फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Had left for hotel from home, children read in the newspaper drug smugglers

घर से होटल के लिए निकले थे, अखबार में पढ़ा बच्चे ड्रग तस्कर

Mon, 19 Sep 2022 10:48 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 19 Sep 2022 10:48 PM IST
विज्ञापन
Had left for hotel from home, children read in the newspaper drug smugglers
फरीदाबाद। रविवार को ग्रेटर नोएडा में ड्रग डीलिंग में पकड़े गए छात्रों के परिजन ये मानने को तैयार ही नही हैं कि उनके बच्चे नशे का इतना बडा नेटवर्क चला रहे थे। आरोपियों के परिजऩो केयमुताबिक बच्चे घर से ये कहकर गए थे कि वे नोएडा के एक होटल में पार्टी करने जा रहे हैं। होटल संचालक को वह पहले से जानते थे।
विज्ञापन

दावा है कि होटल संचालक ने ही उन्हें फोन करके नोएडा बुलाया। सोमवार सुबह जब अखबार में खबर देखी तो तीनों आरोपियों के परिजन हैरान थे।तीनों के परिजन सूरजकुंड थाने में अपने बच्चों के बारे में जानकारी लेने पंहुचे थे। यहां से पुलिस ने उन्हे नोएडा पुलिस से संपर्क करने को कहा है। सूरजकुंड थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बलराज ने बताया आरोपी भानु दयालबाग कालोनी, अधिराज साउथएंड अपार्टमेंट इरोज गार्डन चार्म्सवुड वलेज, और आरोपी सोनू सी ब्लॉक का रहने वाला है। सोमवार दोपहर को सभी के परिजन थाने में अपने बच्चों के बारे में जानकारी लेने आए थे। परिजनों का कहना था कि वे खुद बच्चों की खबर अखबार में देखकर हैरान हैं। वे नही जानते थे कि उनके बच्चे इस तरह की गतिविधियों में शामिल हैं। घर से सभी नोएडा एक होटल में पार्टी में जाने के लिए निकले थे। सूरजकुंड थाना पुलिस ने अपने रिकार्ड भी खंगाले हैं लेकिन किसी आरोपी के खिलाफ यहां कोई केस दर्ज नहीं है।
विज्ञापन

---------
शहर में प्रोटीन पाउडर मिलाकर तैयार कर रहे स्मैक
क्राइम ब्रांच के एक सूत्र के मुताबिक इन दिनों शहर में सबसे ज्यादा मांग गांजा व स्मैक की है। पुलिस की सख्ती के बाद से इसकी मांग और दाम दोनों बढ़ गए हैं। मांग की पूर्ती करने और ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए तस्करों ने नया तरीका ढूंढ निकाला है। तस्कर स्मैक की मात्रा बढाने के लिए सफेद प्रोटीन पाउडर को समैक में मिला देते हैं। नशे की मात्रा बरकरार रखने के लिए उसनें नशीले कैप्सूल मिलाए जाते हैं। इसके बाद तस्कर इसे पहले अपने कुछ नशेडियों को प्रयोग के लिए देते हैं। कई घंटे तक उनकी निगरानी रखी जाती जाती है। सब कुछ ठीक रहने पर उसे युवाओं को बेच दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------
गांजा तस्करों में मैंगो माल और शिलांग की मांग सबसे ज्यादा
नशेड़ियों में गांजा शुरू से ही डिमांड में रहता है। इन दिनो नशे के बाजार में मैंगो माल और शिलांग की मांग सबसे ज्यादा है। तीसरे नंबर पर प्लेन गांजा आता है। मैंगो माल और शिलांग के नाम से मशहूर गांजे को तस्कर बीस बजार रूपये किलो में खरीदते हैं। प्लेन गांजा आठ से नौ हजार रुपये किलो में मिलता है। प्लेन की पुडिया 100 से 150 और मैंगो माल व शिलांग की पुडिया 400 से 500 रूपये तक की बिकती है। मैंगो और शिलांग पीने में मीठे होते हैं। ये सीधा गले पर असर नही डालते और दुर्गंध भी कम होती है। इसका सेवन अब महिलाएं ज्यादा कर रही हैं। तस्करों के बीच ये दोनों गांजे ज्यादा डिमांड में हैं।

--------------------
जिसका नंबर तस्करों के प़ास सेव वही नशेड़ियों का बादशाह
पुलिस से बचने के लिए नाईजीरियन सबसे ज्यादा सुरक्षा प्रणाली अपनाते हैं। ये केवल उसी को नशा बेचते हैं जो इन्हे पहले से जानता है और इनके पास उसका मोबाइल नंबर सेव है। इससे उन्हे पकड़े जाने का डर कम रहता है। नाईजीरियन तस्कर नशीली गोली, स्मैक, सुलफा, क्रिस्टल व अन्य खतरनाक ड्रग खुद तैयार करते हैं। दिल्ली गुलाबी बाग से स्मैक, सदर बाजार से गांजा, पलवल और मेवात से इंजेक्शन और अन्य सामान आता है। नाइजीरियन दिल्ली से स्कूटी पर आते हैं। ये हर बार जगह बदल कर नशा देते हैं। केवल वही ये बताते हैं कि इस बार माल कहां दिया जाएगा। नए नंबर वाले ग्राहक को किसी भी कीमत पर नशीली चीज नहीं देते।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed