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Faridabad News: सड़क हादसे में कांवड़ियों की मौत मामले में गुर्जर समाज ने दी आंदोलन की चेतावनी
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संवाद न्यूज एजेंसी
तिगांव। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 26 फरवरी को हुए हादसे में तीन कांवड़ियों की मौत के बाद गुर्जर समाज का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। समाज के लोगों का कहना है कि प्रशासन आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहा है और अभी तक निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई है। गुर्जर समाज के नेताओं का कहना है कि अगर प्रशासन अभी भी जाग जाए और भारतीय दंड संहिता की धारा 106 की जगह 105 लगाए, तो मामला संतुलित हो सकता है, अन्यथा वे जल्द ही एक बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस आंदोलन की तारीख और समय की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
मृतकों के परिजनों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कोई साधारण हादसा नहीं था, बल्कि इसमें गंभीर लापरवाही और मिलीभगत सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन इसे एक नॉर्मल एक्सीडेंट बताकर टालना चाहता है, लेकिन जिनके घर के चिराग बुझ गए हैं, उनके लिए यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि जीवनभर का दर्द है।
गुर्जर समाज के लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द से जल्द दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की, तो वे पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेंगे। समाज के वरिष्ठ नेताओं ने साफ कहा कि वे सड़कों पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और जल्द ही आंदोलन की तारीख की घोषणा की जाएगी।
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इस बीच, प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और समाज के लोगों को समझाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन परिजनों और गुर्जर समाज का कहना है कि वे केवल ठोस कार्रवाई ही स्वीकार करेंगे, कोई आश्वासन नहीं।
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तिगांव। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर 26 फरवरी को हुए हादसे में तीन कांवड़ियों की मौत के बाद गुर्जर समाज का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। समाज के लोगों का कहना है कि प्रशासन आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहा है और अभी तक निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई है। गुर्जर समाज के नेताओं का कहना है कि अगर प्रशासन अभी भी जाग जाए और भारतीय दंड संहिता की धारा 106 की जगह 105 लगाए, तो मामला संतुलित हो सकता है, अन्यथा वे जल्द ही एक बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस आंदोलन की तारीख और समय की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
मृतकों के परिजनों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कोई साधारण हादसा नहीं था, बल्कि इसमें गंभीर लापरवाही और मिलीभगत सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि प्रशासन इसे एक नॉर्मल एक्सीडेंट बताकर टालना चाहता है, लेकिन जिनके घर के चिराग बुझ गए हैं, उनके लिए यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि जीवनभर का दर्द है।
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गुर्जर समाज के लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द से जल्द दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की, तो वे पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करेंगे। समाज के वरिष्ठ नेताओं ने साफ कहा कि वे सड़कों पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और जल्द ही आंदोलन की तारीख की घोषणा की जाएगी।
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इस बीच, प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और समाज के लोगों को समझाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन परिजनों और गुर्जर समाज का कहना है कि वे केवल ठोस कार्रवाई ही स्वीकार करेंगे, कोई आश्वासन नहीं।