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चार्जशीट बनने के बाद भी नए एंगल से हो रही जांच
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बल्लभगढ़। निकिता हत्याकांड मामले की जांच अभी खत्म नहीं हुई है। मामले की चार्जशीट एसआईटी की ओर से जमा हो चुकी है। बावजूद इसके पुलिस लगातार आरोपियों व उसके संपर्क में आए लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नजर बनाए हुए है। जबरन धर्म परिवर्तन के पहलू को चार्जशीट में शामिल नहीं किया गया है। इसी एंगल पर एसआइटी गहन जांच में जुटी हुई है।
शुरुआती जांच में आरोपियों का ऐसे किसी संगठन से जुड़ाव सामने नहीं आया है, जो लड़कियों को फंसाकर जबरन धर्म परिवर्तन कराने का काम करते हैं। अब एसआईटी ने जांच का दायरा बढ़ाया है। आरोपियों व उनके दोस्तों के सोशल मीडिया पर बने फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर जैसे अकाउंट खंगाले जा रहे हैं।
कई लड़कियों संग थी आरोपियों की दोस्ती
आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट खंगालने पर कई लड़कियों से उनकी दोस्ती व बातचीत की जानकारी मिली है। फिलहाल यह पुलिस जांच का विषय है कि आरोपियों की दोस्ती किस तरह की है। आरोपियों ने कहीं अपने असली नाम बदलकर तो दोस्ती नहीं की। एसआईटी अधिकारियों के मुताबिक जबरन धर्म परिवर्तन बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है। शुरुआती जांच में कोई ठोस सबूत भी इस तरह के नही मिले हैं। यदि ऐसी कोई बात सामने आती है, तो एसआईटी सप्लीमेंट्री (पूरक) चार्जशीट पेश करेगी। इसके लिए धोखाधड़ी, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, महिला का शीलभंग जैसी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
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शुरुआती जांच में आरोपियों का ऐसे किसी संगठन से जुड़ाव सामने नहीं आया है, जो लड़कियों को फंसाकर जबरन धर्म परिवर्तन कराने का काम करते हैं। अब एसआईटी ने जांच का दायरा बढ़ाया है। आरोपियों व उनके दोस्तों के सोशल मीडिया पर बने फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर जैसे अकाउंट खंगाले जा रहे हैं।
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कई लड़कियों संग थी आरोपियों की दोस्ती
आरोपियों के सोशल मीडिया अकाउंट खंगालने पर कई लड़कियों से उनकी दोस्ती व बातचीत की जानकारी मिली है। फिलहाल यह पुलिस जांच का विषय है कि आरोपियों की दोस्ती किस तरह की है। आरोपियों ने कहीं अपने असली नाम बदलकर तो दोस्ती नहीं की। एसआईटी अधिकारियों के मुताबिक जबरन धर्म परिवर्तन बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है। शुरुआती जांच में कोई ठोस सबूत भी इस तरह के नही मिले हैं। यदि ऐसी कोई बात सामने आती है, तो एसआईटी सप्लीमेंट्री (पूरक) चार्जशीट पेश करेगी। इसके लिए धोखाधड़ी, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, महिला का शीलभंग जैसी धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
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