{"_id":"695abff3f32b7ead190dae9a","slug":"garbage-will-be-collected-from-door-to-door-in-8-wards-a-project-worth-rs-175-crore-has-been-approved-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-59565-2026-01-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: 8 वार्डों से घर-घर से उठाया जाएगा कूड़ा, पौने दो करोड़ की परियोजना को मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: 8 वार्डों से घर-घर से उठाया जाएगा कूड़ा, पौने दो करोड़ की परियोजना को मंजूरी
विज्ञापन
औद्योगिक नगरी फरीदाबाद को स्वच्छता के मामले में नई पहचान दिलाने की दिशा में नगर निगम ने जनभागीदारी आधारित पहल शुरू की
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद को स्वच्छता के मामले में नई पहचान दिलाने की दिशा में नगर निगम ने अब तक की सबसे ठोस और जनभागीदारी आधारित पहल शुरू की है। शहर की गलियों में लगे कूड़े के ढेर, खुले में कचरा जलाने और अनियमित कलेक्शन जैसी पुरानी समस्याओं को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से नगर निगम ने ओल्ड फरीदाबाद क्षेत्र के 8 प्रमुख वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए पौने दो करोड़ की लागत से की परियोजना को मंजूरी दी गई है।
यह योजना वार्ड नंबर 14, 31, 32, 33, 35, 36, 37 और 39 में लागू होगी जहां लाखों की आबादी लंबे समय से बेहतर सफाई व्यवस्था की मांग कर रही थी। नगर निगम का मानना है कि यह परियोजना इन वार्डों की तस्वीर बदलने के साथ पूरे फरीदाबाद के लिए एक मॉडल बनेगी।
जनता बनेगी निगरानीकर्ता, निगम का बड़ा प्रयोग
इस योजना की सबसे खास और नई बात यह है कि नगर निगम ने पहली बार जनता को सीधे निगरानी व्यवस्था से जोड़ने का फैसला किया है। इसके तहत एक नागरिक पर्यवेक्षण समिति गठित की जाएगी जिसमें स्थानीय निवासी, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि और क्षेत्र के अन्य जागरूक लोग शामिल होंगे।
विज्ञापन
एजेंसी को काम की प्रगति, समय-सारिणी और समस्याओं की जानकारी इस समिति को देनी होगी। समिति के सुझावों को औपचारिक रूप से दर्ज किया जाएगा और उन पर कार्रवाई भी की जाएगी। इसके साथ ही काम की गुणवत्ता जांचने के लिए थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन की व्यवस्था भी की गई है।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह प्रयोग इसलिए अहम है क्योंकि स्वच्छता तभी टिकाऊ हो सकती है जब जनता खुद उसे मॉनिटर करे।
लापरवाही पर सख्ती, जुर्माने से बनेगा अनुशासन
नगर निगम ने इस बार नियमों को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा है। एजेंसी के लिए सख्त दंड प्रावधान तय किए गए हैं। इसके तहत काम अलॉट होने के बाद सेवा शुरू न करने पर 10 हजार प्रतिदिन का जुर्माना लगेगा। वहीं कूड़ा जलाने की किसी भी घटना पर 5 हजार प्रति घटना देना होगा। वहीं बिना ढके कचरा ले जाने वाले वाहनों पर 2 हजार प्रतिदिन वसूला जाएगा। वहीं सभी कचरा वाहनों में जीपीएस अनिवार्य होगा, बिना जीपीएस वाले वाहन से काम नहीं करवाया जाएगा।
सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को भी दी जाएगी प्राथमिकता
परियोजना में केवल शहर की सफाई ही नहीं, बल्कि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को भी गंभीरता से लिया गया है। ठेकेदार को एनजीटी और एमओईएएफ के 2010 के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
हर सफाई कर्मचारी को वर्दी, दस्ताने, मास्क और अन्य पीपीई देना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर 500 रुपये प्रति कर्मचारी प्रतिदिन का जुर्माना तय किया गया है। साथ ही मलबा या निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों को पूरी तरह ढकना और धूल नियंत्रण के उपाय भी जरूरी होंगे।
पूरे शहर के लिए संकेत, 384 करोड़ की बड़ी योजना
नगर निगम सूत्रों के अनुसार यह योजना केवल 8 वार्डों तक सीमित नहीं रहने वाली। निगम पहले ही संकेत दे चुका है कि यदि यह मॉडल सफल रहा तो इसे शहर के सभी पांच जोन में करीब 384 करोड़ रुपये की लागत से लागू किया जाएगा। इसके लिए निगम ने पहले ही आम नागरिकों से सुझाव मांगे थे जिनमें घर-घर कलेक्शन, समयबद्ध सफाई और पारदर्शी निगरानी की मांग प्रमुख रही।
स्वच्छता रैंकिंग में हो सकता है सुधार
अगर यह परियोजना तय मानकों पर सफल होती है तो फरीदाबाद को स्वच्छता रैंकिंग में बड़ी छलांग मिल सकती है। गलियों से कूड़े के ढेर साफ होने व खुले में कचरा जलाने पर रोक व मुख्य चौराहों पर सफाई के बाद फरीदाबाद को अच्छी रैंकिंग मिलने की संभावना भी काफी बढ़ गई है।
