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Faridabad News: अवैध कॉलोनियों में प्लॉट-फ्लैट बेचने वालों पर होगी एफआईआर
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नगर निगम ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर चल रहे विज्ञापनों की शुरू की जांच, एआई तकनीक से भी रखी जा रही निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फरीदाबाद में सोशल मीडिया के जरिये अवैध कॉलोनियों और बिना स्वीकृति वाले प्लॉट-फ्लैट बेचने का कारोबार अब नगर निगम के निशाने पर आ गया है। नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अनधिकृत कॉलोनियों का प्रचार करने वाले सोशल मीडिया हैंडल संचालकों, प्रॉपर्टी डीलरों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम प्रशासन ने सोशल मीडिया पर चल रहे ऐसे विज्ञापनों और वीडियो की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है। इन पोस्ट का विश्लेषण कर उन्हें फील्ड अधिकारियों के पास जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच में अवैध गतिविधियों की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम-2000 और हरियाणा नगर निगम अधिनियम-1994 के तहत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
कम कीमत के लालच में फंस रहे लोग
निगम आयुक्त ने कहा कि शहर में कई जगह कम कीमत में प्लॉट और फ्लैट देने के नाम पर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। खासकर ग्रेटर फरीदाबाद, पल्ला, तिगांव रोड, खेड़ी पुल, बल्लभगढ़ के बाहरी क्षेत्रों और बाईपास से सटे इलाकों में समय-समय पर अवैध प्लॉटिंग के मामले सामने आते रहे हैं। निगम के अनुसार बिना सीएलयू, लेआउट प्लान और विभागीय मंजूरी के विकसित की जा रही कॉलोनियां भविष्य में खरीदारों के लिए बड़ा आर्थिक संकट बन सकती हैं।
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पहले भी चल चुके हैं तोड़फोड़ अभियान
फरीदाबाद में पिछले कुछ वर्षों में नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से दर्जनों अवैध कॉलोनियों में तोड़फोड़ अभियान चलाए जा चुके हैं। निगम रिकॉर्ड के अनुसार शहर और आसपास के क्षेत्रों में हजारों एकड़ भूमि पर अनधिकृत निर्माण की शिकायतें समय-समय पर मिलती रही हैं। तेजी से बढ़ती आबादी और सस्ते मकानों की मांग का फायदा उठाकर कई लोग सोशल मीडिया के जरिए निवेशकों को फंसा रहे हैं।
एआई तकनीक से रखी जा रही निगरानी
नगर निगम अब एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम की मदद से भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रख रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे पोस्ट, वीडियो और विज्ञापन चिन्हित किए जा रहे हैं जिनमें बिना अनुमति प्लॉटिंग या फ्लैट बिक्री का प्रचार किया जा रहा है।
निवेश से पहले वैधता जांचने की अपील
नगर निगम आयुक्त ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी प्लॉट, फ्लैट या कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधता संबंधित विभाग से अवश्य जांच लें। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों पर किसी भी समय ध्वस्तीकरण कार्रवाई हो सकती है जिससे खरीदारों की जीवनभर की जमा पूंजी डूब सकती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फरीदाबाद में सोशल मीडिया के जरिये अवैध कॉलोनियों और बिना स्वीकृति वाले प्लॉट-फ्लैट बेचने का कारोबार अब नगर निगम के निशाने पर आ गया है। नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अनधिकृत कॉलोनियों का प्रचार करने वाले सोशल मीडिया हैंडल संचालकों, प्रॉपर्टी डीलरों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम प्रशासन ने सोशल मीडिया पर चल रहे ऐसे विज्ञापनों और वीडियो की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है। इन पोस्ट का विश्लेषण कर उन्हें फील्ड अधिकारियों के पास जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच में अवैध गतिविधियों की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम-2000 और हरियाणा नगर निगम अधिनियम-1994 के तहत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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कम कीमत के लालच में फंस रहे लोग
निगम आयुक्त ने कहा कि शहर में कई जगह कम कीमत में प्लॉट और फ्लैट देने के नाम पर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। खासकर ग्रेटर फरीदाबाद, पल्ला, तिगांव रोड, खेड़ी पुल, बल्लभगढ़ के बाहरी क्षेत्रों और बाईपास से सटे इलाकों में समय-समय पर अवैध प्लॉटिंग के मामले सामने आते रहे हैं। निगम के अनुसार बिना सीएलयू, लेआउट प्लान और विभागीय मंजूरी के विकसित की जा रही कॉलोनियां भविष्य में खरीदारों के लिए बड़ा आर्थिक संकट बन सकती हैं।
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पहले भी चल चुके हैं तोड़फोड़ अभियान
फरीदाबाद में पिछले कुछ वर्षों में नगर निगम और जिला प्रशासन की ओर से दर्जनों अवैध कॉलोनियों में तोड़फोड़ अभियान चलाए जा चुके हैं। निगम रिकॉर्ड के अनुसार शहर और आसपास के क्षेत्रों में हजारों एकड़ भूमि पर अनधिकृत निर्माण की शिकायतें समय-समय पर मिलती रही हैं। तेजी से बढ़ती आबादी और सस्ते मकानों की मांग का फायदा उठाकर कई लोग सोशल मीडिया के जरिए निवेशकों को फंसा रहे हैं।
एआई तकनीक से रखी जा रही निगरानी
नगर निगम अब एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम की मदद से भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नजर रख रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे पोस्ट, वीडियो और विज्ञापन चिन्हित किए जा रहे हैं जिनमें बिना अनुमति प्लॉटिंग या फ्लैट बिक्री का प्रचार किया जा रहा है।
निवेश से पहले वैधता जांचने की अपील
नगर निगम आयुक्त ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी प्लॉट, फ्लैट या कॉलोनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधता संबंधित विभाग से अवश्य जांच लें। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों पर किसी भी समय ध्वस्तीकरण कार्रवाई हो सकती है जिससे खरीदारों की जीवनभर की जमा पूंजी डूब सकती है।