खड़ा हुआ था। रविवार गांव रतिपुर में केएमपी एक्सप्रेस के साथ खेतों में अचानक आग लग गई। हवा तेज होने के कारण देखते ही देखते आग तेजी से फैल गई। करीब एक घंटे में 30-35 एकड़ में आग फैल गई। आग में खेतों में बने भूसा के बोंगे, ईंधन के लिए बनाए गए बिटौड़े भी जलकर खाक हो गए। आग में सैकड़ों क्विंटल भूसा जल गया। इसके अलावा फसल अवशेष जलने से किसानों का भारी नुकसान हुआ। आग का पता चलने पर ग्रामीण खेतों की तरफ दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, परंतु आग और ज्यादा फैलती चली गई। आग गांव के बिल्कुल नजदीक पहुंच गई, तब जाकर फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। आग के कारण गांव रतिपुर निवासी चंदर, नारायण, हंसराज व नानक का भारी नुकसान हुआ है।
इसी प्रकार गांव बाता में शनिवार रात को अचानक आग लग गई। आग में भूसा के चार बौंगे व बिटौडा जलकर खाक हो गए। आग में किसान मांगे, गीता, ओमवती का नुकसान हुआ। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की गाड़ी करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची, जब तक ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया। ग्रामीणों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
समय पर नहीं पहुंची दमकल विभाग की गाड़ी
आग की बढ़ती घटनाओं को लेकर दमकल विभाग बिल्कुल भी सतर्क नहीं है। जिले में दोनों स्थानों पर लगी आग के डेढ़ से दो घंटे बाद दमकल विभाग की गाड़ियां पहुंचीं, परंतु तब तक सब कुछ खाक हो चुका था। गांव रतिपुर में पहुंची गाड़ी ने ठीक प्रकार से काम नहीं किया। वह आग बुझाने में असक्षम साबित हुई। लोगों ने बाल्टियों से पानी लेकर आग बुझाने का प्रयास किया।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
फसल अवशेष जलाने के कारण बढ़ रहीं घटनाएं
जिले में फसल अवशेष जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। आगजनी की घटनाओं में फसल अवशेष जलाने का अहम योगदान है। किसान अवशेष जलाकर घर चला जाता है और हवा के कारण आग अन्य खेतों में फैल जाती है। हैरत की बात तो है कि फसल अवशेष जलाने वालों पर प्रशासन द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -
गर्मी का प्रकोप भी रहा जारी
आगजनी की घटनाओं के कारण जिले का तापमान भी बढ़ने लगा है। रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं बादल छाने के कारण उमस भी काफी ज्यादा रही। गर्म हवाओं के कारण लोगों को घरों से निकलना दूभर हो गया।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। गर्मी का प्रकोप बढ़ने के साथ जिले में आगजनी की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। रविवार को दो गांवों में भीषण आग लग गई, जिसमें दर्जनों एकड़ फसल अवशेष, पशु चारे के बोंगे व ईंधन जलकर खाक हो गए। गांव रतिपुर में करीब 35 एकड़ में आग फैल गई, जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान पशु चारे का हुआ। तेज हवा होने के कारण गांव की तरफ आग बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई। बार-बार फोन करने के बावजूद करीब डेढ़ घंटे बाद दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके अलावा गांव बाता में लगी आग के कारण पशु चारा व ईंधन जलकर खाक हो गया। किसानों ने सरकार से नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है।
दरअसल, खेतों में गेहूं कटाई पूरी हो चुकी है। ज्यादातर किसानों ने कंबाइन मशीन से गेहूं फसल की कटाई कराई है। कटाई के बाद बचे फसल अवशेष से रीपर के द्वारा पशु चारे के लिए भूसा बनवाया जाता है, जोकि अभी खेतों में खड़ा हुआ था। रविवार गांव रतिपुर में केएमपी एक्सप्रेस के साथ खेतों में अचानक आग लग गई। हवा तेज होने के कारण देखते ही देखते आग तेजी से फैल गई। करीब एक घंटे में 30-35 एकड़ में आग फैल गई। आग में खेतों में बने भूसा के बोंगे, ईंधन के लिए बनाए गए बिटौड़े भी जलकर खाक हो गए। आग में सैकड़ों क्विंटल भूसा जल गया। इसके अलावा फसल अवशेष जलने से किसानों का भारी नुकसान हुआ। आग का पता चलने पर ग्रामीण खेतों की तरफ दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, परंतु आग और ज्यादा फैलती चली गई। आग गांव के बिल्कुल नजदीक पहुंच गई, तब जाकर फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। आग के कारण गांव रतिपुर निवासी चंदर, नारायण, हंसराज व नानक का भारी नुकसान हुआ है।
विज्ञापन
इसी प्रकार गांव बाता में शनिवार रात को अचानक आग लग गई। आग में भूसा के चार बौंगे व बिटौडा जलकर खाक हो गए। आग में किसान मांगे, गीता, ओमवती का नुकसान हुआ। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की गाड़ी करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची, जब तक ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया। ग्रामीणों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
विज्ञापन
समय पर नहीं पहुंची दमकल विभाग की गाड़ी
आग की बढ़ती घटनाओं को लेकर दमकल विभाग बिल्कुल भी सतर्क नहीं है। जिले में दोनों स्थानों पर लगी आग के डेढ़ से दो घंटे बाद दमकल विभाग की गाड़ियां पहुंचीं, परंतु तब तक सब कुछ खाक हो चुका था। गांव रतिपुर में पहुंची गाड़ी ने ठीक प्रकार से काम नहीं किया। वह आग बुझाने में असक्षम साबित हुई। लोगों ने बाल्टियों से पानी लेकर आग बुझाने का प्रयास किया।
फसल अवशेष जलाने के कारण बढ़ रहीं घटनाएं
जिले में फसल अवशेष जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। आगजनी की घटनाओं में फसल अवशेष जलाने का अहम योगदान है। किसान अवशेष जलाकर घर चला जाता है और हवा के कारण आग अन्य खेतों में फैल जाती है। हैरत की बात तो है कि फसल अवशेष जलाने वालों पर प्रशासन द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
गर्मी का प्रकोप भी रहा जारी
आगजनी की घटनाओं के कारण जिले का तापमान भी बढ़ने लगा है। रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं बादल छाने के कारण उमस भी काफी ज्यादा रही। गर्म हवाओं के कारण लोगों को घरों से निकलना दूभर हो गया।