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Faridabad News: शहर के कॉलेजों में नहीं आया नंबर तो न हों परेशान, ग्रामीण कॉलेजों में हैं दाखिले के अच्छे विकल्प
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कई कॉलेजों में रह जाती हैं सीटें खाली, मिल सकता है मनचाहा कोर्स
काजल कुमारी
फरीदाबाद। शहर के प्रमुख कॉलेजों की मेरिट लिस्ट में नाम नहीं आया है या नंबर कम रहने के कारण दाखिला नहीं मिल पाया है, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कई कॉलेज जैसे कि राजकीय महाविद्यालय खेड़ी गुजरान, राजकीय कन्या महाविद्यालय नौचली, राजकीय महाविद्यालय तिगांव, राजकीय महाविद्यालय सेक्टर-23 और पीटी एलआर जहां पर अभी भी सीटें उपलब्ध हैं और छात्र मनचाहा कोर्स चुन सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में आने के कारण इन कॉलेजों में शहरी कॉलेज के मुताबिक 5 से 10 प्रतिशत तक कटऑफ कम जाती है। वहीं, छात्रों का दबाव अपेक्षाकृत कम रहता है, जिससे इन संस्थानों में पढ़ाई का बेहतर माहौल बना रहता है। यहां योग्य स्टाफ, जरूरी सुविधाएं और विषयों की विविधता भी उपलब्ध है।
इन पांच ग्रामीण कॉलेज में सबसे कम गई हैं कटऑफ
कॉलेज-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- कटऑफ प्रतिशत
राजकीय महाविद्यालय खेड़ी गुजरान-- -- 71.04 प्रतिशत
राजकीय महाविद्यालय सेक्टर-23-- -- -70 प्रतिशत
राजकीय कन्या महाविद्यालय नौचली-- - 68 से 70 प्रतिशत तक
राजकीय महाविद्यालय तिगांव-- -- 69 से 72 प्रतिशत तक
पीटी एलआर-- -- -- -- - 71 प्रतिशत
इन कॉलेजों में बीए, बीकॉम, बीएससी, बीसीए जैसे सामान्य और व्यावसायिक कोर्सेस में दाखिले की सुविधा है। ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के लिए यह एक अच्छा अवसर है कि वे कम प्रतिस्पर्धा वाले वातावरण में उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। उच्चतर शिक्षा विभाग भी छात्रों को ग्रामीण कॉलेजों के विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है, ताकि सभी को उच्च शिक्षा का समान अवसर मिल सके। इच्छुक छात्र निर्धारित समय सीमा के भीतर इन कॉलेजों में आवेदन कर सकते हैं।
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ग्रामीण क्षेत्र के कॉलेजों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुभवी स्टाफ और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं। शहर के कॉलेजों में मेरिट हाई जाने से कई छात्रों को दाखिला नहीं मिल पाता, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के कॉलेजों में पर्याप्त सीटें होती हैं। छात्र वहां दाखिला लेकर अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं। विद्यार्थियों की संख्या कम होने की वजह शिक्षक व्यक्तिगत रूप से भी छात्रों पर ध्यान देते हैं।
-डॉ. सुनील शर्मा, नोडल अधिकारी, राजकीय महाविद्यालय खेड़ी गुजरान
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काजल कुमारी
फरीदाबाद। शहर के प्रमुख कॉलेजों की मेरिट लिस्ट में नाम नहीं आया है या नंबर कम रहने के कारण दाखिला नहीं मिल पाया है, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कई कॉलेज जैसे कि राजकीय महाविद्यालय खेड़ी गुजरान, राजकीय कन्या महाविद्यालय नौचली, राजकीय महाविद्यालय तिगांव, राजकीय महाविद्यालय सेक्टर-23 और पीटी एलआर जहां पर अभी भी सीटें उपलब्ध हैं और छात्र मनचाहा कोर्स चुन सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में आने के कारण इन कॉलेजों में शहरी कॉलेज के मुताबिक 5 से 10 प्रतिशत तक कटऑफ कम जाती है। वहीं, छात्रों का दबाव अपेक्षाकृत कम रहता है, जिससे इन संस्थानों में पढ़ाई का बेहतर माहौल बना रहता है। यहां योग्य स्टाफ, जरूरी सुविधाएं और विषयों की विविधता भी उपलब्ध है।
इन पांच ग्रामीण कॉलेज में सबसे कम गई हैं कटऑफ
कॉलेज
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राजकीय महाविद्यालय खेड़ी गुजरान
राजकीय महाविद्यालय सेक्टर-23
राजकीय कन्या महाविद्यालय नौचली
राजकीय महाविद्यालय तिगांव
पीटी एलआर
इन कॉलेजों में बीए, बीकॉम, बीएससी, बीसीए जैसे सामान्य और व्यावसायिक कोर्सेस में दाखिले की सुविधा है। ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के लिए यह एक अच्छा अवसर है कि वे कम प्रतिस्पर्धा वाले वातावरण में उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें। उच्चतर शिक्षा विभाग भी छात्रों को ग्रामीण कॉलेजों के विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है, ताकि सभी को उच्च शिक्षा का समान अवसर मिल सके। इच्छुक छात्र निर्धारित समय सीमा के भीतर इन कॉलेजों में आवेदन कर सकते हैं।
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ग्रामीण क्षेत्र के कॉलेजों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुभवी स्टाफ और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं। शहर के कॉलेजों में मेरिट हाई जाने से कई छात्रों को दाखिला नहीं मिल पाता, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के कॉलेजों में पर्याप्त सीटें होती हैं। छात्र वहां दाखिला लेकर अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं। विद्यार्थियों की संख्या कम होने की वजह शिक्षक व्यक्तिगत रूप से भी छात्रों पर ध्यान देते हैं।
-डॉ. सुनील शर्मा, नोडल अधिकारी, राजकीय महाविद्यालय खेड़ी गुजरान