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Faridabad News: पोर्टल दोबारा खुलने के बाद भी पीजी में 10 प्रतिशत सीटें खाली
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नौ कॉलेजों में कुल 2566 सीटें पीजी पाठ्यक्रमों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया अभी भी धीमी चल रही है। पोर्टल दोबारा खोले हुए एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन अपेक्षित संख्या में छात्र-छात्राओं ने आवेदन नहीं किया। जिले के नौ कॉलेजों में कुल 2566 सीटें पीजी पाठ्यक्रमों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें से अब तक लगभग 90 प्रतिशत सीटों पर ही दाखिले हो पाए हैं, जबकि आठ से दस प्रतिशत सीटें अभी भी खाली हैं।
पोर्टल दोबारा खोले जाने के बाद मात्र 10 से 15 नए छात्रों ने ही दाखिले के लिए आवेदन किया है। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि इस बार दाखिले न होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। एक ओर निजी विश्वविद्यालयों और अन्य राज्यों के कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, वहीं दूसरी ओर कई छात्र-छात्राएं प्रोफेशनल कोर्स और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की ओर अधिक झुकाव दिखा रहे हैं।
कॉलेज प्राचार्यों का कहाना है कि खाली सीटों को भरने के लिए विभाग को विशेष पहल करनी होगी। छात्रों को समय रहते जानकारी और मार्गदर्शन न मिलने के कारण भी दाखिले प्रभावित हो रहे हैं।
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वर्जन
उच्च जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. सुनिधि ने कहा कि यदि निर्धारित समय तक सीटें खाली रहीं, तो इन्हें भरने के लिए वैकल्पिक उपायों पर विचार किया जाएगा। फिलहाल उम्मीद जताई जा रही है कि अंतिम समय तक और अधिक छात्र आवेदन करेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में दाखिले की प्रक्रिया अभी भी धीमी चल रही है। पोर्टल दोबारा खोले हुए एक सप्ताह बीत चुका है, लेकिन अपेक्षित संख्या में छात्र-छात्राओं ने आवेदन नहीं किया। जिले के नौ कॉलेजों में कुल 2566 सीटें पीजी पाठ्यक्रमों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें से अब तक लगभग 90 प्रतिशत सीटों पर ही दाखिले हो पाए हैं, जबकि आठ से दस प्रतिशत सीटें अभी भी खाली हैं।
पोर्टल दोबारा खोले जाने के बाद मात्र 10 से 15 नए छात्रों ने ही दाखिले के लिए आवेदन किया है। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि इस बार दाखिले न होने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। एक ओर निजी विश्वविद्यालयों और अन्य राज्यों के कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, वहीं दूसरी ओर कई छात्र-छात्राएं प्रोफेशनल कोर्स और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की ओर अधिक झुकाव दिखा रहे हैं।
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कॉलेज प्राचार्यों का कहाना है कि खाली सीटों को भरने के लिए विभाग को विशेष पहल करनी होगी। छात्रों को समय रहते जानकारी और मार्गदर्शन न मिलने के कारण भी दाखिले प्रभावित हो रहे हैं।
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उच्च जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. सुनिधि ने कहा कि यदि निर्धारित समय तक सीटें खाली रहीं, तो इन्हें भरने के लिए वैकल्पिक उपायों पर विचार किया जाएगा। फिलहाल उम्मीद जताई जा रही है कि अंतिम समय तक और अधिक छात्र आवेदन करेंगे।