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Faridabad News: क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड के नाम पर ठगी वाले गिरोह के पांच धरे
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दिल्ली के साकेत में चल रहे कॉल सेंटर का खुलासा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने और रिवॉर्ड पॉइंट्स रिडीम कराने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का फरीदाबाद साइबर थाना सेंट्रल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश में छापे मारकर गिरोह के मुख्य सरगना सहित पांच शातिर ठगों को 16 सितंबर को पकड़ा गया है। ठगी को अंजाम देने के लिए आरोपी दिल्ली के पॉश इलाके साकेत में कॉल सेंटर चला रहे थे।
आरोपियों की पहचान मैनपुरी यूपी निवासी मास्टरमाइंड रजत कुमार, आजमगढ़ निवासी विकास सिंह, बहराइच निवासी रोहित और दिल्ली के संगम विहार निवासी शिव शंकर उर्फ राघव व अब्दुल हक के रूप में हुई है। इनके कब्जे से 70 हजार रुपये, चार मोबाइल फोन और 145 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। अदालत में पेश करने के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि जांच में सामने आया है कि साकेत स्थित इस कॉल सेंटर में कई लड़कियां भी टेलीकॉलर के रूप में काम कर रही थीं, जिन्हें फर्जी पहचान पत्र और स्क्रिप्ट देकर कॉल कराई जाती थी। कॉल सेंटर की अन्य महिला कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगातार दबिश दे रही है।
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किसकी क्या भूमिका थी
साइबर थाना सेंट्रल पुलिस के अनुसार गिरोह का मुख्य सरगना रजत कुमार साकेत में चल रहे अवैध कॉल सेंटर के लिए पैसों का इंतजाम करता था। विकास सिंह कॉल सेंटर में काम करने वाली युवतियों को ग्राहकों को बातचीत में उलझाने, क्रेडिट कार्ड का विवरण हासिल करने और फर्जी सिम से कॉल करने का तरीका सिखाता था। अब्दुल हक लोगों को झांसे में लेकर मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड करवाता था। रोहित सिम मुहैया कराने का काम करता था। वह सिम लेने वाले ग्राहकों के नाम पर कथित तौर पर 2 सिम जारी करवाता था। इनमें से एक ग्राहक को देने के बाद दूसरा रजत को दे देता था। शिव शंकर उर्फ राघव ठगी की रकम से खरीदे गए महंगे मोबाइल फोन बेचने का काम करता था। वह इन मोबाइलों को आगे बेचकर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने में मदद करता था।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने और रिवॉर्ड पॉइंट्स रिडीम कराने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का फरीदाबाद साइबर थाना सेंट्रल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश में छापे मारकर गिरोह के मुख्य सरगना सहित पांच शातिर ठगों को 16 सितंबर को पकड़ा गया है। ठगी को अंजाम देने के लिए आरोपी दिल्ली के पॉश इलाके साकेत में कॉल सेंटर चला रहे थे।
आरोपियों की पहचान मैनपुरी यूपी निवासी मास्टरमाइंड रजत कुमार, आजमगढ़ निवासी विकास सिंह, बहराइच निवासी रोहित और दिल्ली के संगम विहार निवासी शिव शंकर उर्फ राघव व अब्दुल हक के रूप में हुई है। इनके कब्जे से 70 हजार रुपये, चार मोबाइल फोन और 145 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। अदालत में पेश करने के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि जांच में सामने आया है कि साकेत स्थित इस कॉल सेंटर में कई लड़कियां भी टेलीकॉलर के रूप में काम कर रही थीं, जिन्हें फर्जी पहचान पत्र और स्क्रिप्ट देकर कॉल कराई जाती थी। कॉल सेंटर की अन्य महिला कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीम लगातार दबिश दे रही है।
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किसकी क्या भूमिका थी
साइबर थाना सेंट्रल पुलिस के अनुसार गिरोह का मुख्य सरगना रजत कुमार साकेत में चल रहे अवैध कॉल सेंटर के लिए पैसों का इंतजाम करता था। विकास सिंह कॉल सेंटर में काम करने वाली युवतियों को ग्राहकों को बातचीत में उलझाने, क्रेडिट कार्ड का विवरण हासिल करने और फर्जी सिम से कॉल करने का तरीका सिखाता था। अब्दुल हक लोगों को झांसे में लेकर मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड करवाता था। रोहित सिम मुहैया कराने का काम करता था। वह सिम लेने वाले ग्राहकों के नाम पर कथित तौर पर 2 सिम जारी करवाता था। इनमें से एक ग्राहक को देने के बाद दूसरा रजत को दे देता था। शिव शंकर उर्फ राघव ठगी की रकम से खरीदे गए महंगे मोबाइल फोन बेचने का काम करता था। वह इन मोबाइलों को आगे बेचकर ठगी की रकम को ठिकाने लगाने में मदद करता था।