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अब प्रत्येक माह आ सकता है बिजली का बिल
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फरीदाबाद। दो माह में बिजली बिल आने की समस्या से जूझ रहे शहर वासियों के लिए राहत भरी खबर है। दो माह की जगह अब हर माह बिल आ सकता है। लोगों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए बिजली निगम ने इस पर काम शुरू कर दिया है।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) की ओर से वर्तमान में सामान्य उपभोक्ताओं के लिए दो माह में बिल देने की व्यवस्था है। हर माह रीडिंग की कैटेगिरी के आधार पर उपभोक्ताओं को बिल जारी किए जाते हैं, अगर कोई उपभोक्ता हर माह 100 यूनिट इस्तेमाल करता है तो दो माह में उसे 200 यूनिट के आधार पर बिल दिया जाता है।
बिजली निगम की इस व्यवस्था में आरडब्ल्यूए और अन्य उपभोक्ताओं की कई बार शिकायत रहती है कि अगर दो माह में यूनिट 200 से एक यूनिट भी ऊपर जाती है तो उनके टैरिफ रेट में बढ़ोतरी हो जाती है, जिसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। इस बिल को ठीक करवाने में भी उपभोक्ताओं को विभाग के अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ते हैं। समय पर बिल नहीं भरने पर जुर्माना अलग भरना पड़ता है।
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उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बिजली निगम ने बिल सर्कल में बदलाव की तैयारी शुरू की है। इस संबंध में बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता प्रदीप चौहान ने कहा कि बिल सर्कल को दो माह की जगह हर माह करने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए उच्च अधिकारियों की बैठक जारी है। नए आदेश प्राप्त होने पर इन्हें लागू किया जाएगा।
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दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) की ओर से वर्तमान में सामान्य उपभोक्ताओं के लिए दो माह में बिल देने की व्यवस्था है। हर माह रीडिंग की कैटेगिरी के आधार पर उपभोक्ताओं को बिल जारी किए जाते हैं, अगर कोई उपभोक्ता हर माह 100 यूनिट इस्तेमाल करता है तो दो माह में उसे 200 यूनिट के आधार पर बिल दिया जाता है।
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बिजली निगम की इस व्यवस्था में आरडब्ल्यूए और अन्य उपभोक्ताओं की कई बार शिकायत रहती है कि अगर दो माह में यूनिट 200 से एक यूनिट भी ऊपर जाती है तो उनके टैरिफ रेट में बढ़ोतरी हो जाती है, जिसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। इस बिल को ठीक करवाने में भी उपभोक्ताओं को विभाग के अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ते हैं। समय पर बिल नहीं भरने पर जुर्माना अलग भरना पड़ता है।
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उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बिजली निगम ने बिल सर्कल में बदलाव की तैयारी शुरू की है। इस संबंध में बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता प्रदीप चौहान ने कहा कि बिल सर्कल को दो माह की जगह हर माह करने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए उच्च अधिकारियों की बैठक जारी है। नए आदेश प्राप्त होने पर इन्हें लागू किया जाएगा।