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Faridabad News: फूल और गोबर से अगरबत्ती खींच रही ध्यान
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। सेक्टर-12 स्थित एचएसवीपी के मैदान में सरस मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं अपने उत्पाद लेकर आईं हैं।
देहरादून की रहने वाली संगीता फूलों और गोबर से बनी अगरबत्ती और दीये लेकर मेले में पहुंची हैं। उन्होंने बताया कि करीब 6 साल पहले 5 हजार रुपये से काम शुरू किया था। शुरुआत में मंदिरों से फूल इकट्ठा करना शुरू किया। जड़ी-बूटी खरीदीं, फिर गाय के गोबर के साथ मिलाकर विभिन्न प्रकार के फूलों की खुशबू वाली अगरबत्ती और दीये बनाना शुरू किया। शुरुआत में कोई खरीदता नहीं था लेकिन मैंने हार नहीं मानी। आज मेरा सामान खूब बिकता है। मेरे साथ 15 से 20 महिलाएं काम कर रही हैं जो कि हर महीने 15 से 20 हजार रुपये कमा लेती हैं। अब उन्होंने अगरबत्ती के अलावा चाय मसाला, कैंडी, पहाड़ी नमक, ऑर्गेनिक पहाड़ी दाल, उड़द दाल बड़ी, मूंग दाल बड़ी आदि बनाना शुरू कर दिया है।
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बल्लभगढ़। सेक्टर-12 स्थित एचएसवीपी के मैदान में सरस मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं अपने उत्पाद लेकर आईं हैं।
देहरादून की रहने वाली संगीता फूलों और गोबर से बनी अगरबत्ती और दीये लेकर मेले में पहुंची हैं। उन्होंने बताया कि करीब 6 साल पहले 5 हजार रुपये से काम शुरू किया था। शुरुआत में मंदिरों से फूल इकट्ठा करना शुरू किया। जड़ी-बूटी खरीदीं, फिर गाय के गोबर के साथ मिलाकर विभिन्न प्रकार के फूलों की खुशबू वाली अगरबत्ती और दीये बनाना शुरू किया। शुरुआत में कोई खरीदता नहीं था लेकिन मैंने हार नहीं मानी। आज मेरा सामान खूब बिकता है। मेरे साथ 15 से 20 महिलाएं काम कर रही हैं जो कि हर महीने 15 से 20 हजार रुपये कमा लेती हैं। अब उन्होंने अगरबत्ती के अलावा चाय मसाला, कैंडी, पहाड़ी नमक, ऑर्गेनिक पहाड़ी दाल, उड़द दाल बड़ी, मूंग दाल बड़ी आदि बनाना शुरू कर दिया है।
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