स्ट्रेचर पर स्वास्थ्य सुविधाएं: करोड़ों में खड़ी की बिल्डिंग, नहीं मिल रही सुविधाएं, UPHC का बुरा हाल
तीन मंजिला अर्बन हेल्थ सेंटर में विकलांगों के लिए अलग कक्ष की व्यवस्था, लेबर रूम, सैम्पल कलेक्शन, एक्सरे की सुविधा देने का दावा किया गया था, अस्पताल को लेकर खूब वाहवाही लूटी गई, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है
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सविता गर्भवती है, अंतिम महीनों में जांच की बहुत जरूरत होती है, शुक्रवार को मेवला महाराजपुर अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची। लेकिन उसे इलाज नहीं मिला, डॉक्टर ने कुछ दवाइयां देकर बीके जाने की सलाह दी। प्रतिदिन 10 से 12 सविता सुविधा के अभाव में सेक्टर-30 व बीके रेफर की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ाते हुए बड़खल विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मेवला महाराजपुर में बने शहरी स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किया। मेवला महाराजपुर, दयाल नगर, सेक्टर-45, 46, एकता नगर सहित आसपास के क्षेत्र के लाखों लोगों को ध्यान में रखते हुए करीब 10 करोड़ की लागत से स्वास्थ्य केंद्र तैयार किया गया। लेकिन सुविधाएं नहीं होने के कारण लोगों को बीके की ओर भागना पड़ रहा है।
6 की जगह केवल 3 डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ नहीं
अस्पताल की पड़ताल के लिए सुबह करीब 11 बजे पहुंचे तो दवा और पंजीकरण काउंटर बंद दिखाई दिये। अस्पताल में मुश्किल से 25-30 मरीज मिले। 5 ओपीडी कमरे बनाए गये हैं, लेकिन तीन ओपीडी में ताला लटका दिखाई दिया। 30 बेड के अस्पताल में अभी बेड नहीं लगाए गए हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत गर्भवती महिलाओं को हो रही है, अस्पताल में कोई भी स्त्री रोग विशेषज्ञ मौजूद नहीं है। दंत चिकित्सक के पास उपकरण नहीं होने के कारण केवल पेन किलर दिया जा रहा है। तीन मंजिला अर्बन हेल्थ सेंटर में विकलांगों के लिए अलग कक्ष की व्यवस्था, लेबर रूम, सैम्पल कलेक्शन, एक्सरे की सुविधा देने का दावा किया गया था, अस्पताल को लेकर खूब वाहवाही लूटी गई, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है, मरीजों को बीके रेफर किया जा रहा है।
सुविधाओं के साथ-साथ अस्पताल की कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण लोग नहीं पहुंच पा रहे हैं। लोगों का कहना है कि अस्पताल सेक्टर के बीचों बीच बने होने के कारण ऑटो चालक 100 रूपए किराया वसूल रहे हैं। महंगा किराया देकर अस्पताल पहुंचने के बाद लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में सुविधाएं बढाने की आवश्यकता है। खबर को लेकर सीएमओ विनय गुप्ता से संपर्क करने की कोशिश की गई।
पेट में दर्द हो रहा है, दयाल नगर से किराया लगाकर अस्पताल आई हूं, लेकिन यहां केवल दवाई दी गई है, अस्पताल में अव्यवस्था के बारे में जानकारी होती तो यहां नहीं आती। -वंदना, गर्भवती महिला, दयालनगर
अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की कमी है, महिला डॉक्टर की जगह पुरुष इलाज कर रहे हैं, 10 करोड़ में बिल्डिंग खड़ी कर दी गई है, लेकिन सुविधा देना भूल गये। - ज्योती, गर्भवती महिला, दयालनगर