{"_id":"687e8c304c8476b7ab005dc4","slug":"haryana-primary-teachers-association-submitted-a-memorandum-to-the-additional-chief-secretary-faridabad-news-c-1-1-noi1171-3192813-2025-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन ने अतिरिक्त मुख्य सचिव को सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन ने अतिरिक्त मुख्य सचिव को सौंपा ज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हरियाणा प्राइमरी शिक्षक एसोसिएशन ने जिला प्रधान चतर सिंह के नेतृत्व में उप-जिला शिक्षा अधिकारी संदेश सोलंकी के माध्यम से हरियाणा के विद्यालय शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन दिया। एसोसिएशन ने 9 जुलाई को एक ही कैंपस में सभी स्कूलों के लिए एकजुट स्कूल मैनेजमेंट कमेटी बनाने के आदेश का विरोध किया है।
प्रधान चतर सिंह ने इसे प्राथमिक विद्यालयों के साथ सौतेला व्यवहार बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला आरटीई एक्ट 2009 के विपरीत है, जिसमें हर स्कूल के लिए अलग एसएमसी बनने का प्रावधान है। प्राथमिक विद्यालयों में नए नियम लागू होंगे, एसएमसी समाप्त हो जाएगी, जो उनकी अनुदान राशि पर भी प्रभाव डालेगा। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि एसएमसी में मिड-डे मील वर्कर्स, चपरासी, चौकीदारों को शामिल किया जाए, न करने का आदेश गलत है, और इस सामाजिक समरसता पर भी प्रश्न उठाया गया है। साथ ही, जेबीटी शिक्षकों के एसीपी और 2017 बैच के नोनेशनल बेनिफिट के मामले भी उठाए जाएंगे। एसोसिएशन ने एसएमसी के नए आदेश को रद्द करने की मांग की है।
विज्ञापन
फरीदाबाद। हरियाणा प्राइमरी शिक्षक एसोसिएशन ने जिला प्रधान चतर सिंह के नेतृत्व में उप-जिला शिक्षा अधिकारी संदेश सोलंकी के माध्यम से हरियाणा के विद्यालय शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन दिया। एसोसिएशन ने 9 जुलाई को एक ही कैंपस में सभी स्कूलों के लिए एकजुट स्कूल मैनेजमेंट कमेटी बनाने के आदेश का विरोध किया है।
प्रधान चतर सिंह ने इसे प्राथमिक विद्यालयों के साथ सौतेला व्यवहार बताया। उन्होंने कहा कि यह फैसला आरटीई एक्ट 2009 के विपरीत है, जिसमें हर स्कूल के लिए अलग एसएमसी बनने का प्रावधान है। प्राथमिक विद्यालयों में नए नियम लागू होंगे, एसएमसी समाप्त हो जाएगी, जो उनकी अनुदान राशि पर भी प्रभाव डालेगा। एसोसिएशन ने यह भी कहा कि एसएमसी में मिड-डे मील वर्कर्स, चपरासी, चौकीदारों को शामिल किया जाए, न करने का आदेश गलत है, और इस सामाजिक समरसता पर भी प्रश्न उठाया गया है। साथ ही, जेबीटी शिक्षकों के एसीपी और 2017 बैच के नोनेशनल बेनिफिट के मामले भी उठाए जाएंगे। एसोसिएशन ने एसएमसी के नए आदेश को रद्द करने की मांग की है।
विज्ञापन