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Pollution: प्रदूषण के खिलाफ एक अक्तूबर से लागू होगा ग्रेप, अभी तक कंपनियां नहीं हो पाई PNG पर कन्वर्ट

Tue, 27 Sep 2022 08:19 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 27 Sep 2022 08:19 AM IST
सार

फरीदाबाद में एक अक्तूबर से ग्रेप लागू करने की तैयारी है। इसके तहत होटल, रेस्तरां व ढाबों में कोयला व लकड़ी जलाने पर प्रतिबंध रहेगा। उद्योगों व शादियों में डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। 

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Grape will be implemented against pollution in Faridabad from October 1
धुंध - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फरीदाबाद जिले में तीन दिन बारिश के बाद प्रदूषण का स्तर एक बार फिर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। इस पर रोक लगाने के लिए पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (ईपीसीए) के निर्देश पर एक अक्तूबर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू किया जा रहा है। ऐसे में बिजली निगम की आधी अधूरी तैयारियां चुनौती बन सकती है। 
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इसका अंदाजा बिजली कंट्रोल रूम में पहुंची शिकायतों से लगाया जा सकता है। सोमवार को बिजली कंट्रोल रूप में ढाई हजार शिकायतें पहुंची। 
स्मार्ट सिटी में बिजली व्यवस्था का बुरा हाल है। अघोषित बिजली कटौती रोकने के लिए निगम के पास कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। हाई राइज सोसाइटियों में बिजली के नाम जनरेटर की ही सुविधा हैं। 
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ग्रेटर फरीदाबाद में करीब 50 से अधिक सोसाइटी जनरेटर जैसी अस्थायी बिजली व्यवस्था के भरोसे हैं। ग्रेप यदि सख्ती से लागू होता है तो यहां की लिफ्ट, पानी जैसी जरूरी सुविधाएं ठप हो सकती हैं। वहीं फरीदाबाद में 30 हजार छोटे-बड़े उद्योग हैं। बिजली जाने पर 90 फीसदी उद्योग डीजल जनरेटर पर चलते हैं। वहीं एक अक्तूबर से जिले में ग्रेप लागू करने की तैयारी है। 
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इसके तहत होटल, रेस्तरां व ढाबों में कोयला व लकड़ी जलाने पर प्रतिबंध रहेगा। उद्योगों व शादियों में डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा। इससे उद्योगों में उत्पादन क्षमता पर असर पड़ सकता है। हालांकि बिजली विभाग का दावा है कि ग्रेप के दौरान 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जाएगी। इन तैयारियों में कितना दम है। इसका असर अभी से देखने को मिल रहा है। 
 

कंट्रोल रूल में पहुंची ढाई हजार शिकायतें

सोमवार को बिजली निगम कंट्रोल रूम में 2500 शिकायतें दर्ज की गई। इनमें सबसे ज्यादा शिकायतें खेड़ी और पल्ला क्षेत्र की है। बिजली के फाल्ट, ब्रेक डाउन और ट्रिपिंग से लोगों को घंटों बिजली कटौती से जूझना पड़ा है। खेड़ी क्षेत्र में सुबह 11 बजे आई बिजली दोपहर करीब दो बजे आई। राजीव कॉलोनी, सरुरपुर, सेक्टर -25 में दिनभर में अलग अलग समय पर चार से पांच घंटे बिजली आपूर्ति प्रभावित रही।  

बारिश से प्रदूषण में सुधार 
पिछले तीन दिनों हुई बारिश ने शहर में प्रदूषण को स्तर को काफी कम कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से तुलना करें, तो शहर ही हवा काफी हद तक खुलकर सांस लेने लायक हो गई है। सोमवार को फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 98 दर्ज किया गया। यह प्रदूषण की संतोषजनक श्रेणी में आता है। हालांकि रविवार की तुलना में काफी काफी ज्यादा है। रविवार को फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 68 दर्ज किया गया था। 

सेहत पर बुरा असर
जनरेटर से निकलने वाले धुएं से दूषित हवा में मौजूद सल्फर डाइआक्साइड, कार्बन डाइआक्साइड की मात्रा बढ़ने के कारण सांस लेने में तकलीफ, खांसी, दमा, जल्दी थकावट होने की शिकायत हो जाती है। खासकर जो लंबे समय तक इसके आसपास रहते है। - डॉ. प्रवीन मलिक, वरिष्ठ फिजीशियन, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल

बिल्डर इसलिए चलाते डीजी सेट

ग्रेटर फरीदाबाद निवासियों ने बताया कि एक बिल्डर दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) से अस्थायी कनेक्शन लेकर अपने कई सोसाइटी में उसी कनेक्शन व ट्रांसफार्मर से बिजली सप्लाई करते हैं। ऐसे में फ्लैट में रह रहे लोगों को फॉल्ट व लो-वोल्टेज का सामना करना पड़ता है। लिहाजा मोटी कमाई करने के लिए बिल्डर जेनरेटर चलाते हैं। 

बिजली व्यवस्था सुधाने की सरकार से करेंगे मांग

लघु उद्योग भारती के प्रधान रवि भूषण खत्री ने कहा कि ग्रेप लागू होने के बाद बिजली की व्यवस्था सुधारने की मांग मुख्यमंत्री से की जाएगी। इसके लिए जल्द उनसे मुलाकात कर समस्या से निस्तारण की मांग की जाएगी। सीएनजी-पीएनजी से संचालित डीजी सेट बाजार में महंगा है। साथ ही इसे विदेशों से मंगाए जाते है। ऐसे में कई उद्यमी इसे तुरंत खरीदने में असमर्थ हैं।

एचएसपीसीबी अधिकारी का पक्ष
ग्रेप की तैयारी की जा रही है। किस सोसाइटी में कितनी बिजली आपूर्ति की जा रही है और कहां-कहां डीजी सेट चलाने की जरूरत पड़ रही है, इसकी जानकारी डीएचबीवीएन से मांगी गई है। सभी से सीएनजी-पीएनजी युक्त डीजी चलाने को कहा जाएगा। -स्मिता कनोडिया, क्षेत्रीय अधिकारी, एचएसपीसीबी

बिजली अधिकारी का पक्ष 

बिजली निगम की ओर से सभी अधिकारियों आदेश दिए गए हैं कि औद्योगिक क्षेत्र में फॉल्ट होने की सूचना मिलने पर उसे तुरंत ठीक किया जाए। - नरेश कक्कड़, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम
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