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Faridabad News: 69.96 लाख की धोखाधड़ी में सात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
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फर्जी दस्तावेज तैयार कर तिगांव की 1934 गज जमीन हड़पने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। तिगांव में 1934 गज जमीन के सौदे में करीब 69 लाख 96 हजार रुपये की धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने के आरोप में पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। तिरखा कॉलोनी निवासी जितेंद्र कुमार की शिकायत पर आर्थिक अपराध शाखा की जांच और पुलिस अधिकारियों की अनुमति के बाद यह कार्रवाई की गई है।
शिकायत के अनुसार वर्ष 2019 में सुनील कुमार गर्ग ने 1934 गज जमीन बेचने का झांसा देकर जितेंद्र कुमार से दो लाख रुपये लिए थे। उसने हरीश चंद गुप्ता को जमीन का मालिक बताया। इसके बाद राजेंद्र कुमार गोयल ने 7 जून 2019 को जितेंद्र कुमार और सत्य प्रकाश खटाना के साथ जमीन का 78 लाख 82 हजार 725 रुपये में इकरारनामा किया। दोनों पक्षों से चार-चार लाख रुपये लेने के बाद जमीन पर कब्जा भी दे दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि वह आज भी अपने हिस्से की जमीन पर काबिज है।
शिकायत के मुताबिक इसके बाद राजेंद्र गोयल के कहने पर जितेंद्र ने अलग-अलग तारीखों में रकम का भुगतान किया। 6 अगस्त 2020 को बैनामा पंजीकृत नहीं हो सका तो रजिस्ट्री की समय सीमा आपसी सहमति से 31 अक्टूबर 2020 तक बढ़ा दी गई। जितेंद्र का आरोप है कि गुरदीप खटाना और सत्य प्रकाश खटाना ने राजेंद्र गोयल को देने के नाम पर उससे नकद और चेक के माध्यम से 8 लाख 46 हजार 500 रुपये लिए। इसके अलावा करीब 15 लाख 50 हजार रुपये की लागत वाली 180 गज की बाउंड्री भी हड़प ली गई। सत्य प्रकाश ने अतिरिक्त रकम के बदले अपने हिस्से से जमीन देने का आश्वासन दिया था। शिकायतकर्ता के अनुसार जमीन और बाउंड्री के संबंध में उसने कुल करीब 69 लाख 96 हजार 500 रुपये दिए।
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फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप
बैनामा नहीं होने पर जितेंद्र ने 10 अक्टूबर 2022 को आरोपियों को कानूनी नोटिस भेजा। आरोप है कि जवाब मिलने पर उसे पता चला कि पुराने इकरारनामे को रद्द किए बिना फर्जी इकरारनामा, वसीयत और जीपीए तैयार किए गए। इसके आधार पर जमीन सत्य प्रकाश खटाना ने अपनी पत्नी चंद्रवती के नाम कर दी। बाद में जमीन बेटे रवि खटाना के नाम भी स्थानांतरित कर दी गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सभी आरोपियों को पुराने इकरारनामे की जानकारी थी और इसके बावजूद साजिश के तहत दस्तावेज तैयार किए गए। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। तिगांव में 1934 गज जमीन के सौदे में करीब 69 लाख 96 हजार रुपये की धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने के आरोप में पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। तिरखा कॉलोनी निवासी जितेंद्र कुमार की शिकायत पर आर्थिक अपराध शाखा की जांच और पुलिस अधिकारियों की अनुमति के बाद यह कार्रवाई की गई है।
शिकायत के अनुसार वर्ष 2019 में सुनील कुमार गर्ग ने 1934 गज जमीन बेचने का झांसा देकर जितेंद्र कुमार से दो लाख रुपये लिए थे। उसने हरीश चंद गुप्ता को जमीन का मालिक बताया। इसके बाद राजेंद्र कुमार गोयल ने 7 जून 2019 को जितेंद्र कुमार और सत्य प्रकाश खटाना के साथ जमीन का 78 लाख 82 हजार 725 रुपये में इकरारनामा किया। दोनों पक्षों से चार-चार लाख रुपये लेने के बाद जमीन पर कब्जा भी दे दिया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि वह आज भी अपने हिस्से की जमीन पर काबिज है।
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शिकायत के मुताबिक इसके बाद राजेंद्र गोयल के कहने पर जितेंद्र ने अलग-अलग तारीखों में रकम का भुगतान किया। 6 अगस्त 2020 को बैनामा पंजीकृत नहीं हो सका तो रजिस्ट्री की समय सीमा आपसी सहमति से 31 अक्टूबर 2020 तक बढ़ा दी गई। जितेंद्र का आरोप है कि गुरदीप खटाना और सत्य प्रकाश खटाना ने राजेंद्र गोयल को देने के नाम पर उससे नकद और चेक के माध्यम से 8 लाख 46 हजार 500 रुपये लिए। इसके अलावा करीब 15 लाख 50 हजार रुपये की लागत वाली 180 गज की बाउंड्री भी हड़प ली गई। सत्य प्रकाश ने अतिरिक्त रकम के बदले अपने हिस्से से जमीन देने का आश्वासन दिया था। शिकायतकर्ता के अनुसार जमीन और बाउंड्री के संबंध में उसने कुल करीब 69 लाख 96 हजार 500 रुपये दिए।
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फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप
बैनामा नहीं होने पर जितेंद्र ने 10 अक्टूबर 2022 को आरोपियों को कानूनी नोटिस भेजा। आरोप है कि जवाब मिलने पर उसे पता चला कि पुराने इकरारनामे को रद्द किए बिना फर्जी इकरारनामा, वसीयत और जीपीए तैयार किए गए। इसके आधार पर जमीन सत्य प्रकाश खटाना ने अपनी पत्नी चंद्रवती के नाम कर दी। बाद में जमीन बेटे रवि खटाना के नाम भी स्थानांतरित कर दी गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सभी आरोपियों को पुराने इकरारनामे की जानकारी थी और इसके बावजूद साजिश के तहत दस्तावेज तैयार किए गए। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।