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Faridabad News: जासूसी कांडः जांच पूरी कर लौटीं टीमें, पांच युवकों को नोटिस
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सात साल तक मेवात क्षेत्र का दौरा करता रहा कथित एजेंट
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। मेवात क्षेत्र में कथित पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क को लेकर जांच एजेंसियों की सक्रियता शनिवार को भी जारी रही। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए), केंद्रीय खुफिया विभाग और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने संदिग्ध युवकों से पूछताछ की।
टीम ने संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की और जांच पूरी करने के बाद वापस लौट गई। पूछताछ के बाद सभी युवकों को छोड़ दिया गया। वहीं, पलवल और नूंह के पांच युवकों को आगे की जांच के लिए जम्मू-कश्मीर बुलाया गया है। इसके लिए संबंधित युवकों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित पाकिस्तानी एजेंट पहली बार साल 2017 में पलवल और नूंह क्षेत्र में आया था। कथित एजेंट मेवात क्षेत्र का दौरा अगले साल में कई बार किया। साल 2024 में वह आखिरी बार मेवात क्षेत्र का दौरा किया। जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि पिछले दो वर्षों से जिले के युवक उक्त एजेंट के सीधे संपर्क में नहीं थे। हालांकि, पुराने संपर्कों और तकनीकी साक्ष्यों को भी जांचा गया।
गौरतलब है कि केंद्रीय खुफिया विभाग की रिपोर्ट के बाद पलवल और नूंह से करीब आठ युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। पिछले छह दिनों से केंद्रीय खुफिया विभाग, जम्मू-कश्मीर पुलिस और एसटीएफ की टीमें लगातार संदिग्धों से पूछताछ कर रही थीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बहीन थाना क्षेत्र के पावसर गांव से तीन युवकों से पूछताछ की गई, जिनमें दो सगे भाई बताए जा रहे हैं। तीसरा युवक कथित पाकिस्तानी जासूस का करीबी सहयोगी बताया गया है। जिसने कथित पाकिस्तानी एजेंट को जम्मू-कश्मीर से मेवात क्षेत्र तक लाया था।
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वहीं, नूंह जिले के पांच अन्य संदिग्ध युवकों से भी पूछताछ की गई। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में गिरफ्तार एक युवक से मिली जानकारी के आधार पर की गई। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि पाकिस्तानी एजेंट ने खुद को श्रीनगर का निवासी बताकर अपनी असली पहचान छिपाई। एजेंट ने अपनी पहचान छिपाकर स्थानीय युवकों से दोस्ती की थी। एजेंसियां अब पुराने नेटवर्क, संपर्क सूत्रों और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। मेवात क्षेत्र में कथित पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क को लेकर जांच एजेंसियों की सक्रियता शनिवार को भी जारी रही। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए), केंद्रीय खुफिया विभाग और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम ने संदिग्ध युवकों से पूछताछ की।
टीम ने संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े कई लोगों से पूछताछ की और जांच पूरी करने के बाद वापस लौट गई। पूछताछ के बाद सभी युवकों को छोड़ दिया गया। वहीं, पलवल और नूंह के पांच युवकों को आगे की जांच के लिए जम्मू-कश्मीर बुलाया गया है। इसके लिए संबंधित युवकों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कथित पाकिस्तानी एजेंट पहली बार साल 2017 में पलवल और नूंह क्षेत्र में आया था। कथित एजेंट मेवात क्षेत्र का दौरा अगले साल में कई बार किया। साल 2024 में वह आखिरी बार मेवात क्षेत्र का दौरा किया। जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि पिछले दो वर्षों से जिले के युवक उक्त एजेंट के सीधे संपर्क में नहीं थे। हालांकि, पुराने संपर्कों और तकनीकी साक्ष्यों को भी जांचा गया।
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गौरतलब है कि केंद्रीय खुफिया विभाग की रिपोर्ट के बाद पलवल और नूंह से करीब आठ युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। पिछले छह दिनों से केंद्रीय खुफिया विभाग, जम्मू-कश्मीर पुलिस और एसटीएफ की टीमें लगातार संदिग्धों से पूछताछ कर रही थीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बहीन थाना क्षेत्र के पावसर गांव से तीन युवकों से पूछताछ की गई, जिनमें दो सगे भाई बताए जा रहे हैं। तीसरा युवक कथित पाकिस्तानी जासूस का करीबी सहयोगी बताया गया है। जिसने कथित पाकिस्तानी एजेंट को जम्मू-कश्मीर से मेवात क्षेत्र तक लाया था।
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वहीं, नूंह जिले के पांच अन्य संदिग्ध युवकों से भी पूछताछ की गई। यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में गिरफ्तार एक युवक से मिली जानकारी के आधार पर की गई। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि पाकिस्तानी एजेंट ने खुद को श्रीनगर का निवासी बताकर अपनी असली पहचान छिपाई। एजेंट ने अपनी पहचान छिपाकर स्थानीय युवकों से दोस्ती की थी। एजेंसियां अब पुराने नेटवर्क, संपर्क सूत्रों और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही हैं।