फरीदाबाद में निगम की तरफ से हर स्तर पर तेजी से काम किया जा रहा है। लोगों की सुविधाओं व शहर को स्वच्छ बनाने के लिए कई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। - गौरव अंतिल, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद को स्वच्छता के मामले में नई पहचान दिलाने की दिशा में नगर निगम ने अब तक की सबसे ठोस और जनभागीदारी आधारित पहल शुरू की है। शहर की गलियों में लगे कूड़े के ढेर, खुले में कचरा जलाने और अनियमित कलेक्शन जैसी पुरानी समस्याओं को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से नगर निगम ने ओल्ड फरीदाबाद क्षेत्र के 8 प्रमुख वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए पौने दो करोड़ की लागत से की परियोजना को मंजूरी दी गई है।
यह योजना वार्ड नंबर 14, 31, 32, 33, 35, 36, 37 और 39 में लागू होगी जहां लाखों की आबादी लंबे समय से बेहतर सफाई व्यवस्था की मांग कर रही थी। नगर निगम का मानना है कि यह परियोजना इन वार्डों की तस्वीर बदलने के साथ पूरे फरीदाबाद के लिए एक मॉडल बनेगी।
विज्ञापन
जनता बनेगी निगरानीकर्ता, निगम का बड़ा प्रयोग
इस योजना की सबसे खास और नई बात यह है कि नगर निगम ने पहली बार जनता को सीधे निगरानी व्यवस्था से जोड़ने का फैसला किया है। इसके तहत एक नागरिक पर्यवेक्षण समिति गठित की जाएगी जिसमें स्थानीय निवासी, आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि और क्षेत्र के अन्य जागरूक लोग शामिल होंगे।
विज्ञापन
एजेंसी को काम की प्रगति, समय-सारिणी और समस्याओं की जानकारी इस समिति को देनी होगी। समिति के सुझावों को औपचारिक रूप से दर्ज किया जाएगा और उन पर कार्रवाई भी की जाएगी। इसके साथ ही काम की गुणवत्ता जांचने के लिए थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन की व्यवस्था भी की गई है।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह प्रयोग इसलिए अहम है क्योंकि स्वच्छता तभी टिकाऊ हो सकती है जब जनता खुद उसे मॉनिटर करे।
लापरवाही पर सख्ती, जुर्माने से बनेगा अनुशासन
नगर निगम ने इस बार नियमों को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा है। एजेंसी के लिए सख्त दंड प्रावधान तय किए गए हैं। इसके तहत काम अलॉट होने के बाद सेवा शुरू न करने पर 10 हजार प्रतिदिन का जुर्माना लगेगा। वहीं कूड़ा जलाने की किसी भी घटना पर 5 हजार प्रति घटना देना होगा। वहीं बिना ढके कचरा ले जाने वाले वाहनों पर 2 हजार प्रतिदिन वसूला जाएगा। वहीं सभी कचरा वाहनों में जीपीएस अनिवार्य होगा, बिना जीपीएस वाले वाहन से काम नहीं करवाया जाएगा।
सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को भी दी जाएगी प्राथमिकता
परियोजना में केवल शहर की सफाई ही नहीं, बल्कि सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को भी गंभीरता से लिया गया है। ठेकेदार को एनजीटी और एमओईएएफ के 2010 के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
हर सफाई कर्मचारी को वर्दी, दस्ताने, मास्क और अन्य पीपीई देना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर 500 रुपये प्रति कर्मचारी प्रतिदिन का जुर्माना तय किया गया है। साथ ही मलबा या निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों को पूरी तरह ढकना और धूल नियंत्रण के उपाय भी जरूरी होंगे।
पूरे शहर के लिए संकेत, 384 करोड़ की बड़ी योजना
नगर निगम सूत्रों के अनुसार यह योजना केवल 8 वार्डों तक सीमित नहीं रहने वाली। निगम पहले ही संकेत दे चुका है कि यदि यह मॉडल सफल रहा तो इसे शहर के सभी पांच जोन में करीब 384 करोड़ रुपये की लागत से लागू किया जाएगा। इसके लिए निगम ने पहले ही आम नागरिकों से सुझाव मांगे थे जिनमें घर-घर कलेक्शन, समयबद्ध सफाई और पारदर्शी निगरानी की मांग प्रमुख रही।
स्वच्छता रैंकिंग में हो सकता है सुधार
अगर यह परियोजना तय मानकों पर सफल होती है तो फरीदाबाद को स्वच्छता रैंकिंग में बड़ी छलांग मिल सकती है। गलियों से कूड़े के ढेर साफ होने व खुले में कचरा जलाने पर रोक व मुख्य चौराहों पर सफाई के बाद फरीदाबाद को अच्छी रैंकिंग मिलने की संभावना भी काफी बढ़ गई है।
फरीदाबाद में निगम की तरफ से हर स्तर पर तेजी से काम किया जा रहा है। लोगों की सुविधाओं व शहर को स्वच्छ बनाने के लिए कई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। - गौरव अंतिल, अतिरिक्त आयुक्त नगर निगम