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लघु सचिवालय के बाहर मांगों को लेकर किसानों ने किया प्रदर्शन, सिटी मजिस्ट्रेट को प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
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Farmers protested outside the mini secretariat regarding demands
फरीदाबाद। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को किसानों ने सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय के बाहर विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर विश्वासधात करने का आरोप लगाया। साथ ही सिटी मजिस्ट्रेट को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत), किसान संघर्ष समिति नहरपार के पदाधिकारी व समर्थक मौजूद रहे।
किसान संघर्ष समिति नहरपार महासचिव सत्यपाल नरवत ने बताया कि केंद्र सरकार किसानों की बात नहीं मान रहे हैं। पिछले साल नौ दिसंबर कृषि एवं कल्याण मंत्रालय के सचिव संजय अग्रवाल द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार जिन मुद्दों पर सहमति बनी थी। उसे माना नहीं जा रहा है। उन्होंने बताया कि सोमवार को प्रधानमंत्री के नाम दिए गए ज्ञापन में कई मांग की गई है। आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाने, एमएसपी पर कमेटी के गठन के साथ इसमें किसानों के प्रतिनिधि को भी शामिल करने, आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिवार को मुआवजा देने, बिजली बिल संयुक्त किसान मोर्चा से चर्चा के बाद संसद में पेश करने, लखीमपुर की घटना में घायल किसानों को मुआवजा व गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी पर कानूनी कार्रवाई करने आदि की मांग की गई।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के युवा इकाई के जिला अध्यक्ष सिद्धांत ने बताया कि केंद्र सरकार अभी तक उक्त मांगों पर सहमति के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। अगर सरकार उनकी मांगों को जबतक नहीं मानेगी, आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान देवी सिंह लांबा, जगदीश नरवत, मनीष, सौरभ, नाहर सिंह धारीवाल, वीरेंद्र सिंह, महेंद्र नरवत, कुलबीर, अंकुर, कुणाल, अरुण, धर्मवीर सिंह, मोहरपाल, सीताराम मोहना, श्याम, देबू, यस, दुलीचंद नरवत व मोहनलाल आदि शामिल हुए।
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किसान संघर्ष समिति नहरपार महासचिव सत्यपाल नरवत ने बताया कि केंद्र सरकार किसानों की बात नहीं मान रहे हैं। पिछले साल नौ दिसंबर कृषि एवं कल्याण मंत्रालय के सचिव संजय अग्रवाल द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार जिन मुद्दों पर सहमति बनी थी। उसे माना नहीं जा रहा है। उन्होंने बताया कि सोमवार को प्रधानमंत्री के नाम दिए गए ज्ञापन में कई मांग की गई है। आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाने, एमएसपी पर कमेटी के गठन के साथ इसमें किसानों के प्रतिनिधि को भी शामिल करने, आंदोलन में शहीद हुए किसानों के परिवार को मुआवजा देने, बिजली बिल संयुक्त किसान मोर्चा से चर्चा के बाद संसद में पेश करने, लखीमपुर की घटना में घायल किसानों को मुआवजा व गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी पर कानूनी कार्रवाई करने आदि की मांग की गई।
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भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के युवा इकाई के जिला अध्यक्ष सिद्धांत ने बताया कि केंद्र सरकार अभी तक उक्त मांगों पर सहमति के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। अगर सरकार उनकी मांगों को जबतक नहीं मानेगी, आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान देवी सिंह लांबा, जगदीश नरवत, मनीष, सौरभ, नाहर सिंह धारीवाल, वीरेंद्र सिंह, महेंद्र नरवत, कुलबीर, अंकुर, कुणाल, अरुण, धर्मवीर सिंह, मोहरपाल, सीताराम मोहना, श्याम, देबू, यस, दुलीचंद नरवत व मोहनलाल आदि शामिल हुए।
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