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Faridabad News: निगम की 18 अवैध कॉलोनियों के प्रस्ताव में खामियां, शहरी निकाय विभाग ने लौटाया
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निगम को दोबारा जांच कर नए लेआउट प्लान जमा कराने को कहा
केशव भारद्वाज
फरीदाबाद। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने शहर में 18 अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के प्रस्ताव पर आपत्तियां जताकर इसे लौटा दिया है। विभाग ने निगम प्रशासन को कॉलोनियों की दोबारा जांच कर संशोधित 22 कॉलम प्रोफार्मा के साथ नए लेआउट प्लान जमा कराने को कहा है।
हरियाणा मैनेजमेंट ऑफ सिविक एमेनिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेफिशिएंट म्यूनिसिपल एरियाज (स्पेशल प्रोविजंस) एक्ट-2016 और वर्ष 2021 में किए गए संशोधन के तहत कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया चल रही है। इसी क्रम में नगर निगम प्रशासन ने 18 कॉलोनियों का प्रस्ताव भेजा था। इनमें पल्ला, तिलपत, गौंची, अगवानपुर, भटौला, सिही, बादशाहपुर, टिकावली, एत्मादपुर, मवई, नचौली, मच्छगर, नीमका, बाजड़ी, गाजीपुर और डबुआ सहित कई क्षेत्रों की कॉलोनियां शामिल हैं। निगम द्वारा भेजे गए प्रस्ताव की जांच के दौरान शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने रिकॉर्ड में कई कमियां पाई हैं। विभाग की ओर से जारी पत्र में बताया गया कि 22 कॉलम वाले प्रोफार्मा में प्रत्येक कॉलोनी के संबंध में नगर निगम की सिफारिश दर्ज होनी चाहिए। साथ ही पहले भेजे गए लेआउट प्लान को भी संशोधित कर नए सिरे से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
एक सप्ताह में देना होगा संशोधित रिकॉर्ड
शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने नगर निगम को निर्देश दिया है कि अधिकारियों की ओर से दर्ज आपत्तियों को दूर कर संबंधित कॉलोनियों के संशोधित और नए लेआउट प्लान तैयार किए जाएं। इसके साथ संशोधित 22 कॉलम प्रोफार्मा भी जमा कराना होगा। यह पूरा रिकॉर्ड एक सप्ताह के भीतर सकारात्मक रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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फाइल में ओवरराइटिंग और फ्लूड लगाने पर भी सवाल
अधिकारियों ने फाइलों की जांच के दौरान दस्तावेजों में ओवरराइटिंग और लेआउट प्लान पर फ्लूड के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जिस शीट पर समिति के सदस्य के हस्ताक्षर हैं, वहां काफी ओवरराइटिंग मिली है। इसी तरह लेआउट प्लान पर भी फ्लूड का इस्तेमाल किया गया है। विभाग ने भविष्य में इस तरह की फाइल प्रस्तुत नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
गत वर्ष तक 81 कॉलोनियों को नियमित किया गया था
स्थानीय शहरी निकाय विभाग ने गत वर्ष तक 81 कॉलोनियों को मंजूरी दी थी। इसके बाद यहां मूलभूत सुविधाओं पर काम शुरू हुआ। यहां पर सड़क, सीवर, जाम, पेयजल पाइप लाइन बिछाने के साथ-साथ स्ट्रीट लाइट लगाने के काम चल रहे हैं। हालांकि, अभी कॉलोनियों में पूरी तरह काम नहीं हुआ है। यहां के लोग इन कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं को पूरा करवाने की मांग कर रहे हैं।
कॉलोनियों को नियमित करने का काम चल रहा है। 18 कॉलोनियों के प्रस्ताव पर आपत्तियां जताकर वापस भेजा गया है। आपत्तियों को दूर कर प्रस्ताव नए सिरे से भेजा जाएगा।
- यशेंद्र सिंह, आयुक्त, नगर निगम
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केशव भारद्वाज
फरीदाबाद। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने शहर में 18 अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के प्रस्ताव पर आपत्तियां जताकर इसे लौटा दिया है। विभाग ने निगम प्रशासन को कॉलोनियों की दोबारा जांच कर संशोधित 22 कॉलम प्रोफार्मा के साथ नए लेआउट प्लान जमा कराने को कहा है।
हरियाणा मैनेजमेंट ऑफ सिविक एमेनिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेफिशिएंट म्यूनिसिपल एरियाज (स्पेशल प्रोविजंस) एक्ट-2016 और वर्ष 2021 में किए गए संशोधन के तहत कॉलोनियों को नियमित करने की प्रक्रिया चल रही है। इसी क्रम में नगर निगम प्रशासन ने 18 कॉलोनियों का प्रस्ताव भेजा था। इनमें पल्ला, तिलपत, गौंची, अगवानपुर, भटौला, सिही, बादशाहपुर, टिकावली, एत्मादपुर, मवई, नचौली, मच्छगर, नीमका, बाजड़ी, गाजीपुर और डबुआ सहित कई क्षेत्रों की कॉलोनियां शामिल हैं। निगम द्वारा भेजे गए प्रस्ताव की जांच के दौरान शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने रिकॉर्ड में कई कमियां पाई हैं। विभाग की ओर से जारी पत्र में बताया गया कि 22 कॉलम वाले प्रोफार्मा में प्रत्येक कॉलोनी के संबंध में नगर निगम की सिफारिश दर्ज होनी चाहिए। साथ ही पहले भेजे गए लेआउट प्लान को भी संशोधित कर नए सिरे से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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एक सप्ताह में देना होगा संशोधित रिकॉर्ड
शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने नगर निगम को निर्देश दिया है कि अधिकारियों की ओर से दर्ज आपत्तियों को दूर कर संबंधित कॉलोनियों के संशोधित और नए लेआउट प्लान तैयार किए जाएं। इसके साथ संशोधित 22 कॉलम प्रोफार्मा भी जमा कराना होगा। यह पूरा रिकॉर्ड एक सप्ताह के भीतर सकारात्मक रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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फाइल में ओवरराइटिंग और फ्लूड लगाने पर भी सवाल
अधिकारियों ने फाइलों की जांच के दौरान दस्तावेजों में ओवरराइटिंग और लेआउट प्लान पर फ्लूड के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जिस शीट पर समिति के सदस्य के हस्ताक्षर हैं, वहां काफी ओवरराइटिंग मिली है। इसी तरह लेआउट प्लान पर भी फ्लूड का इस्तेमाल किया गया है। विभाग ने भविष्य में इस तरह की फाइल प्रस्तुत नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
गत वर्ष तक 81 कॉलोनियों को नियमित किया गया था
स्थानीय शहरी निकाय विभाग ने गत वर्ष तक 81 कॉलोनियों को मंजूरी दी थी। इसके बाद यहां मूलभूत सुविधाओं पर काम शुरू हुआ। यहां पर सड़क, सीवर, जाम, पेयजल पाइप लाइन बिछाने के साथ-साथ स्ट्रीट लाइट लगाने के काम चल रहे हैं। हालांकि, अभी कॉलोनियों में पूरी तरह काम नहीं हुआ है। यहां के लोग इन कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं को पूरा करवाने की मांग कर रहे हैं।
कॉलोनियों को नियमित करने का काम चल रहा है। 18 कॉलोनियों के प्रस्ताव पर आपत्तियां जताकर वापस भेजा गया है। आपत्तियों को दूर कर प्रस्ताव नए सिरे से भेजा जाएगा।
- यशेंद्र सिंह, आयुक्त, नगर निगम