फरीदाबाद। रियल एस्टेट कंपनी आरपीएस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने एक प्लंबिंग ठेकेदार निखिल अग्रवाल पर करीब 2.88 करोड़ रुपये के फर्जी बिल बनाने का आरोप लगाया है। कंपनी की शिकायत पर सराय ख्वाजा थाना पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया है। मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी गई है।
शिकायत के अनुसार, कंपनी फरीदाबाद में आरपीएस औरिया और आरपीएस इन्फिनिया प्रोजेक्ट विकसित कर रही थी। ठेकेदार को इन परियोजनाओं में प्लंबिंग के काम के कई आदेश दिए गए थे। कंपनी का आरोप है कि ठेकेदार ने काम में देरी की और गुणवत्ता संतोषजनक नहीं थी। इस कारण 12 सितंबर 2023 को कार्य आदेश समाप्त करने का निर्णय लिया गया। कंपनी ने दावा किया है कि ठेकेदार के सभी बिलों का भुगतान हो चुका था। इसके बावजूद ठेकेदार ने 2,88,46,676 रुपये बकाया होने का झूठा दावा किया। इस दावे के समर्थन में फर्जी प्रोफार्मा चालान और खाता बही तैयार किए गए। इन दस्तावेज का उपयोग उत्तर प्रदेश माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज फैसिलिटेशन काउंसिल, मेरठ में भी किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ठेकेदार का संबंधित खाता बही उसके नियमित लेखा रिकॉर्ड, आयकर रिटर्न और जीएसटी रिटर्न से अलग है। कंपनी ने पुलिस से मूल लेखा पुस्तकों और संबंधित दस्तावेज को जब्त कर जांच करने की मांग की है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि 24 अक्तूबर को प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद होगी। संवाद