{"_id":"6adbbc6d4e81df1b33012eba","slug":"handmade-jewellery-scented-lamps-and-other-enticing-products-at-the-fair-faridabad-news-c-1-1-noi1546-4866901-2026-10-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: मेले में हस्तनिर्मित ज्वैलरी, सुगंधित दीये, लुभा रहे उत्पाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: मेले में हस्तनिर्मित ज्वैलरी, सुगंधित दीये, लुभा रहे उत्पाद
विज्ञापन
विज्ञापन
अलग-अलग राज्यों से आए शिल्पकार अपने अनूठे उत्पादों के साथ मेले में शामिल हुए
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड दिवाली मेले के पहले ही दिन खरीदारी और घूमने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। अलग-अलग राज्यों से आए शिल्पकार अपने अनूठे उत्पादों के साथ मेले में शामिल हुए हैं। दिवाली की सजावट के सामान, आकर्षक परिधान, हस्तनिर्मित ज्वैलरी और मिट्टी के दीये लोगों को लुभा रहे हैं।
खास बात यह है कि स्टॉल पर सजे उत्पादों के पीछे शिल्पकारों की मेहनत और पारंपरिक कला की झलक भी देखने को मिल रही है। तमिलनाडु से पहुंचीं कविता अपने साथ गुजरात की प्रसिद्ध लिप्पन आर्ट लेकर आई हैं। क्ले से तैयार होने वाली इस कला के माध्यम से वह सुंदर फ्रेम और वॉल हैंगिंग बना रही हैं। इन उत्पादों को तैयार करने और सुखाने में दो दिन से लेकर कई सप्ताह तक का समय लगता है, जबकि कुछ कलाकृतियों को पूरी तरह सूखने में दो महीने तक लग सकते हैं। उनके स्टॉल पर 70 रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक के सजावटी उत्पाद उपलब्ध हैं। इनकी बारीक कारीगरी लोगों को आकर्षित कर रही है।
वहीं, फरीदाबाद की मंजू कुशवाहा अपने हाथों से तैयार की गई विभिन्न डिजाइन की ज्वैलरी लेकर पहुंची हैं। उनके स्टॉल पर ऑक्सीडाइज्ड ज्वैलरी और नवरंग चोकर सहित कई आकर्षक डिजाइन मौजूद हैं। मंजू अपने काम के जरिए करीब 10 महिलाओं को रोजगार भी दे रही हैं। उनकी टीम मिलकर ज्वैलरी तैयार करती है। मेले में आने वाले लोग इन डिजाइनों को पसंद कर रहे हैं।
विज्ञापन
दिल्ली के बृजवासी से पहुंचे दीपक और सोनिया के स्टॉल पर टेराकोटा से बने दीये खास आकर्षण हैं। इन दीयों में इस्तेमाल होने वाले सुगंधित मोम के कारण जलने पर खुशबू आती है। शिल्पकारों के अनुसार, ये दीये लंबे समय तक जलते हैं और इनसे काला धुआं नहीं निकलता। इनके दीयों की कीमत 90 रुपये से लेकर 1200 रुपये तक है। पहले दिन ही लोगों ने इन उत्पादों में रुचि दिखाई। मेले में पारंपरिक कला और आधुनिक सजावट के मेल से दिवाली की खरीदारी को खास रंग मिल रहा है।
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड दिवाली मेले के पहले ही दिन खरीदारी और घूमने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। अलग-अलग राज्यों से आए शिल्पकार अपने अनूठे उत्पादों के साथ मेले में शामिल हुए हैं। दिवाली की सजावट के सामान, आकर्षक परिधान, हस्तनिर्मित ज्वैलरी और मिट्टी के दीये लोगों को लुभा रहे हैं।
खास बात यह है कि स्टॉल पर सजे उत्पादों के पीछे शिल्पकारों की मेहनत और पारंपरिक कला की झलक भी देखने को मिल रही है। तमिलनाडु से पहुंचीं कविता अपने साथ गुजरात की प्रसिद्ध लिप्पन आर्ट लेकर आई हैं। क्ले से तैयार होने वाली इस कला के माध्यम से वह सुंदर फ्रेम और वॉल हैंगिंग बना रही हैं। इन उत्पादों को तैयार करने और सुखाने में दो दिन से लेकर कई सप्ताह तक का समय लगता है, जबकि कुछ कलाकृतियों को पूरी तरह सूखने में दो महीने तक लग सकते हैं। उनके स्टॉल पर 70 रुपये से लेकर 20 हजार रुपये तक के सजावटी उत्पाद उपलब्ध हैं। इनकी बारीक कारीगरी लोगों को आकर्षित कर रही है।
विज्ञापन
वहीं, फरीदाबाद की मंजू कुशवाहा अपने हाथों से तैयार की गई विभिन्न डिजाइन की ज्वैलरी लेकर पहुंची हैं। उनके स्टॉल पर ऑक्सीडाइज्ड ज्वैलरी और नवरंग चोकर सहित कई आकर्षक डिजाइन मौजूद हैं। मंजू अपने काम के जरिए करीब 10 महिलाओं को रोजगार भी दे रही हैं। उनकी टीम मिलकर ज्वैलरी तैयार करती है। मेले में आने वाले लोग इन डिजाइनों को पसंद कर रहे हैं।
विज्ञापन
दिल्ली के बृजवासी से पहुंचे दीपक और सोनिया के स्टॉल पर टेराकोटा से बने दीये खास आकर्षण हैं। इन दीयों में इस्तेमाल होने वाले सुगंधित मोम के कारण जलने पर खुशबू आती है। शिल्पकारों के अनुसार, ये दीये लंबे समय तक जलते हैं और इनसे काला धुआं नहीं निकलता। इनके दीयों की कीमत 90 रुपये से लेकर 1200 रुपये तक है। पहले दिन ही लोगों ने इन उत्पादों में रुचि दिखाई। मेले में पारंपरिक कला और आधुनिक सजावट के मेल से दिवाली की खरीदारी को खास रंग मिल रहा है।