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Faridabad News: कांवड़ यात्रा के 13 दिन आगरा कैनाल रोड पर नहीं चलेंगे आम वाहन
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हजारों लोगों को बदलना होगा रास्ता, कालिंदी कुंज से पलवल बॉर्डर तक कांवड़ियों के लिए रहेगा विशेष कॉरिडोर
21 स्थानों पर पुलिस की तैनाती, भारी वाहनों पर भी रोक
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। कांवड़ यात्रा के दौरान इस बार आगरा कैनाल के साथ बने मार्ग पर आम वाहन चालकों की आवाजाही बंद रहेगी। 30 जुलाई से 11 अगस्त तक इस सड़क का इस्तेमाल केवल कांवड़ियों के आवागमन के लिए किया जाएगा। ऐसे में दिल्ली, फरीदाबाद और पलवल के बीच इस मार्ग का नियमित इस्तेमाल करने वाले हजारों वाहन चालकों को इन 13 दिनों में वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ेगा। यातायात पुलिस ने कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए रूट डायवर्जन और सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी पूरी कर ली है।
कांवड़ यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा दबाव कालिंदी कुंज से पलवल सीमा तक बने कांवड़ मार्ग पर रहने की संभावना है। इसको देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने रूट के 21 प्रमुख स्थान चिह्नित किए हैं। इन स्थानों पर ट्रैफिक और स्थानीय पुलिस के जवान दो शिफ्टों में तैनात रहेंगे। पुलिस का उद्देश्य कांवड़ियों की आवाजाही को सुरक्षित रखने के साथ ही मुख्य सड़कों पर यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखना है।
आगरा कैनाल रोड पर आम वाहनों की नो एंट्री
कांवड़ यात्रा के दौरान आगरा कैनाल के किनारे बनी सड़क को पूरी तरह कांवड़ियों के लिए आरक्षित रखा जाएगा। इस दौरान आम वाहन इस मार्ग से नहीं गुजर सकेंगे। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे 30 जुलाई से 11 अगस्त तक इस रास्ते पर जाने से बचें और पहले से ही वैकल्पिक मार्ग की योजना बनाकर निकलें।
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कांवड़ मार्ग कालिंदी कुंज से शुरू होकर मीठापुर, दुर्गा बिल्डर, सेहतपुर पुल, आगरा कैनाल के किनारे की सड़क, चंदावली, दिल्ली-मुंबई-बड़ोदरा एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड, केली गांव, राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और सीकरी होते हुए पलवल बॉर्डर तक जाएगा। इस पूरे रास्ते पर कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के साथ यातायात दबाव भी बढ़ने की संभावना है।
भारी वाहनों पर भी रहेगी निगरानी
यात्रा के दौरान कांवड़ मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर भी रोक रहेगी। पुलिस की ओर से प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर बैरिकेडिंग कर वाहनों को नियंत्रित करने की तैयारी की गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कांवड़ियों के रास्ते में भारी वाहनों के कारण जाम या दुर्घटना की स्थिति पैदा न हो।
ट्रैफिक थाना प्रभारी अनोज कुमार के अनुसार, यात्रा के दौरान पुलिसकर्मियों की तैनाती दो शिफ्टों में की जाएगी। फरीदाबाद पुलिस के साथ दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद पुलिस से भी समन्वय रखा जाएगा, क्योंकि कांवड़ियों का आवागमन इन क्षेत्रों से भी जुड़ा रहता है।
टूटी सड़क और लटकते तार भी बन सकते हैं परेशानी
कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले प्रशासन ने सड़क और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं। कांवड़ मार्ग पर टूटी सड़कों की मरम्मत, कूड़ा-कचरा हटाने और नीचे लटक रहे बिजली के तारों को ठीक कराने के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजे गए हैं।
आगरा कैनाल के किनारे उगी झाड़ियों की कटाई के लिए सिंचाई विभाग और वन विभाग को भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और प्रशासन का मानना है कि लंबे रूट पर कांवड़ियों की बड़ी संख्या को देखते हुए सड़क के किनारे किसी भी तरह का अवरोध या अव्यवस्था परेशानी का कारण बन सकती है।
पुलिस के साथ सामाजिक संगठन भी संभालेंगे व्यवस्था
यात्रा को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से सामाजिक संगठनों के साथ भी बैठक की जाएगी। कांवड़ियों के लिए पेयजल, भोजन, चिकित्सा और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था में सामाजिक संगठनों से सहयोग लिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन और यातायात नियंत्रण में स्थानीय लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी।
ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान आगरा कैनाल मार्ग पर जाने से बचें। विशेष रूप से रोजाना इस सड़क का इस्तेमाल करने वाले लोगों को यात्रा शुरू होने से पहले वैकल्पिक मार्ग चुनने की सलाह दी गई है, ताकि कांवड़ियों की आवाजाही के दौरान जाम की स्थिति न बने और आम लोगों को भी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
