{"_id":"68bb332a8ad47b9ad70d4ce9","slug":"flood-slows-down-danger-persists-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-50712-2025-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: बाढ़ की थमी रफ्तार, खतरा बरकरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: बाढ़ की थमी रफ्तार, खतरा बरकरार
विज्ञापन
फरीदाबाद बसंतपुर गांव में यमुना नदी का हल्का पानी कम होने पर घरों से सामान निकालकर लाते लोग । फ
प्रभावित इलाकों में कुछ इंच कम हुआ जल स्तर, बसंतपुर और उसके आस पास के गांवों में अभी भी भरा है 4 से 5 फीट पानी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले में जलभराव की स्थिति कुछ हद तक कम हुई है, मगर हालात पूरी तरह सामान्य होने में अभी समय लगेगा। कई इलाकों में पानी इंच-दर-इंच घटा जरूर है, लेकिन मकान और गलियां अब भी डूबी हुई हैं। प्रशासन ने सतर्कता बनाए रखते हुए राहत और बचाव कार्यों की गति और बढ़ा दी है। मोहना से बागपुर रोड पूरी तरह बंद है और वहां से गुजरने वालों पर रोक लगा दी गई है। मौके पर पुलिस बल और प्रशासनिक टीम तैनात हैं, ताकि कोई व्यक्ति खतरे वाले क्षेत्र में न जा सके। अगर पहाड़ों पर बारिश होती है तो खतरा बढ़ सकता है।
गांव अरुआ, बसंतपुर और भूपानी जैसे इलाकों में राहत और स्वास्थ्य सेवाएं लगातार जारी हैं। अरुआ गांव में स्वास्थ्य विभाग ने विशेष कैंप लगाया है, जबकि बसंतपुर में शुक्रवार शाम के समय मेडिकल टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। भूपानी सरकारी स्कूल में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा कैंप लगाया गया है, जहां डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की टीम ग्रामीणों की जांच कर रही है।
नगर निगम संभाल रहा भोजन की कमान
इसी बीच नगर निगम फरीदाबाद ने भोजन वितरण की जिम्मेदारी उठाई है। निगम की टीम सुबह और शाम दोनों समय भोजन पहुंचा रही है। खासकर भूपानी क्षेत्र में प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए निगम कर्मी शेल्टर होम और राहत शिविरों में जाकर भोजन व पानी बांट रहे हैं।
विज्ञापन
700 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
जिला प्रशासन ने अब तक 27 गांवों को प्रभावित घोषित किया है। इनमें मोहना, भूपानी, बसंतपुर, अरुआ, काबुलपुर, दुलेपुर, बागपुर, तिगांव सहित कई गांव शामिल हैं। उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि अब तक करीब 270 घर आंशिक रूप से जलमग्न हुए हैं और 705 लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। जिले में इस समय 12 सक्रिय राहत शिविर चल रहे हैं, जिनमें भोजन, पानी, चिकित्सा और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था है। दुलेपुर गांव से प्रशासन ने दर्जनों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया। नावों और प्रशासनिक वाहनों की मदद से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को शेल्टर होम तक पहुंचाया गया। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर संतोष जताया।
हेल्पलाइन बनी जीवन रेखा
बाढ़ जैसी आपदा में जिला प्रशासन की हेल्पलाइन (0129-2227937 और 0129-2226262) लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। कई संकटग्रस्त परिवारों ने इन नंबरों पर कॉल कर मदद मांगी और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर उन्हें सुरक्षित निकाला।
ताजेवाला बैराज से छोड़े गए पानी में कमी आई
ताजेवाला बैराज से छोड़े गए पानी में कमी आई है और ओखला बैराज पर जलस्तर स्थिर है, मगर खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। शुक्रवार को ताजेवाला से करीब 58,344 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि ओखला बैराज का जलस्तर 200.55 मीटर दर्ज किया गया। प्रशासन का मानना है कि अगले 48 घंटे स्थिति को लेकर अहम होंगे। प्रशासन और आपदा राहत बल (एसडीआरएफ) की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर रही हैं। नावों और मोटरबोट की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाए जा रहे हैं। उपायुक्त विक्रम सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन से संपर्क करें।
बारिश का असर और बाढ़ का खतरा
फरीदाबाद सहित एनसीआर के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार सुबह तक 4 मिमी बारिश दर्ज की गई। हल्की बारिश ने फिलहाल जलस्तर पर बड़ा असर नहीं डाला है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में तेज बारिश हुई तो यमुना का बहाव फिर से बढ़ सकता है।
