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अंतरराष्ट्रीय सूरजकुुंड हस्तशिल्प मेले को सरकार की मंजूरी

Sun, 05 Sep 2021 11:05 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 05 Sep 2021 11:05 PM IST
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Government approval for International Surajkund Handicrafts Fair
फरीदाबाद। अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले को फरवरी में आयोजित करने की राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। इस बार मेला 16 दिन 4 से 20 फरवरी तक चलेगा। वहीं इस बार मेले का पार्टनर देश ब्रिटेन होगा। थीम स्टेट को लेकर बातचीत जारी है। वहीं मेले का आयोजन कोरोना की स्थिति को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
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इसके लिए मेला प्राधिकरण की एक एक्सपर्ट टीम गठित की गई है। यह टीम सुरक्षा बिंदुओं का मंथन करने के बाद उस पर अंतिम फैसला करेगी। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद मेला प्राधिकरण जल्द ही तैयारियां शुरू कर दी है।
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मेला प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि फरवरी 2020 में 34वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले का आयोजन करने के बाद मार्च से देश में कोरोना के मामले बढ़ने लगे थे। सूरजकुंड में मिनी भारत की झलक देखने को मिलती है। कोरोना की कारण से सरकार ने इसे स्थगित करने का फैसला लिया था। हर साल एक फरवरी से 15 फरवरी तक लगने वाले अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में देश विदेश के कलाकार और कलाओं का संगम होता है।
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1987 में पहली बार लगा था मेला
फरीदाबाद के सूरजकुंड में पहला हस्तशिल्प मेला 1987 में लगा था। तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी बंशीलाल ने हस्तशिल्प, हस्त करघा और भारतीय संस्कृति को जीवित रखने के लिए इसकी शुरुआत की थी। शुरुआत में देशभर के विभिन्न राज्यों के शिल्पकारों को आमंत्रित किया जाता है। लेकिन, धीरे-धीरे इसका विस्तार एशियाई देशों तक होने लगा।

हर साल आते है 12 लाख दर्शक
सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेला प्राधिकरण के नोडल अधिकारी राजेश जून ने बताया कि मेले में हर साल करीब 12 लाख दर्शक पहुंचते है। मेले का आनंद लेने दिल्ली, गुड़गांव, गाजियाबाद, नोएडा समेत हरियाणा के अन्य जिलों के लोग आते हैं। मेला अथॉरिटी के मुताबिक इस बार सूरजकुंड मेला न लगने से करीब 250 से 300 करोड़ के नुकसान का अनुमान है। अकेले मेला अथॉरिटी को 30 से 35 करोड़ का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि अभी आने वाले देशों की भागीदारी तय नहीं हुई। अभी तो राज्य सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी दी है। मेला कैसा होगा, उसका स्वरूप क्या होगा, उस वक्त कोरोना की स्थिति कैसी होगी, इन तमाम मुद्दों पर एक्सपर्ट टीम मंथन करेगी। इसके बाद मेला लगाया जाएगा।
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