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Faridabad News: स्वास्थ्य कर्मियों ने सीएमओ ऑफिस का घेराव किया
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गेट पर प्रसव मामले में कर्मचारियों की बर्खास्तगी के विरोध में स्वास्थ्य कर्मियों का प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-3 स्थित प्रजनन एवं स्वास्थ्य शिशु केंद्र के बाहर गर्भवती महिला की गेट पर डिलीवरी होने के मामले में बर्खास्त किए गए कर्मचारियों के समर्थन में स्वास्थ्य कर्मियों ने शुक्रवार को सीएमओ ऑफिस का घेराव किया। प्रदर्शन तालमेल कमेटी के बैनर तले किया गया, जिसमें जिलेभर के एएनएम, नर्स और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने भाग लिया।
गौरतलब है कि हाल ही में बल्लभगढ़ स्थित एफआरयू-2 में एक गर्भवती महिला की अस्पताल के गेट पर ही डिलीवरी हो गई थी। परिजनों का आरोप था कि काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई कर्मचारी बाहर नहीं आया। बाद में महिला की सास ने ही प्रसव कराया। मामला सामने आने के बाद नर्स राखी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुखबीर को बर्खास्त कर दिया गया था।
बर्खास्तगी के विरोध में करीब 150 से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों ने सीएमओ कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। तालमेल कमेटी की अध्यक्ष आशा शर्मा ने कहा कि मामले के वास्तविक जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बजाय निचले स्तर के कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया गया है। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है।
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प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि फैसला वापस नहीं लिया गया तो सोमवार से सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना शुरू किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-3 स्थित प्रजनन एवं स्वास्थ्य शिशु केंद्र के बाहर गर्भवती महिला की गेट पर डिलीवरी होने के मामले में बर्खास्त किए गए कर्मचारियों के समर्थन में स्वास्थ्य कर्मियों ने शुक्रवार को सीएमओ ऑफिस का घेराव किया। प्रदर्शन तालमेल कमेटी के बैनर तले किया गया, जिसमें जिलेभर के एएनएम, नर्स और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने भाग लिया।
गौरतलब है कि हाल ही में बल्लभगढ़ स्थित एफआरयू-2 में एक गर्भवती महिला की अस्पताल के गेट पर ही डिलीवरी हो गई थी। परिजनों का आरोप था कि काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई कर्मचारी बाहर नहीं आया। बाद में महिला की सास ने ही प्रसव कराया। मामला सामने आने के बाद नर्स राखी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुखबीर को बर्खास्त कर दिया गया था।
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बर्खास्तगी के विरोध में करीब 150 से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों ने सीएमओ कार्यालय के बाहर नारेबाजी की। तालमेल कमेटी की अध्यक्ष आशा शर्मा ने कहा कि मामले के वास्तविक जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बजाय निचले स्तर के कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया गया है। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है।
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प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि फैसला वापस नहीं लिया गया तो सोमवार से सीएमओ कार्यालय के बाहर धरना शुरू किया जाएगा।