आने वाले 3 दिन अहम
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रित जरूर है, लेकिन खतरे से पूरी तरह उबरने के लिए अगले 2-3 दिन अहम होंगे। यदि इस दौरान दोबारा भारी बारिश नहीं हुई और ताजेवाला का डिस्चार्ज इसी स्तर पर रहा तो यमुना किनारे बसे इलाकों में सामान्य स्थिति लौटने लगेगी।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। जिले में जलभराव की स्थिति कुछ हद तक कम हुई है, मगर हालात पूरी तरह सामान्य होने में अभी समय लगेगा। कई इलाकों में पानी इंच-दर-इंच घटा जरूर है, लेकिन मकान और गलियां अब भी डूबी हुई हैं। प्रशासन ने सतर्कता बनाए रखते हुए राहत और बचाव कार्यों की गति और बढ़ा दी है। मोहना से बागपुर रोड पूरी तरह बंद है और वहां से गुजरने वालों पर रोक लगा दी गई है। मौके पर पुलिस बल और प्रशासनिक टीम तैनात हैं, ताकि कोई व्यक्ति खतरे वाले क्षेत्र में न जा सके। अगर पहाड़ों पर बारिश होती है तो खतरा बढ़ सकता है।
गांव अरुआ, बसंतपुर और भूपानी जैसे इलाकों में राहत और स्वास्थ्य सेवाएं लगातार जारी हैं। अरुआ गांव में स्वास्थ्य विभाग ने विशेष कैंप लगाया है, जबकि बसंतपुर में शुक्रवार शाम के समय मेडिकल टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। भूपानी सरकारी स्कूल में स्वास्थ्य विभाग का बड़ा कैंप लगाया गया है, जहां डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की टीम ग्रामीणों की जांच कर रही है।
विज्ञापन
नगर निगम संभाल रहा भोजन की कमान
इसी बीच नगर निगम फरीदाबाद ने भोजन वितरण की जिम्मेदारी उठाई है। निगम की टीम सुबह और शाम दोनों समय भोजन पहुंचा रही है। खासकर भूपानी क्षेत्र में प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए निगम कर्मी शेल्टर होम और राहत शिविरों में जाकर भोजन व पानी बांट रहे हैं।
विज्ञापन
700 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
जिला प्रशासन ने अब तक 27 गांवों को प्रभावित घोषित किया है। इनमें मोहना, भूपानी, बसंतपुर, अरुआ, काबुलपुर, दुलेपुर, बागपुर, तिगांव सहित कई गांव शामिल हैं। उपायुक्त विक्रम सिंह ने बताया कि अब तक करीब 270 घर आंशिक रूप से जलमग्न हुए हैं और 705 लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। जिले में इस समय 12 सक्रिय राहत शिविर चल रहे हैं, जिनमें भोजन, पानी, चिकित्सा और सुरक्षा की पूरी व्यवस्था है। दुलेपुर गांव से प्रशासन ने दर्जनों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया। नावों और प्रशासनिक वाहनों की मदद से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को शेल्टर होम तक पहुंचाया गया। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर संतोष जताया।
हेल्पलाइन बनी जीवन रेखा
बाढ़ जैसी आपदा में जिला प्रशासन की हेल्पलाइन (0129-2227937 और 0129-2226262) लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। कई संकटग्रस्त परिवारों ने इन नंबरों पर कॉल कर मदद मांगी और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर उन्हें सुरक्षित निकाला।
ताजेवाला बैराज से छोड़े गए पानी में कमी आई
ताजेवाला बैराज से छोड़े गए पानी में कमी आई है और ओखला बैराज पर जलस्तर स्थिर है, मगर खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। शुक्रवार को ताजेवाला से करीब 58,344 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि ओखला बैराज का जलस्तर 200.55 मीटर दर्ज किया गया। प्रशासन का मानना है कि अगले 48 घंटे स्थिति को लेकर अहम होंगे। प्रशासन और आपदा राहत बल (एसडीआरएफ) की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों का दौरा कर रही हैं। नावों और मोटरबोट की मदद से रेस्क्यू अभियान चलाए जा रहे हैं। उपायुक्त विक्रम सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन से संपर्क करें।
बारिश का असर और बाढ़ का खतरा
फरीदाबाद सहित एनसीआर के अधिकांश हिस्सों में शुक्रवार सुबह तक 4 मिमी बारिश दर्ज की गई। हल्की बारिश ने फिलहाल जलस्तर पर बड़ा असर नहीं डाला है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में तेज बारिश हुई तो यमुना का बहाव फिर से बढ़ सकता है।
आने वाले 3 दिन अहम
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रित जरूर है, लेकिन खतरे से पूरी तरह उबरने के लिए अगले 2-3 दिन अहम होंगे। यदि इस दौरान दोबारा भारी बारिश नहीं हुई और ताजेवाला का डिस्चार्ज इसी स्तर पर रहा तो यमुना किनारे बसे इलाकों में सामान्य स्थिति लौटने लगेगी।