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Faridabad News: आरमेनिया बॉर्डर पर फंसी सोनिया से परिजनों का नहीं हो रहा संपर्क
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। सेक्टर-23 की रहने वाली सानिया अमेरिका-इरान युद्ध के चलते पिछले 10 दिनों से आरमेनिया के बॉर्डर पर फंसी हुईं हैं। परिवार के लोग बेटी के घर आने की दुआ करते रहे हैं। परिवार के लोग भारत सरकार से सानिया सहित अन्य देशवासियों को सुरक्षित वापस लाने की अपील भी कर रहे हैं।
सानिया के भाई अली अब्बास ने बताया कि सानिया वहां से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। पिछले वर्ष ईरान और इस्राइल के बीच युद्ध होने पर वह भारत लौट आई थी। उस समय भी परिजन काफी चिंतित थे। दोनों देशों के बीच शांति होने के बाद सानिया पढ़ाई के लिए ईरान वापस चली गई थी। इसके बाद वह जनवरी में फरीदाबाद आई थी। फरवरी तक युद्ध नहीं होने पर पढ़ाई पूरी करने के लिए वह दोबारा से ईरान चली गई। सानिया जिस दिन ईरान पहुंची, उसके कुछ पल बाद अमेरिका ने हमला कर दिया था। उनकी बहन तेहरान से खुद को बचाते हुए कुम पहुंची। वहां पर भारतीय दूतावास के अधिकारी आरमेनिया बॉर्डर तक ले गए। वह 10 दिनों से आरमेनिया में फंसी हुई है और भारत लौटने के लगातार प्रयास कर रही है।
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बल्लभगढ़। सेक्टर-23 की रहने वाली सानिया अमेरिका-इरान युद्ध के चलते पिछले 10 दिनों से आरमेनिया के बॉर्डर पर फंसी हुईं हैं। परिवार के लोग बेटी के घर आने की दुआ करते रहे हैं। परिवार के लोग भारत सरकार से सानिया सहित अन्य देशवासियों को सुरक्षित वापस लाने की अपील भी कर रहे हैं।
सानिया के भाई अली अब्बास ने बताया कि सानिया वहां से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। पिछले वर्ष ईरान और इस्राइल के बीच युद्ध होने पर वह भारत लौट आई थी। उस समय भी परिजन काफी चिंतित थे। दोनों देशों के बीच शांति होने के बाद सानिया पढ़ाई के लिए ईरान वापस चली गई थी। इसके बाद वह जनवरी में फरीदाबाद आई थी। फरवरी तक युद्ध नहीं होने पर पढ़ाई पूरी करने के लिए वह दोबारा से ईरान चली गई। सानिया जिस दिन ईरान पहुंची, उसके कुछ पल बाद अमेरिका ने हमला कर दिया था। उनकी बहन तेहरान से खुद को बचाते हुए कुम पहुंची। वहां पर भारतीय दूतावास के अधिकारी आरमेनिया बॉर्डर तक ले गए। वह 10 दिनों से आरमेनिया में फंसी हुई है और भारत लौटने के लगातार प्रयास कर रही है।
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