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Faridabad News: एनआईटी क्षेत्र में जलनिकासी व्यवस्था होगी मजबूत
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1800 एमएम आरसीसी पाइपलाइन का काम पूरा, एसी नगर नाले की चल रही सफाई, अगले महीने 500 मीटर लाइन बिछाने की तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बारिश के दौरान जलभराव से जूझने वाले एनआईटी क्षेत्र में अब जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने नीलम चौक से बाटा चौक तक 1800 एमएम डायमीटर की आरसीसी ड्रेनेज पाइपलाइन का निर्माण पूरा कर लिया है। वहीं एसी नगर नाले की करीब 80 फीसदी सफाई का काम भी पूरा हो चुका है। अब नीलम-बाटा रोड के जलभराव वाले हिस्से से एसी नगर नाले तक करीब 500 मीटर लंबी नई ड्रेनेज लाइन बिछाने की तैयारी है। इसका काम अगले महीने शुरू होने की उम्मीद है।
एफएमडीए के अधिकारियों के अनुसार नई ड्रेनेज व्यवस्था का उद्देश्य बारिश के पानी की निकासी की क्षमता बढ़ाना और मौजूदा सिस्टम में बने बॉटलनेक को दूर करना है। वर्तमान में कई जगह नाले जाम होने और उनकी क्षमता सीमित होने के कारण तेज बारिश के दौरान पानी की निकासी प्रभावित होती है। इसका सबसे ज्यादा असर नीलम-बाटा रोड और आसपास के क्षेत्रों में दिखाई देता है। नई पाइपलाइन के जरिये सड़क पर जमा बरसाती पानी को सीधे एसी नगर नाले तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
संप वेल और हाई-पावर पंपिंग सिस्टम भी लगेगा-
जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए एफएमडीए यहां आधुनिक संप वेल और हाई-पावर पंपिंग सिस्टम भी लगाने की योजना पर काम कर रहा है। बारिश के दौरान सड़क और आसपास जमा पानी को पंप के माध्यम से तेजी से मुख्य नाले तक पहुंचाया जाएगा। इससे पानी लंबे समय तक सड़क पर जमा नहीं रहेगा। फिलहाल बारिश के दौरान जलभराव हटाने के लिए यहां दो पंपिंग सेट लगाए जाते हैं, लेकिन पानी की निकासी में समय लगने के कारण सड़क पर काफी देर तक पानी जमा रहता है।
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बाटा चौक के आसपास सबसे ज्यादा परेशानी
नीलम-बाटा रोड पर बाटा चौक के आसपास नाला ओवरफ्लो होने से बारिश के समय सड़क जलमग्न हो जाती है। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ राहगीरों को भी परेशानी होती है। बच्चों को भी कई बार गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। नई ड्रेनेज लाइन, नाले की सफाई और पंपिंग सिस्टम तैयार होने के बाद एनआईटी-1, 2, 3, 4 और 5 में जलभराव की समस्या खत्म होने की उम्मीद है।
जलनिकासी के बाद बनेगी मास्टर रोड
एफएमडीए नीलम-बाटा रोड को मास्टर रोड के रूप में विकसित करने की योजना पर भी काम कर रहा है। पहले जलभराव की समस्या का समाधान किया जाएगा, इसके बाद सड़क का विकास किया जाएगा। प्रस्तावित मास्टर रोड में फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, ग्रीन बेल्ट और भूमिगत यूटिलिटी डक्ट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे सड़क की क्षमता बढ़ने के साथ पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
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वर्जन-
एनआईटी क्षेत्र को जलभराव से राहत दिलाने के लिए योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। परियोजना अंतिम चरण में है। ड्रेनेज व्यवस्था मजबूत होने के बाद लोगों को बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।- ओमदत्त, कार्यकारी अभियंता, एफएमडीए
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। बारिश के दौरान जलभराव से जूझने वाले एनआईटी क्षेत्र में अब जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने नीलम चौक से बाटा चौक तक 1800 एमएम डायमीटर की आरसीसी ड्रेनेज पाइपलाइन का निर्माण पूरा कर लिया है। वहीं एसी नगर नाले की करीब 80 फीसदी सफाई का काम भी पूरा हो चुका है। अब नीलम-बाटा रोड के जलभराव वाले हिस्से से एसी नगर नाले तक करीब 500 मीटर लंबी नई ड्रेनेज लाइन बिछाने की तैयारी है। इसका काम अगले महीने शुरू होने की उम्मीद है।
एफएमडीए के अधिकारियों के अनुसार नई ड्रेनेज व्यवस्था का उद्देश्य बारिश के पानी की निकासी की क्षमता बढ़ाना और मौजूदा सिस्टम में बने बॉटलनेक को दूर करना है। वर्तमान में कई जगह नाले जाम होने और उनकी क्षमता सीमित होने के कारण तेज बारिश के दौरान पानी की निकासी प्रभावित होती है। इसका सबसे ज्यादा असर नीलम-बाटा रोड और आसपास के क्षेत्रों में दिखाई देता है। नई पाइपलाइन के जरिये सड़क पर जमा बरसाती पानी को सीधे एसी नगर नाले तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
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संप वेल और हाई-पावर पंपिंग सिस्टम भी लगेगा-
जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए एफएमडीए यहां आधुनिक संप वेल और हाई-पावर पंपिंग सिस्टम भी लगाने की योजना पर काम कर रहा है। बारिश के दौरान सड़क और आसपास जमा पानी को पंप के माध्यम से तेजी से मुख्य नाले तक पहुंचाया जाएगा। इससे पानी लंबे समय तक सड़क पर जमा नहीं रहेगा। फिलहाल बारिश के दौरान जलभराव हटाने के लिए यहां दो पंपिंग सेट लगाए जाते हैं, लेकिन पानी की निकासी में समय लगने के कारण सड़क पर काफी देर तक पानी जमा रहता है।
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बाटा चौक के आसपास सबसे ज्यादा परेशानी
नीलम-बाटा रोड पर बाटा चौक के आसपास नाला ओवरफ्लो होने से बारिश के समय सड़क जलमग्न हो जाती है। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ राहगीरों को भी परेशानी होती है। बच्चों को भी कई बार गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। नई ड्रेनेज लाइन, नाले की सफाई और पंपिंग सिस्टम तैयार होने के बाद एनआईटी-1, 2, 3, 4 और 5 में जलभराव की समस्या खत्म होने की उम्मीद है।
जलनिकासी के बाद बनेगी मास्टर रोड
एफएमडीए नीलम-बाटा रोड को मास्टर रोड के रूप में विकसित करने की योजना पर भी काम कर रहा है। पहले जलभराव की समस्या का समाधान किया जाएगा, इसके बाद सड़क का विकास किया जाएगा। प्रस्तावित मास्टर रोड में फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, ग्रीन बेल्ट और भूमिगत यूटिलिटी डक्ट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे सड़क की क्षमता बढ़ने के साथ पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
वर्जन-
एनआईटी क्षेत्र को जलभराव से राहत दिलाने के लिए योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। परियोजना अंतिम चरण में है। ड्रेनेज व्यवस्था मजबूत होने के बाद लोगों को बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।- ओमदत्त, कार्यकारी अभियंता, एफएमडीए