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Faridabad News: परीक्षा नजदीक, शिक्षक बीएलओ ड्यूटी पर.. स्कूलों में पढ़ाई का संकट

Tue, 25 Aug 2026 10:57 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 25 Aug 2026 10:57 PM IST
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Exams approaching, teachers on BLO duty... Crisis in school academics.
जिले के करीब 75 प्रतिशत शिक्षक चुनाव संबंधी कार्य में व्यस्त
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सितंबर में अर्धवार्षिक परीक्षाएं होनी हैं वहीं दूसरी ओर राजकीय स्कूलों के शिक्षक बीएलओ ड्यूटी में व्यस्त हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि परीक्षा से पहले विद्यार्थियों का सिलेबस पूरा कैसे होगा। जिले के राजकीय विद्यालयों में करीब 75 प्रतिशत शिक्षक चुनाव संबंधी कार्य में लगे हैं। इसका सीधा असर कक्षाओं की पढ़ाई पर पड़ रहा है।

सबसे चिंताजनक स्थिति उन स्कूलों की है, जहां शिक्षकों की संख्या पहले से ही कम है। जीपीएस राजीव कॉलोनी में 15 में से 11 शिक्षक बीएलओ ड्यूटी पर हैं और दो डेपुटेशन पर हैं। यहां महज दो शिक्षक ही कक्षाएं ले रहे हैं। जीएमएसपीएस मुजेरी में छह में से पांच शिक्षक बीएलओ हैं। जीएमएसपीएस सेक्टर-2 में नौ में से सात और जीपीएस आदर्श कॉलोनी में सभी छह शिक्षक बीएलओ ड्यूटी में लगे हैं। जीएमएसपीएस तिगांव और महावाटपुर में तीन-तीन शिक्षकों में से दो-दो बीएलओ ड्यूटी पर हैं। जीपीएस फरीदपुर में आठ में से पांच और जीपीएस बुकारपुर में तीन में से दो शिक्षक चुनावी कार्य में व्यस्त हैं। वहीं जीजीपीएस सेहरावक में भी दो में से एक शिक्षक बीएलओ ड्यूटी में है। यही हाल जिले के अन्य राजकीय विद्यालयों का भी है। उक्त स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या भी कम नहीं है। कई विद्यालयों में सैकड़ों बच्चे पढ़ रहे हैं लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए सीमित शिक्षक ही उपलब्ध हैं। ऐसे में नियमित कक्षाएं चलाना और समय पर पाठ्यक्रम पूरा करना चुनौती बन गया है।
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शिक्षकों का कहना है कि लगातार गैर-शैक्षणिक ड्यूटी के कारण पढ़ाई का समय प्रभावित हो रहा है। परीक्षा नजदीक होने के कारण बच्चों की तैयारी भी प्रभावित हो सकती है। अभिभावकों की चिंता है कि यदि समय पर सिलेबस पूरा नहीं हुआ तो इसका असर विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम पर पड़ सकता है। उनकी मांग है कि परीक्षा तक शिक्षकों को बीएलओ जैसी गैर-शैक्षणिक ड्यूटी से राहत दी जाए या स्कूलों में वैकल्पिक शिक्षकों की व्यवस्था की जाए। शिक्षकों के बीएलओ ड्यूटी में व्यस्त होने से कई स्कूलों में नियमित कक्षाएं प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में विद्यार्थियों का सिलेबस समय पर पूरा होने में देरी हो सकती है। परीक्षा नजदीक होने के कारण बच्चों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है। इससे छात्रों पर पढ़ाई का दबाव बढ़ सकता है। सिलेबस अधूरा रहने की स्थिति में विद्यार्थियों के प्रदर्शन और परीक्षा परिणाम पर भी असर पड़ने की आशंका है।
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वर्जन
शिक्षक काफी समय से इस कार्य में लगे हुए हैं, इससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। आगामी परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों को इस कार्य से मुक्त किया जाना चाहिए। -विजय मुदगल, प्रदेश उपाध्यक्ष, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ
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