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बीस दिन बाद माने नाराज किसान, 14 मांगों पर हुआ लिखित समझौता

Wed, 11 May 2016 09:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Wed, 11 May 2016 09:44 AM IST
सार

  • प्रशासन और किसानों के बीच लिखित समझौते पर हुआ धरना समाप्त
  • केंद्रीय राज्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद माने किसान

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farmer agitaiton end after 20 days
धरने पर बैठे किसानों को संबोधित करते कृष्‍णपाल गुर्जर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर के हस्तक्षेप के बाद पिछले 20 दिन से आईएमटी में धरने पर  बैठे किसानों ने धरना समाप्त कर दिया है। यहीं नहीं गुर्जर ने मुआवजे को लेकर प्रशासन और किसानों के बीच लिखित समझौता भी कराया है।

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गुर्जर ने आंदोलनकारी महिलाओं को लड्डू  खिलाकर धरना खत्म करने की अपील की।  इसके बाद  प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद आईएमटी किसान संघर्ष समिति के प्रधान रामनिवास नागर व अन्य किसान नेताओं ने धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी।
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केंद्रीय राज्यमंत्री गुर्जर के साथ उपायुक्त चंद्रशेखर, फरीदाबाद एसडीएम  महावीर प्रसाद, एसडीएम बल्लभगढ़ पार्थ गुप्ता, डीआरओ राजेंद्र सिंह, एचएसआईआईडीसी के कार्यकारी अभियंता डीएस भट्टी और उप महाप्रबंधक विकास चौधरी धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों के साथ बातचीत की।

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प्रशासन के साथ किसानों का 14 मांगों पर लिखित समझौता हुआ था

farmer agitaiton end after 20 days
कृष्‍णपाल गुर्जर को ज्ञापन सौंपते किसान - फोटो : अमर उजाला

आईएमटी के लिए हरियाणा स्मॉल इंडस्ट्रीज इंफ्रास्ट्र्क्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एचएसआईआईडीसी) ने गांव चंदावली, नवादा, मुजैडी, मच्छगर, सोतई की 1832 एकड़ भूमि अधिग्रहण की थी।

किसानों के मुताबिक प्रशासन के साथ किसानों का 14 मांगों पर लिखित समझौता हुआ था, लेकिन एचएसआईआईडीसी किसानों की मांगों को पूरा नहीं कर पाई। किसानों की मुख्य मांग हाईकोर्ट द्वारा बढ़ाए गए मुआवजे की करीब 1050 करोड़ रुपये राशि थी।

जिस पर हाईकोर्ट ने सितंबर 2014 को किसानों के पक्ष में फैसला सुनाया। एचएसआईआईडीसी ने किसानों को  नो प्रोफिट और नो लॉस की शर्त पर  प्लॉट देने के लिए कहा था। लेकिन बाद में प्लॉट की कीमत 12,200 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से तय कर दी।

नाराज किसान 21 अप्रैस से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए थे

farmer agitaiton end after 20 days

इससे बाद किसान भड़क गए। समझौते को विभाग द्वारा लागू न किए जाने से नाराज किसान 21 अप्रैस से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए थे। किसानों ने आईएमटी में चल रहे विकास कार्य भी बंद करा दिए थे।  मंगलवार दोपहर एक बजे केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ धरना स्थल पहुंचे।

उन्होंने किसानों से बातचीत के बाद किसानों को लिखित समझौता पत्र सौंप दिया।  इस मौके पर किसान संघर्ष समिति के प्रवक्ता धनखड़, नथ्थी शर्मा, कुलदीप यादव, जीतराम फोरमैन, जयपाल सूबेदार, जगदीश सरपंच मुजैड़ी, डीके शर्मा, मास्टर कर्मवीर, रतन नागर, कन्हैया और देवेंद्र सहित अनेक किसान मौजूद थे। 

इन मांगों पर बनी सहमति
हाईकोर्ट द्वारा बढ़ाया गए मुआवजा 1050 करोड़ का भुगतान 31 जुलाई तक किया जाए।
आरएंडआर पॉलिसी के तहत 20 जून तक न लाभ न हानि की शर्त पर प्लॉट्स का आवंटन।
आईएमटी उद्योगों में स्थानीय युवाओं को 33 प्रतिशत नौकरी का प्रावधान। 
युवाओं के कौशल विकास के लिए ट्रेनिंग सेंटर खोला जाए।

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