फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Fever outbreak: 1.5 lakh tested so far.

Faridabad News: बुखार का कहर, अब तक डेढ़ लाख की जांच

Mon, 31 Aug 2026 12:10 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 31 Aug 2026 12:10 AM IST
विज्ञापन
Fever outbreak: 1.5 lakh tested so far.
फरीदाबाद बीके नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन बुखार के मरीज। संवाद
पांच महीने से करवाई जा रही है बुखार के मरीजों की रक्त जांच, बीके अस्पताल में प्रतिदिन पहुंच रहे 100 से अधिक मरीज
विज्ञापन




संवाद न्यूज एजेंसी


फरीदाबाद। बारिश और बदलते मौसम के बीच शहर में बुखार का असर बढ़ता जा रहा है। कई घरों में एक साथ दो-दो लोग बुखार की चपेट में हैं। बीके अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज बुखार और इससे जुड़े लक्षणों के साथ पहुंच रहे हैं। डेंगू , मलेरिया और स्वाइन फ्लू का पता लगाने के लिए अप्रैल से अब तक करीब डेढ़ लाख बुखार के मरीजों के रक्त की जांच करवाई जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग मरीजों की जांच रिपोर्ट पर नजर रखे हुए है।
इसके साथ ही शहरी और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज बुखार, खांसी, जुकाम, सिरदर्द, बदन दर्द, थकान और कमजोरी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया और डेंगू की निगरानी भी तेज कर दी है। विभाग के अनुसार जिले में पांच महीने में करीब डेढ़ लाख बुखार के मरीजों की रक्त जांच की जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार मौसम में बदलाव के कारण वायरल बुखार के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। वहीं, बारिश के बाद जगह-जगह पानी जमा होने से मलेरिया और डेंगू का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्रों पर बुखार की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की आवश्यकता के अनुसार रक्त जांच कराई जा रही है। इसके साथ ही निजी अस्पतालों में भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन



सामान्य बुखार समझकर न करें नजरअंदाज


बीके अस्पताल में आने वाले कई मरीजों का कहना है कि बुखार उतरने के बाद दोबारा हो रहा है। कुछ मरीजों में सात से 10 दिन बाद भी कमजोरी और बदन दर्द बना हुआ है। चिकित्सकों के अनुसार केवल लक्षणों के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि मरीज को सामान्य वायरल बुखार है या मलेरिया-डेंगू। इसलिए लगातार बुखार रहने पर जांच कराना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग की फील्ड टीमें भी सक्रिय हैं। स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को मच्छरों से बचाव और बुखार के लक्षणों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। साथ ही संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उनकी जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग की ओर से लोगों को घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की जा रही है।


----

इन लक्षणों पर रहें सावधान


तेज बुखार के साथ सिरदर्द, बदन दर्द, उल्टी, अत्यधिक कमजोरी या ठंड लगने जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से सलाह लेने की जरूरत है। लगातार बुखार रहने पर रक्त जांच कराना जरूरी है। चिकित्सकों की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं लेने से बचना चाहिए।

स्वाइन फ्लू में भी तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, बदन दर्द और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण हो सकते हैं। कुछ मरीजों में सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।



----

इन चीजों का रखें ख्याल



फ्लू जैसे लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, खांसते और छींकते समय मुंह-नाक ढकें और हाथों की सफाई का ध्यान रखें। सांस लेने में परेशानी, लगातार तेज बुखार या हालत बिगड़ने पर तुरंत अस्पताल में चिकित्सकीय सलाह लें।


----
सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाने की अपील
शहर में अब तक डेंगू के सात, मलेरिया के तीन और स्वाइन फ्लू के 10 मरीज हैं। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामभगत ने बताया कि डेंगू एडिज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है, जबकि मलेरिया एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है। मानसून के दौरान जगह-जगह जलभराव होने से मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ जाती है। इसी मौसम में डेंगू, मलेरिया समेत कई जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों से सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाने की अपील की। इस दौरान कूलर, फ्रिज के पीछे लगी ट्रे, छत पर रखे बर्तनों और अन्य स्थानों पर जमा पानी को खाली करना चाहिए। घर के आसपास गड्ढों में पानी जमा है तो उसे भी निकालना जरूरी है। थोड़ी मात्रा में जमा पानी भी मच्छरों के प्रजनन का कारण बन सकता है।

--

3 हजार से अधिक लोगों को नोटिस

स्वास्थ्य विभाग की टीमों की ओर से मच्छरों के प्रजनन स्थलों की जांच भी की जा रही है। जांच के दौरान जहां लार्वा मिला, वहां संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए। विभाग के अनुसार, अब तक 3000 से अधिक लोगों को लार्वा मिलने पर नोटिस दिया जा चुका है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि नोटिस की स्थिति आने से पहले ही घरों और आसपास के स्थानों पर पानी जमा न होने दें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed