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10 लाख रुपये लोन दिलाने के नाम पर ठगी
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फरीदाबाद। पर्वतीया कॉलोनी में रहने वाले एक युवक को 2018 में 10 लाख का बैंक लोन दिलाने के नाम पर जालसाजों ने करीब डेढ़ लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित बीते दो वर्षों से ठगी का मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने के चक्कर काट रहा था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पीड़ित ने मामले की शिकायत डीजीपी मुख्यालय में की। डीजीपी मुख्यालय के निर्देश के बाद इस मामले में मुजेसर थाना पुलिस ने मंगलवार को पीड़ित का मामला दर्ज कर लिया है।
पीड़ित ओमप्रकाश गुप्ता के मुताबिक, वो मजदूरी करता है। वो बैंक से लोन लेकर अपना कोई कारोबार शुरू करना चाह रहा था। उसने लोन के लिए कई बैंक में आवेदन कर रखा था। इसी बीच बैंक से लोन दिलाने के नाम पर उसके पास कॉल आई। कॉल पर सुधीर, कुनाल व महेंद्र द्वारा उसे 10 लाख का लोन दिलाने की बात कही गई। पीड़ित को मई 2018 में सुधीर ने फोन करके तीन खातों में फाइल प्रोसेसिंग के लिए कुछ राशी भेजने को कहा। इससे पूर्व आरोपियों ने उन्हें एक राष्ट्रीयकृत बैंक के लैटर हेड पर पूरे दस्तावेज भी बनाकर मेल कर दिया।
पीड़ित ने आरोपियों द्वारा बताए गए दो खातों में चार बार में 94 हजार, 70 हजार, 20 हजार व चार हजार रुपये भेज दिया। जिसके बाद पीड़ित के पास दोबारा से 20 हजार रुपये भेजने के लिए कॉल आई तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने जब आरोपियों से लोन दिलाने के लिए कहा तो उनकी कॉल उठाना आरोपियों ने बंद कर दिया। पीड़ित ने बताया कि इस मामले में उन्होंने कई महीनों तक थानों के चक्कर काटे मगर पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की।
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पीड़ित ओमप्रकाश गुप्ता के मुताबिक, वो मजदूरी करता है। वो बैंक से लोन लेकर अपना कोई कारोबार शुरू करना चाह रहा था। उसने लोन के लिए कई बैंक में आवेदन कर रखा था। इसी बीच बैंक से लोन दिलाने के नाम पर उसके पास कॉल आई। कॉल पर सुधीर, कुनाल व महेंद्र द्वारा उसे 10 लाख का लोन दिलाने की बात कही गई। पीड़ित को मई 2018 में सुधीर ने फोन करके तीन खातों में फाइल प्रोसेसिंग के लिए कुछ राशी भेजने को कहा। इससे पूर्व आरोपियों ने उन्हें एक राष्ट्रीयकृत बैंक के लैटर हेड पर पूरे दस्तावेज भी बनाकर मेल कर दिया।
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पीड़ित ने आरोपियों द्वारा बताए गए दो खातों में चार बार में 94 हजार, 70 हजार, 20 हजार व चार हजार रुपये भेज दिया। जिसके बाद पीड़ित के पास दोबारा से 20 हजार रुपये भेजने के लिए कॉल आई तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने जब आरोपियों से लोन दिलाने के लिए कहा तो उनकी कॉल उठाना आरोपियों ने बंद कर दिया। पीड़ित ने बताया कि इस मामले में उन्होंने कई महीनों तक थानों के चक्कर काटे मगर पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की।
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