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Faridabad News: पूर्व छात्रों ने हॉस्टल खाली करने के आदेश के विरोध में दिया धरना
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100 विद्यार्थियों को मिला था इंटर्नशिप का मौका, अगले दिन किया रद्द
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मंगलवार को एमबीबीएस के पूर्व छात्रों ने हॉस्टल खाली करने के आदेश के विरोध में धरना दिया। छात्रों का कहना है कि उनसे जबरदस्ती हॉस्टल खाली कराए जा रहे हैं। इसलिए जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाएगी। उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से हाल ही में 100 विद्यार्थियों ने एमबीबीएस पास किया है। छात्र डॉ. हैप्पी डागर ने बताया कि एक मार्च को रजिस्ट्रार अकेडमिक की ओर से उन्हें इंटर्नशिप शुरू करने का नोटिस प्राप्त हुआ। इसके आधार पर उन्होंने अस्पताल में ड्यूटी शुरू कर दी। अगले दिन उन्हें बोला गया कि सभी की इंटर्नशिप रद्द कर दी गई है। जल्द हॉस्टल को खाली कर दें, जबकि नियमानुसार इंटर्न छात्रों को अस्पताल में ही हॉस्टल देने का नियम है। आरोप है कि कॉलेज नियमाें की अनदेखी कर उन्हें बाहर निकाल रहा है। सोमवार रात भी सुरक्षा कर्मी उन्हें हॉस्टल जल्द खाली करने की चेतावनी देकर गए। इसे लेकर जब वे कॉलेज डीन डॉ. असीम दास से मिले तो उन्होंने सभी को हॉस्टल छोड़ने के आदेश दिए। इस अवसर पर डॉ. कैलाश, डॉ. विक्की, डॉ. रोहित, डॉ. एरिका राणा, डॉ. श्रेया सहित अनेक विद्यार्थी मौजूद रहे।
हरियाणा मेडिकल एसोसिएशन में पंजीकरण नहीं
कॉलेज से पास हुए छात्रों का अभी हरियाणा मेडिकल एसोसिएशन में पंजीकरण नहीं हुआ है। इसलिए हम उन्हें अभी इंटर्नशिप की सुविधा नहीं दे सकते। उनकी पढ़ाई पूरी होने के कारण उन्हें हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया है।
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- डॉ. असीम दास, डीन, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मंगलवार को एमबीबीएस के पूर्व छात्रों ने हॉस्टल खाली करने के आदेश के विरोध में धरना दिया। छात्रों का कहना है कि उनसे जबरदस्ती हॉस्टल खाली कराए जा रहे हैं। इसलिए जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाएगी। उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से हाल ही में 100 विद्यार्थियों ने एमबीबीएस पास किया है। छात्र डॉ. हैप्पी डागर ने बताया कि एक मार्च को रजिस्ट्रार अकेडमिक की ओर से उन्हें इंटर्नशिप शुरू करने का नोटिस प्राप्त हुआ। इसके आधार पर उन्होंने अस्पताल में ड्यूटी शुरू कर दी। अगले दिन उन्हें बोला गया कि सभी की इंटर्नशिप रद्द कर दी गई है। जल्द हॉस्टल को खाली कर दें, जबकि नियमानुसार इंटर्न छात्रों को अस्पताल में ही हॉस्टल देने का नियम है। आरोप है कि कॉलेज नियमाें की अनदेखी कर उन्हें बाहर निकाल रहा है। सोमवार रात भी सुरक्षा कर्मी उन्हें हॉस्टल जल्द खाली करने की चेतावनी देकर गए। इसे लेकर जब वे कॉलेज डीन डॉ. असीम दास से मिले तो उन्होंने सभी को हॉस्टल छोड़ने के आदेश दिए। इस अवसर पर डॉ. कैलाश, डॉ. विक्की, डॉ. रोहित, डॉ. एरिका राणा, डॉ. श्रेया सहित अनेक विद्यार्थी मौजूद रहे।
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हरियाणा मेडिकल एसोसिएशन में पंजीकरण नहीं
कॉलेज से पास हुए छात्रों का अभी हरियाणा मेडिकल एसोसिएशन में पंजीकरण नहीं हुआ है। इसलिए हम उन्हें अभी इंटर्नशिप की सुविधा नहीं दे सकते। उनकी पढ़ाई पूरी होने के कारण उन्हें हॉस्टल खाली करने के लिए कहा गया है।
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- डॉ. असीम दास, डीन, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल