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Faridabad News: साइबर ठगों ने भविष्य निधि के 1.17 करोड़ ठगे

Thu, 04 Apr 2024 11:29 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 04 Apr 2024 11:29 PM IST
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fraud by deception
- ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर की ठगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। साइबर ठगों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने के झांसा देकर एक व्यक्ति से 1 करोड़ 17 लाख रुपये ऐंठ लिए। पीड़ित ने एक कंपनी में काम करने के दौरान जो पैसा भविष्य निधि में जमा किया था वो सब ठगों को दे दिया। इसके अलावा अन्य जमापूंजी भी दांव पर लगा दी। ठगों ने पीड़ित द्वारा जमा किए पैसे एक ऑनलाइन पोर्टल पर 10 गुना बढ़ते हुए दिखाए। लालच बढ़ता गया और पीड़ित निवेश करते चले गए। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर थाना एनआईटी में केस दर्ज करवाया है।

ग्रीन फील्ड कॉलोनी निवासी मनोरंजन त्रिपाठी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया एक कंपनी से सेवानिवृत्त हैं। फिलहाल एक कंपनी में अनुबंध पर काम कर रहे हैं। फरवरी महीने में वह फेसबुक के माध्यम से एक व्हाट्सअप ग्रुप से जुड़ गए। यहां पैसे निवेश करने के टिप्स दिए जाते थे। लोगों का पैसा लगवाकर उन्हें मोटा मुनाफा दिलवाने की बातें की जाती थी। उन्होंने ग्रुप से निवेश संबंधी जानकारी लेनी शुरू कर दी। ग्रुप में लोग काफी ज्यादा राशि निवेश करने के स्क्रीन शॉट डालते थे। तीन हफ्तों तक उन्होंने ग्रुप पर हो रही गतिविधियों पर जानकारी ली और पैसे लगाने की सोची। पैसे बढ़ाने के लिए उन्होंने अपना 22 साल की नौकरी का पीएफ फंड निकालकर निवेश कर दिया। आरोपियों ने एक ऐप डाउनलोड कराकर उसपर अकाउंट खुलवाकर निवेश करवाया गया। एक दिन अचानक ग्रुप पर संदेश आया कि ट्रेडिंग बंद कर दी गई है। सभी अपने पैसे निकाल सकते हैं। मनोरंजन त्रिपाठी ने जब अपने पैसे निकालने चाहे तो आरोपियों ने सर्विस चार्ज के नाम पर 38 लाख रुपये की मांग की। पीड़ित ने अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से 38 लाख रुपये उधार लेकर आरोपियों द्वारा बताए खातों में डाल दिए। धीरे-धीरे पीड़ित ने कुल 01 करोड़ 17 लाख 21 हजार 396 रुपये आरोपियों को दे दिए। इसके बाद सर्विस चार्ज के नाम पर 19 लाख रुपये की मांग करने लगे। पीड़ित ने टैक्स की राशि उनके निवेश की रकम से काटने को कहा। इस पर आरोपी नहीं माने और अलग से पैसे जमा कराने की बात पर अड़े रहे। पीड़ित ने जानकारी लेने के लिए ग्रुप के सदस्यों से बात करनी चाही लेकिन सभी के नंबर बंद थे। ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने इस साइबर थाना एनआईटी में केस दर्ज करवाया।
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