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Faridabad News: दादा-पोते साइकिल ट्रैक बदहाल, उग आईं कटीली झाड़ियां
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स्ट्रीट लाइट नहीं होने से शाम को रहता है अंधेरा, नहीं जाते हैं लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। सेक्टर-2 स्थित प्याला रजवाहे के साथ करीब चार किलोमीटर लंबा दादा-पोते साइकिल ट्रैक बदहाल हो गया है। ट्रैक के दोनों ओर झाड़ियां उग आई हैं। रात के समय ट्रैक पर स्ट्रीट लाइट की सुविधा नहीं होने की वजह से अंधेरा रहता है
करीब डेढ़ साल पहले बुजुर्ग सेक्टरवासियों के लिए खास तौर पर दादा-पोता साइकिल ट्रैक को बनवाया गया था, ताकि बुजुर्ग अपने पोते-पोती, नाती-नातिन के साथ बिना किसी भय के आसानी से सैर कर सकें। इस ट्रैक को बनाने लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। यह ट्रैक सिंचाई विभाग ने सेक्टर-2 से सेक्टर-64,65 व सेक्टर-62 तक बनाया था, जो करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबा है। इस ट्रैक को सीमेंट से बनाया गया है।
लोगों को लगता है डर
ट्रैक के दोनों ओर झाड़ियां उग आने से जहरीले जीव जंतु ट्रैक पर घूमते नजर आते हैं। इसी वजह से बच्चे डर जाते हैं। सुबह के समय कुछ लोग इस ट्रैक पर सैर करने के लिए आते थे, लेकिन स्ट्रीट लाइट नहीं होने से शाम को समस्या होती है। सेक्टरवासियों का कहना है कि ट्रैक तो अच्छा बना है, लेकिन रखरखाव नहीं है। इस कारण ट्रैक पूरी तरह से खराब होता जा रहा है।
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झाड़ियों को कटवाने का कार्य नगर निगम है। नगर निगम को ट्रैक की सफाई करनी है। जिसके बारे में कई बार नगर निगम को कहा जा चुका है। - अरविंद शर्मा, एसडीओ, सिंचाई विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। सेक्टर-2 स्थित प्याला रजवाहे के साथ करीब चार किलोमीटर लंबा दादा-पोते साइकिल ट्रैक बदहाल हो गया है। ट्रैक के दोनों ओर झाड़ियां उग आई हैं। रात के समय ट्रैक पर स्ट्रीट लाइट की सुविधा नहीं होने की वजह से अंधेरा रहता है
करीब डेढ़ साल पहले बुजुर्ग सेक्टरवासियों के लिए खास तौर पर दादा-पोता साइकिल ट्रैक को बनवाया गया था, ताकि बुजुर्ग अपने पोते-पोती, नाती-नातिन के साथ बिना किसी भय के आसानी से सैर कर सकें। इस ट्रैक को बनाने लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। यह ट्रैक सिंचाई विभाग ने सेक्टर-2 से सेक्टर-64,65 व सेक्टर-62 तक बनाया था, जो करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबा है। इस ट्रैक को सीमेंट से बनाया गया है।
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लोगों को लगता है डर
ट्रैक के दोनों ओर झाड़ियां उग आने से जहरीले जीव जंतु ट्रैक पर घूमते नजर आते हैं। इसी वजह से बच्चे डर जाते हैं। सुबह के समय कुछ लोग इस ट्रैक पर सैर करने के लिए आते थे, लेकिन स्ट्रीट लाइट नहीं होने से शाम को समस्या होती है। सेक्टरवासियों का कहना है कि ट्रैक तो अच्छा बना है, लेकिन रखरखाव नहीं है। इस कारण ट्रैक पूरी तरह से खराब होता जा रहा है।
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झाड़ियों को कटवाने का कार्य नगर निगम है। नगर निगम को ट्रैक की सफाई करनी है। जिसके बारे में कई बार नगर निगम को कहा जा चुका है। - अरविंद शर्मा, एसडीओ, सिंचाई विभाग