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Faridabad News: युवाओं को गुमराह कर भारत को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे विदेशी

Wed, 20 Nov 2024 12:49 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 20 Nov 2024 12:49 AM IST
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Foreigners are causing economic loss to India by misleading the youth.
- नौकरी लगाने के नाम पर युवाओं को भेजा जाता है विदेश, साइबर ठगी का प्रशिक्षण देकर भेजा जाता है वापस
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- ठगी के लिए कंपनी ने बनाई हुई है पूरी व्यवस्था, देश में दो हजार से ज्यादा युवा बताए जा रहे सक्रिय
- राज्यों के हिसाब से बनाए हुए हैं हैंडलर, खाता उपलब्ध कराने से लेकर रुपये निकालने का दिया हुआ है काम

प्रवीण बैंसला
पलवल। भारत को नुकसान पहुंचाने के लिए विदेशी अब साइबर वार का सहारा ले रहे हैं। विदेशों द्वारा संचालित विभिन्न कंपनी भारतीय युवाओं को गुमराह कर देश को आर्थिक तौर पर कमजोर कर रही हैं। इसके लिए विदेशी कंपनियों ने पूरी व्यवस्था कर रखी है। पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं की तलाश कर नौकरी लगाने के नाम पर विदेश भेजा जाता है। युवाओं को साइबर ठगी का प्रशिक्षण दिया जाता है। पुलिस के अनुसार देश के अंदर करीब दो हजार से ज्यादा युवा सक्रिय हैं। चाइनीज कंपनी द्वारा संचालित साइबर गिरोह के गिरफ्तार सदस्यों की मानें तो साइबर ठगी के माध्यम से देश को प्रतिदिन 150 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बेरोजगार भारतीय युवाओं को नौकरी लगाने के नाम पर विदेश भेजा जाता है। उनके पासपोर्ट तैयार कराए जाते हैं और वीजा लगवाया जाता है। वियतनाम, कंबोडिया, दुबई जैसे बड़े शहरों में युवाओं का मानसिक परिवर्तन कर साइबर ठगी का प्रशिक्षण दिया जाता है। कंपनी द्वारा देश के विभिन्न राज्यों के हिसाब से गुर्गे (हैंडलर) छोड़े हुए हैं। योग्यता के हिसाब से उन्हें पद भी दिया गया है। ये युवा साइबर अपराध को अंजाम देने के अलावा बैंक खाते उपलब्ध कराने, ठगी की राशि निकालने व भारतीय मुद्दा को क्रिप्टो करेंसी में बदलवाने तक का कार्य करते हैं। इसके बदले युवाओं को कमीशन दिया जाता है, जो कि दो से तीन प्रतिशत बताया जा रहा है। इसके अलावा ज्यादा बड़ी साइबर ठगी करने पर इंसेंटिव भी मिलता है।
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गिरफ्तार युवा कई बार कर चुके हैं विदेशों की यात्रा
पुुलिस ने बताया कि साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार आरोपी कई बार विदेशों का सफर कर चुके हैं। मुख्य रूप से आरोपी कंबोडिया, वियतनाम, दुबई व नेपाल आते-जाते रहते हैं। देश में भी ये युवा विमानों में सफर करते हैं। पूरे देश में ठगी की व्यवस्था स्थापित की हुई है। पलवल पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 11 आरोपियों में से मनोज लुहार नामक युवक उत्तर भारत का मुख्य हैंडलर है। वह पूरी टीम को लीड करता है और ठगी की वारदात होने के दौरान पूरी नजर बनाए रखता है। ठगी होने तक क्रिप्टो करेंसी में राशि बदलने तक का पूरा काम मुख्य हैंडलर की देख रेख में होता है। उसके पासपोर्ट में कई देशों में आने-जाने की एंट्री मिली है।
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ठगी का प्रक्रिया पूरी होने तक खाता धारक को रखते हैं नजरबंद
साइबर क्राइम थाना प्रभारी नवीन ने बताया कि गिरोह द्वारा ठगी की राशि के लिए लालच देकर गरीब व जरूरतमंद लोगों के बैंक में खाते खुलवाते हैं। उसके बाद ठगी प्रक्रिया के दौरान खाता धारक को नजर बंद कर लेते हैं। जैसे ही ठगी की राशि उनके खाते में आती है और उनके खाते से विभिन्न खातों में राशि ट्रांसफर करा दी जाती है।
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