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Faridabad News: एनसीआर में सबसे अधिक प्रदूषित रहा शहर, एक्यूआई 417 दर्ज

Sat, 25 Nov 2023 12:02 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 25 Nov 2023 12:02 AM IST
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Faridabad remained the most polluted in NCR, AQI recorded at 417.
कार्बन मोनो ऑक्साइड का स्तर 159 और ओजोन गैस का 66 के पार
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वाहनों और उद्योगों के धुएं से पीएम-10 का स्तर पहुंचा 500, पीएम-2.5 का स्तर भी 372 पर पहुंचा

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। इस वर्ष शहर की आबोहवा कुछ अधिक ही जहरीली होती जा रही है। शुक्रवार को फरीदाबाद एनसीआर में सबसे अधिक प्रदूषित रहा। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद गंभीर श्रेणी में 417 दर्ज किया गया। औद्योगिक नगरी में सांसों के लिए घातक कार्बन मोनो ऑक्साइड का स्तर 159 पहुंच गया, जबकि आजोन का स्तर भी 84 पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस के इस स्तर पर चार घंटे तक सांस लेने में स्वस्थ व्यक्तियों की सेहत के लिए नुकसानदायक है।

शहर में सुबह से ही स्मॉग जैसा छाया हुआ रहा। इस दौरान लोगों को सांस लेने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सुबह से लेकर शाम तक प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुबह जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 410 दर्ज किया गया तो शाम आते-आते यह 417 के स्तर तक पहुंच गया। इस दौरान लोगों ने हल्की खराश और संक्रमण की समस्या भी महसूस की। पराली के साथ औद्योगिक नगरी के कारखानों का प्रदूषण शहरवासियों की सेहत के लिए घातक साबित हो रहा है। पिछले एक माह में फरीदाबाद की हवा अधिकतर गंभीर श्रेणी में बनी हुई है। शहर में वाहनों और कारखानों से निकलने वाले धुएं के छोटे कण पीएम-10 (पर्टिकुलेट मैटर) का स्तर न्यू इंडस्ट्रियल टाउनशिप में लगे प्रदूषण मापक यंत्र में 500 पर पहुंच गया। यह कण हमारे फेफड़ों में जाकर चिपक जाते हैं और उसे धीरे-धीरे खराब करते हैं। औद्योगिक क्षेत्र में ओजोन गैस की मात्रा भी सबसे अधिक दर्ज की गई। यहां ओजोन गैस का स्तर 84 पीपीएम दर्ज किया गया। यहां पर अमोनिया का स्तर हवा में 28 पीपीएम दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह गैसें हमारी सांस के साथ फेफड़ों समेत शरीर को नुकसान पहुंचाती हैं।
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दूसरी ओर धूल-मिट्टी से निकलने वाले पीएम-2.5 का स्तर सेक्टर-16 स्थित प्रदूषण मापक यंत्र में अधिकतम 500 दर्ज किया गया। यहां पर स्वास्थ्य के लिए घातक कार्बन मोनो ऑक्साइड का स्तर 159 दर्ज किया गया है। पल्मानोलॉजिष्ट के अनुसार, गैस के इस स्तर पर चार घंटे तक सांस लेना शरीर के लिए नुकसानदायक है। विभाग की ओर से गंभीर श्रेणी में प्रदूषण का स्तर पहुंचने पर एडवाइजरी जारी की गई है। एडवाइजरी में वायु गुणवत्ता सूचकांक के 415 स्तर को स्वस्थ लोगों के लिए नुकसानदायक बताया है। दूसरी ओर मरीजाें के लिए यह स्तर खतरनाक बताया गया है।
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प्रदूषण के मानकों के अनुसार, कार्बन मोनो ऑक्साइड, ओजोन जैसी गैसों की अधिकता से फेफड़े, दिल समेत पूरे शरीर के लिए नुकसानदेह साबित होता है। यह अलग-अलग स्तर के अनुसार गंभीर होता है। कार्बन मोनो ऑक्साइड के 159 स्तर पर चार घंटे से अधिक समय तक सांस लेने पर स्वस्थ लोगों के लिए भी नुकसानदेह है। -डॉ. रुचि अरोड़ा, पल्मानोलॉजिष्ट
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