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Faridabad News: जिले में 50 से अधिक स्थानों पर दुर्गा उत्सव की शुरुआत
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नवरात्र के छठे दिन मंदिरों में मां दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा-अर्चना की गई
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शारदीय नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को शहर के मंदिरों में मां दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा-अर्चना की गई। वहीं, बंगाली समुदाय की ओर से जिले में 50 से अधिक स्थानों पर दुर्गा उत्सव की शुरुआत हुई। सेक्टर-16 कालीबाड़ी, हार्डवेयर चौक स्थित दुर्गाबाड़ी मंदिर, सेक्टर-3 और ग्रेटर फरीदाबाद की विभिन्न सोसाइटियों में भव्य पंडाल सजाए गए।
महाषष्ठी की पूजा के बाद कई पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा के मुख से पर्दा हटाया गया और श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू कराए गए। दिनभर भक्तों की भीड़ लगी रही। शाम को पुष्पांजलि कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने मां को फूल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। बंगाली परंपरा में महाषष्ठी से दुर्गा पूजा के मुख्य उत्सव की शुरुआत मानी जाती है। मान्यता है कि इसी दिन मां दुर्गा धरती पर आती हैं। उनके स्वागत के लिए पंडालों में बोधन की परंपरा निभाई जाती है। कई स्थानों पर प्रतिमा के मुख को कपड़े से ढककर रखा जाता है, जिसे विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद हटाया जाता है। इसके बाद श्रद्धालु मां के पूर्ण स्वरूप के दर्शन करते हैं। हालांकि, यह परंपरा सभी पंडालों में अनिवार्य नहीं है और अलग-अलग पूजा समितियों में इसके स्वरूप में अंतर हो सकता है।
कालीबाड़ी में बंगाली व्यंजनों के स्टॉल
सेक्टर-16 स्थित फरीदाबाद कालीबाड़ी मंदिर में सुबह 7:30 बजे षष्ठी पूजा हुई। शाम सात बजे आनंद मेले का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं ने घरों में तैयार पारंपरिक बंगाली व्यंजनों के स्टॉल लगाए। इसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमा का अनावरण कर श्रद्धालुओं को दर्शन कराए गए। कालीबाड़ी के महासचिव एके पंडित ने बताया कि शाम को बेलपत्र के पेड़ के नीचे दुर्गा पूजा कमेटी के अध्यक्ष सुप्रकाश अधिकारी ने बोधन की परंपरा निभाई। इसके बाद शाम करीब साढ़े सात बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हुए।
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दुर्गाबाड़ी में होंगे बच्चों के कार्यक्रम
हार्डवेयर चौक के पास स्थित दुर्गाबाड़ी मंदिर में भी महाषष्ठी पर धार्मिक अनुष्ठान, बोधन और पूजा-अर्चना हुई। मंदिर परिसर में विभिन्न व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए। मंदिर के महासचिव एसके दत्ता ने बताया कि उत्सव के दौरान बच्चों के लिए कविता पाठ और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। वहीं, सेक्टर-3 प्रवासी समिति के महासचिव शायोन सरकार और सेक्टर-16 प्रवासी सन्मेलनी के महासचिव तरुण साहा ने बताया कि आनंद मेले में लोग ने खूब आनंद लिया। लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर माता रानी का आशीर्वाद लिया।
सप्तमी पर होगी विशेष पूजा
एहसास फाउंडेशन के महासचिव अभिषेक पॉल ने बताया कि महाषष्ठी बंगाली समुदाय के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखती है। सेक्टर-3 प्रवासी समिति और ग्रेटर फरीदाबाद की विभिन्न सोसाइटियों में भी दुर्गा उत्सव के तहत पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। आयोजकों के अनुसार, शनिवार 17 अक्तूबर को सप्तमी पर विशेष पूजा होगी। इसके बाद अष्टमी और नवमी के आयोजनों के साथ दुर्गा पूजा की रौनक और बढ़ेगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शारदीय नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को शहर के मंदिरों में मां दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप की पूजा-अर्चना की गई। वहीं, बंगाली समुदाय की ओर से जिले में 50 से अधिक स्थानों पर दुर्गा उत्सव की शुरुआत हुई। सेक्टर-16 कालीबाड़ी, हार्डवेयर चौक स्थित दुर्गाबाड़ी मंदिर, सेक्टर-3 और ग्रेटर फरीदाबाद की विभिन्न सोसाइटियों में भव्य पंडाल सजाए गए।
महाषष्ठी की पूजा के बाद कई पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा के मुख से पर्दा हटाया गया और श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू कराए गए। दिनभर भक्तों की भीड़ लगी रही। शाम को पुष्पांजलि कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने मां को फूल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। बंगाली परंपरा में महाषष्ठी से दुर्गा पूजा के मुख्य उत्सव की शुरुआत मानी जाती है। मान्यता है कि इसी दिन मां दुर्गा धरती पर आती हैं। उनके स्वागत के लिए पंडालों में बोधन की परंपरा निभाई जाती है। कई स्थानों पर प्रतिमा के मुख को कपड़े से ढककर रखा जाता है, जिसे विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद हटाया जाता है। इसके बाद श्रद्धालु मां के पूर्ण स्वरूप के दर्शन करते हैं। हालांकि, यह परंपरा सभी पंडालों में अनिवार्य नहीं है और अलग-अलग पूजा समितियों में इसके स्वरूप में अंतर हो सकता है।
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कालीबाड़ी में बंगाली व्यंजनों के स्टॉल
सेक्टर-16 स्थित फरीदाबाद कालीबाड़ी मंदिर में सुबह 7:30 बजे षष्ठी पूजा हुई। शाम सात बजे आनंद मेले का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं ने घरों में तैयार पारंपरिक बंगाली व्यंजनों के स्टॉल लगाए। इसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमा का अनावरण कर श्रद्धालुओं को दर्शन कराए गए। कालीबाड़ी के महासचिव एके पंडित ने बताया कि शाम को बेलपत्र के पेड़ के नीचे दुर्गा पूजा कमेटी के अध्यक्ष सुप्रकाश अधिकारी ने बोधन की परंपरा निभाई। इसके बाद शाम करीब साढ़े सात बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हुए।
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दुर्गाबाड़ी में होंगे बच्चों के कार्यक्रम
हार्डवेयर चौक के पास स्थित दुर्गाबाड़ी मंदिर में भी महाषष्ठी पर धार्मिक अनुष्ठान, बोधन और पूजा-अर्चना हुई। मंदिर परिसर में विभिन्न व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए। मंदिर के महासचिव एसके दत्ता ने बताया कि उत्सव के दौरान बच्चों के लिए कविता पाठ और चित्रकला प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। वहीं, सेक्टर-3 प्रवासी समिति के महासचिव शायोन सरकार और सेक्टर-16 प्रवासी सन्मेलनी के महासचिव तरुण साहा ने बताया कि आनंद मेले में लोग ने खूब आनंद लिया। लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर माता रानी का आशीर्वाद लिया।
सप्तमी पर होगी विशेष पूजा
एहसास फाउंडेशन के महासचिव अभिषेक पॉल ने बताया कि महाषष्ठी बंगाली समुदाय के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखती है। सेक्टर-3 प्रवासी समिति और ग्रेटर फरीदाबाद की विभिन्न सोसाइटियों में भी दुर्गा उत्सव के तहत पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। आयोजकों के अनुसार, शनिवार 17 अक्तूबर को सप्तमी पर विशेष पूजा होगी। इसके बाद अष्टमी और नवमी के आयोजनों के साथ दुर्गा पूजा की रौनक और बढ़ेगी।