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21 स्थानों पर पुलिस की तैनाती, भारी वाहनों पर भी रोक
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। कांवड़ यात्रा के दौरान इस बार आगरा कैनाल के साथ बने मार्ग पर आम वाहन चालकों की आवाजाही बंद रहेगी। 30 जुलाई से 11 अगस्त तक इस सड़क का इस्तेमाल केवल कांवड़ियों के आवागमन के लिए किया जाएगा। ऐसे में दिल्ली, फरीदाबाद और पलवल के बीच इस मार्ग का नियमित इस्तेमाल करने वाले हजारों वाहन चालकों को इन 13 दिनों में वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ेगा। यातायात पुलिस ने कांवड़ियों की सुरक्षित आवाजाही के लिए रूट डायवर्जन और सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी पूरी कर ली है।
कांवड़ यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा दबाव कालिंदी कुंज से पलवल सीमा तक बने कांवड़ मार्ग पर रहने की संभावना है। इसको देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने रूट के 21 प्रमुख स्थान चिह्नित किए हैं। इन स्थानों पर ट्रैफिक और स्थानीय पुलिस के जवान दो शिफ्टों में तैनात रहेंगे। पुलिस का उद्देश्य कांवड़ियों की आवाजाही को सुरक्षित रखने के साथ ही मुख्य सड़कों पर यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखना है।
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आगरा कैनाल रोड पर आम वाहनों की नो एंट्री
कांवड़ यात्रा के दौरान आगरा कैनाल के किनारे बनी सड़क को पूरी तरह कांवड़ियों के लिए आरक्षित रखा जाएगा। इस दौरान आम वाहन इस मार्ग से नहीं गुजर सकेंगे। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे 30 जुलाई से 11 अगस्त तक इस रास्ते पर जाने से बचें और पहले से ही वैकल्पिक मार्ग की योजना बनाकर निकलें।
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कांवड़ मार्ग कालिंदी कुंज से शुरू होकर मीठापुर, दुर्गा बिल्डर, सेहतपुर पुल, आगरा कैनाल के किनारे की सड़क, चंदावली, दिल्ली-मुंबई-बड़ोदरा एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड, केली गांव, राष्ट्रीय राजमार्ग-44 और सीकरी होते हुए पलवल बॉर्डर तक जाएगा। इस पूरे रास्ते पर कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के साथ यातायात दबाव भी बढ़ने की संभावना है।
भारी वाहनों पर भी रहेगी निगरानी
यात्रा के दौरान कांवड़ मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर भी रोक रहेगी। पुलिस की ओर से प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर बैरिकेडिंग कर वाहनों को नियंत्रित करने की तैयारी की गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कांवड़ियों के रास्ते में भारी वाहनों के कारण जाम या दुर्घटना की स्थिति पैदा न हो।
ट्रैफिक थाना प्रभारी अनोज कुमार के अनुसार, यात्रा के दौरान पुलिसकर्मियों की तैनाती दो शिफ्टों में की जाएगी। फरीदाबाद पुलिस के साथ दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद पुलिस से भी समन्वय रखा जाएगा, क्योंकि कांवड़ियों का आवागमन इन क्षेत्रों से भी जुड़ा रहता है।
टूटी सड़क और लटकते तार भी बन सकते हैं परेशानी
कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले प्रशासन ने सड़क और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं। कांवड़ मार्ग पर टूटी सड़कों की मरम्मत, कूड़ा-कचरा हटाने और नीचे लटक रहे बिजली के तारों को ठीक कराने के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजे गए हैं।
आगरा कैनाल के किनारे उगी झाड़ियों की कटाई के लिए सिंचाई विभाग और वन विभाग को भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस और प्रशासन का मानना है कि लंबे रूट पर कांवड़ियों की बड़ी संख्या को देखते हुए सड़क के किनारे किसी भी तरह का अवरोध या अव्यवस्था परेशानी का कारण बन सकती है।
पुलिस के साथ सामाजिक संगठन भी संभालेंगे व्यवस्था
यात्रा को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से सामाजिक संगठनों के साथ भी बैठक की जाएगी। कांवड़ियों के लिए पेयजल, भोजन, चिकित्सा और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था में सामाजिक संगठनों से सहयोग लिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन और यातायात नियंत्रण में स्थानीय लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी।
ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान आगरा कैनाल मार्ग पर जाने से बचें। विशेष रूप से रोजाना इस सड़क का इस्तेमाल करने वाले लोगों को यात्रा शुरू होने से पहले वैकल्पिक मार्ग चुनने की सलाह दी गई है, ताकि कांवड़ियों की आवाजाही के दौरान जाम की स्थिति न बने और आम लोगों को भी अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।