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जीत का जश्न: किसानों ने केंद्र पर साधा निशाना, कहा- हमारी मांगें नहीं मानीं तो पूरे देश में होगा बंगाल जैसा हाल
Sun, 02 May 2021 07:31 PM IST
Vikas Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Published by: Vikas Kumar
Updated Sun, 02 May 2021 07:31 PM IST
सार
केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर कृषि कानूनों के विरोध में चल रहा किसानों का धरना रविवार को भी जारी रहा। धरने में पश्चिम बंगाल में टीएमसी पार्टी की जीत की उपलक्ष्य में विजय दिवस मनाया गया।
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प्रदर्शनकारी किसान
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर कृषि कानूनों के विरोध में चल रहा किसानों का धरना रविवार को भी जारी रहा। धरने में पश्चिम बंगाल में टीएमसी पार्टी की जीत की उपलक्ष्य में विजय दिवस मनाया गया। इस अवसर पर किसानों ने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों को मांगों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। आज देश की जनता केंद्र सरकार को नकार चुकी है। सभी वर्ग सरकार की नीतियों से परेशान है। यदि सरकार ने किसान ने किसान आंदोलन का नजर अंदाज किया तो पूरे देश में पश्चिम बंगाम जैसा हाल होगा।
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किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में अटोहा चौक पर चल रहे धरने की अध्यक्षता दरियाब सिंह गहलब ने की, जबकि संचालन राजकुमार ओलिहान ने किया। इस अवसर पर किसान नेताओं ने कहा कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों के कारण देश जनता पार्टी को नकार चुकी है। पश्चिम बंगाल चुनाव में आए नतीजे ने साबित कर दिया है कि सरकार पूरी तरह से फेल रही है। चुनाव में भाजपा सरकार को जनता ने सबक सिखाने का काम किया है।
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उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन में सरकार की छवि बहुत खराब हुई है। सरकार को किसान आंदोलन को हल्के में नहीं लेना चाहिए। किसान आंदोलन अब जन आंदोलन बन चुका है। यदि सरकार ने किसानों की मांगों नहीं माना तो पूरे देश में बंगाल जैसा हाल होगा।
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धरने को किसान नेता रूपराम तेवतिया, राजेंद्र सिंह घर्रोट, रोशनलाल अल्लीका, हुकम सिंह अटोहां, बुद्धि औरंगाबाद, डालचंद कलसाड़ा, अच्छेलाल जोधपुर, करतार औरंगाबाद, जगदीश रावत, करतार मढनाका, धर्मवीर भंगूरी मुख्य रूप से मौजूद थे।