फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   GIS mapping will X-ray Faridabad's health system

Faridabad News: जीआईएस मैपिंग से फरीदाबाद की स्वास्थ्य व्यवस्था का होगा एक्स-रे

Wed, 07 Jan 2026 01:04 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 07 Jan 2026 01:04 AM IST
विज्ञापन
GIS mapping will X-ray Faridabad's health system
आबादी का दबाव और सुविधाओं की कमी की स्थिति पहली बार होगी साफ
विज्ञापन


मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था अब अनुमान और कागजी प्रस्तावों के बजाय जमीनी हकीकत पर आधारित होगी। अब जीआईएस मैपिंग के जरिए जिले के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का डिजिटल खाका तैयार किया जाएगा। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस इलाके में कितनी आबादी है और वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाएं उस अनुपात में पर्याप्त हैं या नहीं। आगामी बजट में इसी विश्लेषण के आधार पर मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की योजना है।

फरीदाबाद जिले की आबादी करीब 18 से 20 लाख के बीच मानी जाती है। इस बड़ी आबादी के लिए जिले में सरकारी और निजी मिलाकर करीब 200 से अधिक अस्पताल और स्वास्थ्य संस्थान सक्रिय हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश निजी क्षेत्र के हैं। सरकारी स्वास्थ्य ढांचे में जिला अस्पताल, उपमंडलीय अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और उप-केंद्र शामिल हैं। जिले में करीब 19 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और दर्जनों प्राथमिक व उप-स्वास्थ्य केंद्र हैं, जिन पर ग्रामीण आबादी की निर्भरता सबसे ज्यादा है। इसके बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों, बेड और आधुनिक मशीनों की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही है।
विज्ञापन


आबादी बनाम सुविधाएं, बढ़ता दबाव
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार फरीदाबाद में प्रति एक हजार आबादी पर अस्पताल के बेड की संख्या राष्ट्रीय मानकों से कम है। इसका सीधा असर यह है कि जिला अस्पताल और सरकारी सीएचसी पर ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं का दबाव लगातार बढ़ रहा है। शहरी क्षेत्रों जैसे एनआईटी, बल्लभगढ़, ओल्ड फरीदाबाद और ग्रेटर फरीदाबाद में निजी अस्पतालों की संख्या अधिक है लेकिन सरकारी अस्पतालों पर निर्भर आबादी भी कम नहीं है। वहीं तिगांव, छांयसा, मोहना, दयालपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में एक-एक स्वास्थ्य केंद्र पर कई गांवों की जिम्मेदारी है, जिससे प्रति केंद्र आबादी का बोझ काफी अधिक हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कम सुविधाओं वाले इलाके होंगे चिन्हित
जीआईएस मैपिंग के जरिए पहली बार यह स्पष्ट होगा कि जिले के किन इलाकों में अस्पताल या पीएचसी तक पहुंचने के लिए लोगों को 10 से 15 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीण और शहरी सीमांत क्षेत्रों में ट्रॉमा केयर, एंबुलेंस और विशेषज्ञ उपचार की क्या स्थिति है। औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण फरीदाबाद में सड़क दुर्घटनाएं, सांस संबंधी बीमारियां और जीवनशैली से जुड़ी समस्याएं आम हैं लेकिन इनके अनुपात में ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी सुविधाएं काफी सीमित हैं।

जीआईएस मैपिंग से क्या बदलेगा
अधिकारियों के मुताबिक जीआईएस मैपिंग के तहत सभी सरकारी अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी और उप-केंद्रों का डिजिटल नक्शा तैयार किया जाएगा। इसमें यह दर्ज होगा कि किस केंद्र पर कितने डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, बेड, एंबुलेंस और जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं और वहां कितनी आबादी निर्भर है। इसी आधार पर यह तय किया जाएगा कि कहां नए स्वास्थ्य केंद्र खोलने हैं, किन अस्पतालों का विस्तार जरूरी है और कहां विशेषज्ञ सेवाओं की तत्काल जरूरत है।

सिर्फ इमारत नहीं, पूरी व्यवस्था होगी मजबूत
सरकार ने साफ किया है कि फोकस केवल नई इमारतें बनाने तक सीमित नहीं रहेगा। फरीदाबाद में आधुनिक मशीनें, विशेषज्ञ डॉक्टर, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और डिजिटल हेल्थ सेवाएं भी समान रूप से उपलब्ध कराई जाएंगी। जीआईएस आधारित योजना से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी नागरिक को इलाज के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े।

ग्रामीण क्षेत्रों में वैकल्पिक समाधान
जहां स्थायी अस्पताल संभव नहीं हैं वहां मोबाइल हेल्थ यूनिट और आयुष केंद्रों के जरिए स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की योजना है। जीआईएस डाटा यह तय करने में मदद करेगा कि किन इलाकों में यह मॉडल सबसे ज्यादा प्रभावी रहेगा। इससे ग्रामीण आबादी को समय पर प्राथमिक इलाज मिल सकेगा और बड़े अस्पतालों पर दबाव भी कम होगा।

बजट की नींव बनेगा जीआईएस डाटा
जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग को मौजूदा स्वास्थ्य ढांचे का विस्तृत डाटा जुटाने के निर्देश दिए हैं, जो जीआईएस मैपिंग का हिस्सा बनेगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे स्वास्थ्य योजनाओं में पारदर्शिता आएगी और बजट का उपयोग जरूरत के हिसाब से हो सकेगा।

---------------------------------------------------------------
आजकल ज्यादातर लोग स्मार्ट फोन का इस्तेमाल करते हैं। सभी सुविधाएं व व्यवस्था डिजिटल होने के बाद लोगों को फोन से भी काफी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। इससे स्वास्थ्य विभाग के साथ लोगों को भी काफी फायदा मिलेगा। - डॉ. जयंत आहूजा सीएमओ फरीदाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed