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पांच टीमें खोरी विस्थापितों का 20 जून से सुनेंगी पक्ष
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फरीदाबाद। खोरी से विस्थापित पात्रों को डबुआ कॉलोनी में ईडब्ल्यूएस फ्लैट दिए जा रहे हैं। वहीं, ऐसे लोग जो खुद को खोरीवासी बताते हैं लेेकिन किसी कारण से उनका नाम सूची में नहीं आया है, उनकी बात सुनने के लिए नगर निगम ने पांचों टीमों का गठन कर दिया है। ये टीमें अगले 20 जून से से सुनवाई करेंगी।
नगर निगम के वरिष्ठ वास्तुकार बीएस ढिल्लो ने बताया कि पहली सूची में 1009 पात्रों को डबुआ कॉलोनी के ईडब्ल्यूएस फ्लैट दिए जा रहे हैं। पात्रों को पहले दस हजार रुपये जमा कराने हैं। इसमें करीब 100 लोगों से पैसे जमा करा दिए हैं। ढिल्लो ने बताया कि पात्रों को सरकार की ओर से तय मकान किराया भत्ता भी दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खोरी पात्रों के लिए सरकार ने कुछ तय कागजात मांगे थे। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी दिशा निर्देश दिया हुआ है।
इसमें कई लोग सरकारी मानक को पूरा नहीं करते। ऐसे में निगम आयुक्त यशपाल यादव का मानना है कि जिन विस्थापितों ने पुनर्वास के लिए आवेदन किया हुआ है, लेकिन वे तय मानक को पूरा नहीं करते। ऐसे लोगों की बात को कमेटियां सुने। यदि इस दौरान उनके पास खोरी विस्थापित होने का ठोस प्रमाण है तो विचार किया जाए। बीएस ढिल्लो ने बताया कि इसके लिए सिटी प्रोजेक्ट आफिसर द्वारिका प्रसाद व सीपीओ पदम के नेतृत्व में दो-दो टीमें, जबकि एओ सुरेंद्र के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया है। पूरे सुनवाई प्रक्रिया पर क्षेत्रीय कराधान अधिकारी सुमन और एसटीपी महिपाल नजर रखेंगे। वरिष्ठ वास्तुकार ने बताया कि एक टीम रोजाना लोगों की बातों को सुनेगी। टीमें बीस से 25 जून तक सूरजकुंड में राधा स्वामी सत्संग भवन में सुनवाई करेगी।
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नगर निगम के वरिष्ठ वास्तुकार बीएस ढिल्लो ने बताया कि पहली सूची में 1009 पात्रों को डबुआ कॉलोनी के ईडब्ल्यूएस फ्लैट दिए जा रहे हैं। पात्रों को पहले दस हजार रुपये जमा कराने हैं। इसमें करीब 100 लोगों से पैसे जमा करा दिए हैं। ढिल्लो ने बताया कि पात्रों को सरकार की ओर से तय मकान किराया भत्ता भी दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खोरी पात्रों के लिए सरकार ने कुछ तय कागजात मांगे थे। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी दिशा निर्देश दिया हुआ है।
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इसमें कई लोग सरकारी मानक को पूरा नहीं करते। ऐसे में निगम आयुक्त यशपाल यादव का मानना है कि जिन विस्थापितों ने पुनर्वास के लिए आवेदन किया हुआ है, लेकिन वे तय मानक को पूरा नहीं करते। ऐसे लोगों की बात को कमेटियां सुने। यदि इस दौरान उनके पास खोरी विस्थापित होने का ठोस प्रमाण है तो विचार किया जाए। बीएस ढिल्लो ने बताया कि इसके लिए सिटी प्रोजेक्ट आफिसर द्वारिका प्रसाद व सीपीओ पदम के नेतृत्व में दो-दो टीमें, जबकि एओ सुरेंद्र के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया है। पूरे सुनवाई प्रक्रिया पर क्षेत्रीय कराधान अधिकारी सुमन और एसटीपी महिपाल नजर रखेंगे। वरिष्ठ वास्तुकार ने बताया कि एक टीम रोजाना लोगों की बातों को सुनेगी। टीमें बीस से 25 जून तक सूरजकुंड में राधा स्वामी सत्संग भवन में सुनवाई करेगी।
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