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ब्रिटिश हुकुमत के नियमों पर चल रही हरियाणा पुलिस

Thu, 06 Aug 2020 10:36 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 06 Aug 2020 10:36 PM IST
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haryana police only gets 840 rupees  per months for food
फरीदाबाद (रणजीत मिश्रा)। इक्कीसवीं सदी में भी हरियाणा पुलिस ब्रिटिश हुकुमत के नियमों पर चल रही है। पुलिस के सिपाही को एक माह खुराक के लिए सिर्फ 840 रुपये ही भत्ते के रूप में मिलते हैं। इसी प्रकार शहर में गश्त करने के लिए सिपाही के लिए आज भी 120 रुपये प्रतिमाह साइकिल भत्ता मिलता है। यह व्यवस्था अंग्रेजों के समय में बनाई गई थी। जिसे आज भी हरियाणा पुलिस ढो रही हैं।
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पुलिस पर होने वाले खर्च का आंकड़ा आज भी बेहद चौंकाने वाला है। हरियाणा पुलिस के एक मुलाजिम ने बताया कि अंग्रेज करीब 200 साल तक हमारे ऊपर हुकुमत कर चले गए, लेकिन उनके बनाए नियम आज भी हम पर लागू हो रहे हैं। मुलाजिम ने खाना और ट्रांसपोर्ट मद में दिए जाने वाले शुल्क का जिक्र करते हुए बताया कि अंग्रेजी हुकुमत से आजाद होने के बाद भी हमारी पुलिस आज भी 840 रुपये में पूरे माह का राशन खाती है। 120 रुपये की साइकिल पर सवार होकर फरीदाबाद जैसे आधुनिक शहर में लाखों लोगों के सुरखा का जिम्मा संभालती है।
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सरकारी दस्तावेज से हटकर बात करें तो 840 रुपये में चार दिन का भी पूरा राशन एनसीआर में एक परिवार को नहीं मिलने वाला। यहां की चकाचौंध भरी जिंदगी और हाईटेक माहौल में साइकिल किसी पुलिसकर्मी के पास शायद ही मिलेगी। जिससे वह बदमाश को पकड़ने, मुखबिरी करने या कहीं सरकारी दस्तावेज को लाने या पहुंचाने में उपयोग करता है। हर किसी के पास मोटर साइकिल या चार पहिया वाहन हैं। साइकिल अब दशकों पुरानी बात हो गई है। इसके बाद भी सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें ड्यूटी के लिए 120 रुपये के साइकिल भत्ते से ही संतोष करना पड़ रहा है।
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