{"_id":"6a521a2b49a1ae98220409a1","slug":"financial-jurisdiction-of-delhi-district-courts-raised-to-10-crore-rs-2026-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi: 11 साल बाद दिल्ली जिला अदालत की वित्तीय अधिकारिता 10 करोड़ तक बढ़ी, बार एसोसिएशन ने जताई खुशी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi: 11 साल बाद दिल्ली जिला अदालत की वित्तीय अधिकारिता 10 करोड़ तक बढ़ी, बार एसोसिएशन ने जताई खुशी
Sat, 11 Jul 2026 03:56 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Sat, 11 Jul 2026 03:56 PM IST
सार
दिल्ली उच्च न्यायालय की सिफारिश के बाद राजधानी की जिला अदालतों की वित्तीय अधिकारिता 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दी गई है। कमेटी ने कहा कि इससे वादकारियों को राहत मिलेगी और उच्च न्यायालय पर मामलों का बोझ कम होगा।
विज्ञापन
दिल्ली जिला अदालतों का अधिकार क्षेत्र बढ़ा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली उच्च न्यायालय की फुल कोर्ट की सिफारिश के बाद राजधानी की जिला अदालतों की वित्तीय अधिकारिता 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दी गई है। इस निर्णय का दिल्ली की सभी जिला अदालत बार एसोसिएशनों की कोऑर्डिनेशन कमेटी ने स्वागत करते हुए इसे न्यायिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
विज्ञापन
कोऑर्डिनेशन कमेटी के महासचिव विजय बिश्नोई ने कहा कि यह सफलता बार के वरिष्ठ सदस्यों, सभी जिला कोर्ट बार एसोसिएशनों, उनकी कार्यकारिणी और अधिवक्ताओं के सहयोग, सक्रिय भागीदारी तथा सुझावों का परिणाम है। उन्होंने सभी वकीलों और बार सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
कमेटी की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि जिला अदालतों की वित्तीय अधिकारिता बढ़ाया जाना एक अहम मील का पत्थर है। इससे वादकारियों को राहत मिलेगी, क्योंकि अब 10 करोड़ रुपये तक के सिविल मामलों की सुनवाई जिला अदालतों में ही हो सकेगी।
विज्ञापन
इससे उच्च न्यायालय पर मामलों का बोझ कम होने के साथ न्याय तक पहुंच भी आसान होगी। हालांकि, कमेटी ने स्पष्ट किया कि उसका अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। केंद्र सरकार के साथ मिलकर वित्तीय अधिकारिता को 20 करोड़ रुपये अथवा असीमित किए जाने के लक्ष्य की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।