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Faridabad News: डिजिटल इंजीनियरिंग का नया हब बन रहा फरीदाबाद
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युवाओं को स्टार्टअप शुरू करने में हो रही आसानी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। उद्योग नगरी फरीदाबाद अब सिर्फ पारंपरिक फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहर के युवाओं के लिए डिजिटल इंजीनियरिंग का नया केंद्र बन रहा है। पिछले कुछ समय से शहर के एनआईटी, सेक्टर-15 और ग्रेटर फरीदाबाद जैसे इलाकों में साझा ऑफिस (को-वर्किंग स्पेस) का चलन बेहद तेजी से बढ़ा है। कम खर्च में वाई-फाई और कॉर्पोरेट माहौल मिलने से युवाओं को अपना काम शुरू करने में आसानी हो रही है।
खास बात यह है कि फरीदाबाद की औद्योगिक पृष्टभूमि को देखते हुए अब युवा मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के डिजिटल काम भी यहीं से संभाल रहे हैं। बिना भारी मशीनें लगाए, युवा इंजीनियर इन ऑफिसों में बैठकर लैपटॉप पर ऑटोकैड, थ्रीडी मशीन डिजाइनिंग, और इलेक्ट्रॉनिक्स सर्किट की कोडिंग जैसे हाई-टेक काम कर रहे हैं।
इस बदलाव से जिले के होनहारों को काम के लिए नोएडा या गुरुग्राम नहीं भागना पड़ रहा है। वे अपने ही शहर में बैठकर देश-विदेश की कंपनियों के लिए मशीनों के डिजाइन तैयार कर रहे हैं और ग्राहकों के साथ मीटिंग्स कर रहे हैं। कम बजट में ऑफिस की टेंशन दूर होने से जिले के युवा शहर में ही रहकर नए जमाने के बिजनेस और रोजगार के अवसर पैदा कर रहा है।
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-- -- बातचीत--
को-वर्किंग स्पेस के कारण मेरा ऑफिस का किराया और बिजली का खर्च बच गया।- बृजेश
अब यहीं बैठकर लैपटॉप पर बड़ी मशीनों के डिजाइन तैयार हो रहे हैं।- पवन
शानदार इंटरनेट और शांत माहौल मिलने से काम करना आसान हो गया है।- कपिल
क्लाइंट्स के साथ मीटिंग करने के लिए यहां का कॉन्फ्रेंस रूम बेस्ट है। - दीपक प्रसाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। उद्योग नगरी फरीदाबाद अब सिर्फ पारंपरिक फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहर के युवाओं के लिए डिजिटल इंजीनियरिंग का नया केंद्र बन रहा है। पिछले कुछ समय से शहर के एनआईटी, सेक्टर-15 और ग्रेटर फरीदाबाद जैसे इलाकों में साझा ऑफिस (को-वर्किंग स्पेस) का चलन बेहद तेजी से बढ़ा है। कम खर्च में वाई-फाई और कॉर्पोरेट माहौल मिलने से युवाओं को अपना काम शुरू करने में आसानी हो रही है।
खास बात यह है कि फरीदाबाद की औद्योगिक पृष्टभूमि को देखते हुए अब युवा मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के डिजिटल काम भी यहीं से संभाल रहे हैं। बिना भारी मशीनें लगाए, युवा इंजीनियर इन ऑफिसों में बैठकर लैपटॉप पर ऑटोकैड, थ्रीडी मशीन डिजाइनिंग, और इलेक्ट्रॉनिक्स सर्किट की कोडिंग जैसे हाई-टेक काम कर रहे हैं।
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इस बदलाव से जिले के होनहारों को काम के लिए नोएडा या गुरुग्राम नहीं भागना पड़ रहा है। वे अपने ही शहर में बैठकर देश-विदेश की कंपनियों के लिए मशीनों के डिजाइन तैयार कर रहे हैं और ग्राहकों के साथ मीटिंग्स कर रहे हैं। कम बजट में ऑफिस की टेंशन दूर होने से जिले के युवा शहर में ही रहकर नए जमाने के बिजनेस और रोजगार के अवसर पैदा कर रहा है।
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को-वर्किंग स्पेस के कारण मेरा ऑफिस का किराया और बिजली का खर्च बच गया।- बृजेश
अब यहीं बैठकर लैपटॉप पर बड़ी मशीनों के डिजाइन तैयार हो रहे हैं।- पवन
शानदार इंटरनेट और शांत माहौल मिलने से काम करना आसान हो गया है।- कपिल
क्लाइंट्स के साथ मीटिंग करने के लिए यहां का कॉन्फ्रेंस रूम बेस्ट है। - दीपक प्रसाद