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Faridabad News: सोमवार से फिर हड़ताल करेंगे कर्मचारी, एफआरयू में महिलाओं की जांच प्रभावित
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। सेक्टर-3 स्थित प्रथम रेफरल यूनिट (एफआरयू) में एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को खत्म हो गई लेकिन सोमवार को कर्मचारी वेतन को लेकर दोबारा से सीएमओ कार्यालय पर हड़ताल करेंगे। इस वजह से एफआरयू में आने वाली गर्भवती महिलाओं की जांच प्रभावित हो रही है।
प्रथम रेफरल यूनिट में रोजाना करीब 250 से 300 मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। इनमें सबसे ज्यादा महिलाएं होती हैं। कुछ समय पहले सेक्टर-3 स्थित एफआरयू में मुख्य द्वार पर हुई महिला की डिलवरी के मामले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारी जीडीए सुखबीर को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। उस मामले को लेकर कर्मचारियों की ओर से पिछले करीब 13 दिनों से हड़ताल की जा रही थी। जिस पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जीडीए सुखबीर को वापस नौकरी पर रख लिया गया तो कर्मचारियों ने शनिवार को हड़ताल खत्म कर दी । जिसके चलते मरीजों को उम्मीद थी कि सोमवार से सभी महिलाओं की जांच शुरू हो जाएगी, लेकिन सोमवार को कर्मचारी दोबारा से हड़ताल पर बैठ जाएंगे। उनका कहना है कि पिछले दिनों हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का वेतन नहीं आया है। उसी मांग को लेकर सोमवार को सीएमओ कार्यालय पर हड़ताल करेंगे। जिस वजह से अभी एफआरयू में आने वाली गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सेक्टर-3 निवासी राधा का कहना है कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त या कम खर्च में मिलने वाली सुविधाएं बंद होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। खासतौर पर ग्रामीण और दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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बल्लभगढ़। सेक्टर-3 स्थित प्रथम रेफरल यूनिट (एफआरयू) में एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को खत्म हो गई लेकिन सोमवार को कर्मचारी वेतन को लेकर दोबारा से सीएमओ कार्यालय पर हड़ताल करेंगे। इस वजह से एफआरयू में आने वाली गर्भवती महिलाओं की जांच प्रभावित हो रही है।
प्रथम रेफरल यूनिट में रोजाना करीब 250 से 300 मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। इनमें सबसे ज्यादा महिलाएं होती हैं। कुछ समय पहले सेक्टर-3 स्थित एफआरयू में मुख्य द्वार पर हुई महिला की डिलवरी के मामले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारी जीडीए सुखबीर को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। उस मामले को लेकर कर्मचारियों की ओर से पिछले करीब 13 दिनों से हड़ताल की जा रही थी। जिस पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जीडीए सुखबीर को वापस नौकरी पर रख लिया गया तो कर्मचारियों ने शनिवार को हड़ताल खत्म कर दी । जिसके चलते मरीजों को उम्मीद थी कि सोमवार से सभी महिलाओं की जांच शुरू हो जाएगी, लेकिन सोमवार को कर्मचारी दोबारा से हड़ताल पर बैठ जाएंगे। उनका कहना है कि पिछले दिनों हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों का वेतन नहीं आया है। उसी मांग को लेकर सोमवार को सीएमओ कार्यालय पर हड़ताल करेंगे। जिस वजह से अभी एफआरयू में आने वाली गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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सेक्टर-3 निवासी राधा का कहना है कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त या कम खर्च में मिलने वाली सुविधाएं बंद होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। खासतौर पर ग्रामीण और दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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