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Faridabad News: डबुआ कॉलोनी में पेयजल संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा
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खाली ड्रम और बाल्टियां लेकर किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। डबुआ कॉलोनी में कई दिनों से पेयजल संकट बना हुआ है, जिसको लेकर निवासी परेशान हैं। पेयजल आपूर्ति बाधित होने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और लोगों ने घरों के बाहर खाली ड्रम और बाल्टियां रखकर प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
परेशान निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। स्थानीय निवासी मोनिका और गीता ने बताया कि कॉलोनी में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि घरों में पीने तक का पानी नहीं पहुंच रहा। लोग मजबूरन पानी के टैंकर पर निर्भर हैं। निवासियों का कहना है कि हर साल गर्मियों में पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है, लेकिन आज तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
गीता ने जनप्रतिनिधियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई भी उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं देता।
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वहीं, निवासी संदीप और राहुल ने बताया कि स्थानीय पार्षद को कई बार शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि प्रतिदिन पानी के टैंकर मंगवाने से लोगों की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ रहा है। एक टैंकर के लिए 500 से 800 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। मामले में नगर निगम के कार्यकारी अभियंता एनआईटी सतपाल सिंह ने कहा कि समस्या की जांच के लिए जूनियर इंजीनियर को मौके पर भेजा जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिस तकनीकी कारण से पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है, उसे जल्द दूर कर जलापूर्ति बहाल की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। डबुआ कॉलोनी में कई दिनों से पेयजल संकट बना हुआ है, जिसको लेकर निवासी परेशान हैं। पेयजल आपूर्ति बाधित होने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और लोगों ने घरों के बाहर खाली ड्रम और बाल्टियां रखकर प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
परेशान निवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। स्थानीय निवासी मोनिका और गीता ने बताया कि कॉलोनी में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि घरों में पीने तक का पानी नहीं पहुंच रहा। लोग मजबूरन पानी के टैंकर पर निर्भर हैं। निवासियों का कहना है कि हर साल गर्मियों में पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है, लेकिन आज तक इसका स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
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गीता ने जनप्रतिनिधियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद कोई भी उनकी समस्याओं की ओर ध्यान नहीं देता।
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वहीं, निवासी संदीप और राहुल ने बताया कि स्थानीय पार्षद को कई बार शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि प्रतिदिन पानी के टैंकर मंगवाने से लोगों की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ रहा है। एक टैंकर के लिए 500 से 800 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। मामले में नगर निगम के कार्यकारी अभियंता एनआईटी सतपाल सिंह ने कहा कि समस्या की जांच के लिए जूनियर इंजीनियर को मौके पर भेजा जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिस तकनीकी कारण से पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है, उसे जल्द दूर कर जलापूर्ति बहाल की जाएगी।