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Faridabad News: इंजीनियर को 4 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर 11 लाख रुपये ठगे
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मुंबई से ताइवान जाना था कुरियर, अवैध सामान बताकर ठगे पैसे
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। आदर्श नगर निवासी इंजीनियर को चार घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगों ने 11 लाख रुपये वसूल लिए। साइबर ठगों ने ड्रग ट्रैफिकिंग, मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाकर इंजीनियर को झांसे में लिया। वहीं, मुंबई साइबर क्राइम का डीसीपी बनकर युवक को जमकर धमकाया और ब्लैकमेल कर रुपये वसूल लिए। युवक ने इस संबंध में साइबर क्राइम सेल को शिकायत दी है। थाना साइबर बल्लभगढ़ पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आदर्श नगर निवासी दीन दयाल ने बताया कि वह निजी कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। 24 जुलाई को उनके पास फेडेक्स इंटरनेशनल कूरियर कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव अनूप कुमार के नाम से कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि कस्टम विभाग ने मुंबई से ताइवान जाने वाला एक कूरियर पकड़ा है। कॉल करने वाले ने धमकाया कि कूरियर उनके नाम पर है और उसमें ड्रग्स और पैसा मिला है। दीन दयाल ने अपना ऐसे कोई भी कूरियर होने से इनकार किया लेकिन साइबर ठग ने उनको कहा कि उनकी आधार आईडी का दुरुपयोग कर किसी ने उनको फंसा लिया है।
कॉल करने वाले ने इस मामले को साइबर अपराध विभाग मुंबई के समक्ष इस मुद्दे को उठाने के लिए कहा। इसके बाद इंजीनियर की कॉल साइबर क्राइम मुंबई का डीसीपी बताकर बाल सिंह राजपूत को ट्रांसफर कर दी गई। कॉल ट्रांसफर होने के बाद अधिकारी ने कहा कि वीडियो कॉल स्काइप प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। वीडियो कॉल पर आरोपी अधिकारी ने बताया कि उनकी आधार आईडी का किसी अन्य माध्यम से दुरुपयोग कर कई अवैध गतिविधियों जैसे ड्रग ट्रैफिकिंग, मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल किया हुआ है।
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आरोपियों ने उनके पास एक फर्जी एफआईआर भी भेज दी। आरोपियों ने उनको इस सबसे निकालने के लिए आरबीआई के दिशा-निर्देशों की एक फर्जी कॉपी भेजकर ठगी की भूमिका तैयार की। आरोपियों ने इस फर्जी दिशा-निर्देश में दिखाया कि अवैध लेनदेन की जांच करने के लिए खाते में पड़े पैसे का 98 प्रतिशत फंड ट्रांसफर करना होता है। ऐसे में इंजीनियर उनके झांसे में आ गए। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान आरोपियों ने चार घंटे तक इंजीनियर को डिजिटल अरेस्ट कर रखा।
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एफडी को तोड़ कर दिए पैसे
इंजीनियर दीन दयाल ने बताया कि उनके खाते में पैसे नहीं थे लेकिन उनके पास दो एफडी थीं। इंजीनियर ने दोनों एफडी को तुड़वाकर उसका पैसा अपने खाते में किया। यह करीब 11 लाख 33 हजार रुपये थे। ठगों के झांसे में आकर उन्होंने इसका 98 प्रतिशत यानी 11 लाख 11 हजार रुपये आरोपियों के खाते में आरटीजीएस कर दिए। 15 मिनट तक इंतजार करने पर पैसे वापस नहीं आए तो उन्होंने आरोपियों के पास दोबारा से स्काइप पर कॉल किया लेकिन तब तक सभी आरोपी ऑफ लाइन हो गए। उसके बाद उनको समझ में आया कि उनके साथ ठगी हो गई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। आदर्श नगर निवासी इंजीनियर को चार घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर साइबर ठगों ने 11 लाख रुपये वसूल लिए। साइबर ठगों ने ड्रग ट्रैफिकिंग, मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाकर इंजीनियर को झांसे में लिया। वहीं, मुंबई साइबर क्राइम का डीसीपी बनकर युवक को जमकर धमकाया और ब्लैकमेल कर रुपये वसूल लिए। युवक ने इस संबंध में साइबर क्राइम सेल को शिकायत दी है। थाना साइबर बल्लभगढ़ पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आदर्श नगर निवासी दीन दयाल ने बताया कि वह निजी कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। 24 जुलाई को उनके पास फेडेक्स इंटरनेशनल कूरियर कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव अनूप कुमार के नाम से कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि कस्टम विभाग ने मुंबई से ताइवान जाने वाला एक कूरियर पकड़ा है। कॉल करने वाले ने धमकाया कि कूरियर उनके नाम पर है और उसमें ड्रग्स और पैसा मिला है। दीन दयाल ने अपना ऐसे कोई भी कूरियर होने से इनकार किया लेकिन साइबर ठग ने उनको कहा कि उनकी आधार आईडी का दुरुपयोग कर किसी ने उनको फंसा लिया है।
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कॉल करने वाले ने इस मामले को साइबर अपराध विभाग मुंबई के समक्ष इस मुद्दे को उठाने के लिए कहा। इसके बाद इंजीनियर की कॉल साइबर क्राइम मुंबई का डीसीपी बताकर बाल सिंह राजपूत को ट्रांसफर कर दी गई। कॉल ट्रांसफर होने के बाद अधिकारी ने कहा कि वीडियो कॉल स्काइप प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। वीडियो कॉल पर आरोपी अधिकारी ने बताया कि उनकी आधार आईडी का किसी अन्य माध्यम से दुरुपयोग कर कई अवैध गतिविधियों जैसे ड्रग ट्रैफिकिंग, मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल किया हुआ है।
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आरोपियों ने उनके पास एक फर्जी एफआईआर भी भेज दी। आरोपियों ने उनको इस सबसे निकालने के लिए आरबीआई के दिशा-निर्देशों की एक फर्जी कॉपी भेजकर ठगी की भूमिका तैयार की। आरोपियों ने इस फर्जी दिशा-निर्देश में दिखाया कि अवैध लेनदेन की जांच करने के लिए खाते में पड़े पैसे का 98 प्रतिशत फंड ट्रांसफर करना होता है। ऐसे में इंजीनियर उनके झांसे में आ गए। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान आरोपियों ने चार घंटे तक इंजीनियर को डिजिटल अरेस्ट कर रखा।
एफडी को तोड़ कर दिए पैसे
इंजीनियर दीन दयाल ने बताया कि उनके खाते में पैसे नहीं थे लेकिन उनके पास दो एफडी थीं। इंजीनियर ने दोनों एफडी को तुड़वाकर उसका पैसा अपने खाते में किया। यह करीब 11 लाख 33 हजार रुपये थे। ठगों के झांसे में आकर उन्होंने इसका 98 प्रतिशत यानी 11 लाख 11 हजार रुपये आरोपियों के खाते में आरटीजीएस कर दिए। 15 मिनट तक इंतजार करने पर पैसे वापस नहीं आए तो उन्होंने आरोपियों के पास दोबारा से स्काइप पर कॉल किया लेकिन तब तक सभी आरोपी ऑफ लाइन हो गए। उसके बाद उनको समझ में आया कि उनके साथ ठगी हो गई है।